देवघर पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, आईटी एक्ट की कई धाराओं में दोषी करार
देवघर // नाबालिग की अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में देवघर की पोक्सो अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए चार वर्ष की सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय-सह-विशेष पोक्सो न्यायाधीश आर.के. सिन्हा की अदालत ने सुनाया।
आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा
अदालत ने गिरीडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के परोसती गांव निवासी सिकन्दर सिंह को आईटी एक्ट की धारा 67B के तहत चार वर्ष की सश्रम कारावास और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा न्यायालय ने अभियुक्त को आईटी एक्ट की धारा 66E के तहत दो वर्ष की कैद और ₹50,000 जुर्माना तथा धारा 67 के तहत दो वर्ष की कैद और ₹50,000 जुर्माने की सजा भी सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
2025 में दर्ज हुआ था साइबर थाना में कांड
मामले में 11 सितंबर 2025 को नाबालिग की अश्लील तस्वीर वायरल करने के आरोप में साइबर थाना कांड संख्या 127/2025 दर्ज किया गया था। पुलिस अनुसंधान के बाद 7 नवंबर 2025 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
छह गवाहों ने किया आरोपों का समर्थन
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह प्रस्तुत किए गए। सभी गवाहों ने अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
साइबर अपराध और बाल सुरक्षा पर कड़ा संदेश
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों की निजता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। यह फैसला साइबर माध्यमों से अश्लील सामग्री प्रसारित करने वालों के लिए कड़ा संदेश है।
