
देवघर // वसंत पंचमी मेला को लेकर बाबा नगरी में बाबा बैद्यनाथ के तिलकहरूवों का आना आरंभ हो गया है। 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन तिलक हरूओं के द्वारा बाबा बैद्यनाथ का तिलक किया जाएगा। बाबा को तिलक करने के पश्चात मिथिला वासी अपने परिजनों के साथ होली की शुरूआत करेंगे। बसंत पंचमी को लेकर मोटे-मोटे कांवर के साथ बाबा के तिलकहरूए बाबा नगरी पहुंचने लगे हैं। बाबा मंदिर में कांवरियों का जमावड़ा लगने लगा है। बसंत पंचमी के दिन मिथिला वासियों के द्वारा बाबा बैद्यनाथ का तिलक किया जाएगा। वहीं मंदिर स्टेट के द्वारा भी बाबा बैजनाथ का तिलक किया जाएगा और इसके 25 दिन बाद महाशिवरात्रि के दिन बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती का विवाह संपन्न कराया जाएगा। बसंत पंचमी मेला के बारे में मान्यता है की मां पार्वती मिथिला की बेटी होने के कारण समस्त मिथिला वासी अपने आप को माता पार्वती का भाई और बाबा बैद्यनाथ का साला मानते हैं और इस कारण प्राचीन काल से ही मिथिला वासी मिथिला नगरी से बसंत पंचमी मेला के दौरान सुल्तानगंज से जल भरकर पैदल बाबा धाम पहुंचते हैं और तीन से चार दिनों तक यहां खुले आसमान के नीचे रहकर भजन कीर्तन करते हुए बसंत पंचमी के दिन बाबा बैद्यनाथ की पूजा अर्चना के पश्चात बाबा बैद्यनाथ को अबीर चढ़कर उनका तिलक करते हैं।
