झारखंड की आवाज

बासुकीनाथ के युवाओं ने सांसद और मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार- Bkd News Jharkhand -

बासुकीनाथ के युवाओं ने सांसद और मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार- Bkd News Jharkhand

Dumka Basukinath Temple झारखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बासुकीनाथ धाम में इस वक्त विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला चल रही है ऐसे में श्रद्धालुओं को बासुकीनाथ मंदिर प्रांगण में आने नहीं दी जा रहा है जिस वजह से यहां के स्थानीय पंडा समाज के युवाओं को लगातार आर्थिक नुकसान पहुंच रही है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
1002954264

युवाओं का कहना है कि हम लोग सावन के महीने में का इंतजार करते हैं ताकि अच्छी आमदनी हो और अपने घर परिवार का अच्छे से भरण पोषण कर सके मगर इस बार की प्रशासनिक व्यवस्था के कारण हम सभी को आर्थिक क्षति पहुंची है युवाओं का कहना है कि सावन के महीने में जो भी हम लोग कमाते हैं अगर पिछला कोई ऋण या उधर होता है उसे भी चुकाते हैं। कोई बीमार हो घर में तो इन्हीं जमे हुए पैसे से बेहतर इलाज करवाते हैं और साल भर इसी पैसे से अपनी जरूरत का सामान लेते हैं और परिवार का भरण पोषण करते हैं मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं होने के बाद भी प्रशासन द्वारा बैरिकेड किया जाता है जिस वजह से श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में नहीं आ पाते हैं और हम सभी दुकानदारों को आर्थिक नुकशान पहुंचती है। कम से कम कुछ घंटे के लिए ही सही श्रद्धालुओं को मंदिर प्रांगण में आने दिया जाए ताकि हम लोगों को आर्थिक नुकसान न पहुंचे ।

1002954279

पंडा समाज के युवाओं का कहना है कि हम लोगों ने कई बार अधिकारियों को अपनी समस्या की जानकारी दी मगर उन्होंने दिया तो सिर्फ और सिर्फ आश्वासन सावन के कई दिन बीत चुके हैं और सावन अंतिम चरण में है मगर अब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इसलिए आज हम लोग बहुत ही ज्यादा उम्मीद से सांसद निशिकांत दुबे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपनी समस्याओं का समाधान के लिए गुहार लगा रहे हैं।

हम लोगों का जीविका का एकमात्र स्रोत बासुकीनाथ मंदिर ही है

युवाओं का कहना है कि आधे घंटे या 1 घंटे के लिए भीड़ को छोड़ा जाए ताकि हम लोगों के दुकान तक कावड़िया पहुँच सके और फिर भीड़ अधिक हो जाए तो 1 घंटे के लिए बैरिकेड कर दिया जाए और ऐसा प्रक्रिया को बार-बार किया जाएगा तो हम लोगो को आर्थिक नुकशान भी नहीं पहुंचेगी और प्रशासन को भी समस्या नहीं होगी मगर हम लोगों की गुहार कोई नहीं सुन रहा.. हम लोगों का जीविका का एकमात्र स्रोत बासुकीनाथ मंदिर ही है और ऐसे में हम लोगों के साथ इंसाफ नहीं किया जा रहा है आखिर हम लोग कहां जाएंगे हम लोगों के पास आमदनी का और दूसरा कोई स्रोत नहीं है..

Leave a Reply