देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पांच संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर फर्जी कस्टमर केयर, बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोप है।
देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वरीय पुलिस उपाधीक्षक साइबर अपराध कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 22 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की गई।
फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी Flipkart, Amazon Pay, Google Pay, PhonePe और Paytm जैसी सेवाओं के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके अलावा Airtel Payment Bank से जुड़े अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को झांसे में लेने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को कैशबैक दिलाने, खाते या बैंकिंग सेवा से जुड़ी समस्या दूर करने तथा अन्य सहायता के नाम पर विश्वास में लेते थे और इसके बाद ठगी की प्रक्रिया को अंजाम देते थे।
APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेने का आरोप
जांच में पुलिस ने आरोपियों की कथित ठगी की एक अन्य कार्यप्रणाली का भी खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा PM-Kisan योजना, बिजली बिल और RTO चालान आदि के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजी जाती थी। इस फाइल के जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल कर साइबर ठगी करने का आरोप है।
इसके अलावा फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर ग्राहकों को Airtel Thanks App के माध्यम से फर्जी लिंक भेजने तथा Airtel Payment Bank कार्ड को बंद या दोबारा चालू कराने के नाम पर ठगी करने की बात भी पुलिस ने बताई है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—
- कुर्बान अंसारी, उम्र करीब 29 वर्ष, पिता हासन मियां, थाना करौं क्षेत्र।
- इस्लाम अंसारी, उम्र करीब 34 वर्ष, पिता हासन मियां, थाना करौं क्षेत्र।
- रूपेश कुमार मंडल, उम्र करीब 18 वर्ष, पिता बाबूलाल मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।
- महेंद्र मंडल, उम्र करीब 32 वर्ष, पिता जगदीश मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।
- सुरेश कुमार, उम्र करीब 32 वर्ष, पिता गिरजा मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।
पुलिस के अनुसार सभी आरोपी देवघर जिले के रहने वाले हैं।
7 मोबाइल और 6 सिम बरामद
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, तकनीकी जांच के बाद पकड़े गए आरोपियों के पास से पूर्व में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़े साक्ष्य मिलने की संभावना है। साथ ही विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों के साथ भी इनके कनेक्शन की जांच की जा रही है।
देवघर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, APK फाइल या कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें और बैंकिंग अथवा सरकारी योजना से संबंधित जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।
