नई दिल्ली // दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि भारत मंडपम में एआई समिट में 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराए। जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास रवि ने ये आदेश दिया।

चिब ने इस मामले में दर्ज एफआईआर उपलब्ध कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि ये मामला संवेदनशील है इसलिए एफआईआर उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि महज ये कहना कि मामला संवेदनशील है, एफआईआर उपलब्ध कराने के अधिकार से मना नहीं किया जा सकता है। अपराध की प्रकृति की पड़ताल होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पव्रदर्शन एक सांकेतित प्रदर्शन था और ये कोई आतंकी कार्रवाई नहीं थी। ऐसे में एफआईआर को उपलब्ध नहीं कराना संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 का उल्लंघन है।
उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने आज ही चिब को को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। दिल्ली पुलिस ने चिब को कोर्ट में पेश किया था और सात दिनों की हिरासत की मांग की थी। दिल्ली पुलिस ने कहा कि चिब ने इस प्रदर्ज़िशन की साजिश रची और प्रदर्शन करने वालों को लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराए।
यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि केस की जांच के लिए 7 दिन की हिरासत की जरूरत है। इसके पहले 21 फरवरी को कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। आरोपितों को 20 फरवरी को दोपहर में प्रगति मैदान के भारत मंडपम में प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने जिन चार यूथ कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था उनमें कृष्णा हरि, कुंदन यादव , अजय कुमार और नरसिम्हा यादव शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इनकी गिरफ्तारी के पहले पुलिस से हाथापाई भी हुई, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
