जामताड़ा कोर्ट। पत्नी की हत्या के मामले में सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत में सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई हुई। अदालत ने बिंदापाथर थाना क्षेत्र के पालाजोरी गांव निवासी पति मुकेश टुडू को दोषी पाते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामले के अनुसार, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी जीव लाल हेंब्रम ने अपनी पुत्री गायत्री हेंब्रम की शादी पालाजोरी गांव निवासी मुकेश टुडू के साथ की थी। आरोप था कि शादी के बाद पति मुकेश टुडू, सास रश्मोनी मुर्मू और ससुर बाबू धन टुडू द्वारा गायत्री को प्रताड़ित किया जाता था।
चार मई 2026 की दोपहर करीब एक बजे जीव लाल हेंब्रम को सूचना मिली कि उनकी पुत्री को गमछे से बांधकर पलाश के पेड़ से लटका दिया गया है। सूचना मिलने के बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे, जहां गायत्री पेड़ से लटकी मिली।
घटना को लेकर मृतका के पिता ने बिंदापाथर थाना में कांड संख्या 17/2026 दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मुकेश टुडू को दोषी पाते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में आरोपित को जेल भेज दिया गया।
