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बंगला सावन, नागपंचमी और तीसरी सोमवारी का संगम, बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब -

बंगला सावन, नागपंचमी और तीसरी सोमवारी का संगम, बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तीसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर आस्था के महासागर में बदल गई है। बंगला सावन की आखरी सोमवारी और नागपंचमी के विशेष संयोग के कारण बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं और कांवरियों का उत्साह चरम पर है।

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आधी रात से ही कांवरियों की लंबी कतारें नंदन पहाड़ तक पहुंच गईं और पूरा बाबाधाम हर-हर महादेव एवं बोल-बम के जयघोष से गूंज उठा।

रात एक बजे ही नंदन पहाड़ तक पहुंची कतार

जिला प्रशासन के अनुसार, तीसरी सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गई कि रात्रि करीब 1 बजे ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ तक पहुंच चुकी थी। इसके बाद भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा।

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कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर हजारों कांवरिये पैदल देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं।

बंगला सावन में सोमवारी का विशेष महत्व

बंगला परंपरा में सावन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सावन की सोमवारी को भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसे में बंगला सावन की आखरी सोमवारी पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है।

बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर श्रद्धालु सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही भक्ति का माहौल बना हुआ है।

नागपंचमी ने बढ़ाया पर्व का धार्मिक महत्व

तीसरी सोमवारी के साथ नागपंचमी का पर्व भी होने के कारण आज का दिन शिवभक्तों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। सनातन परंपरा में नागों का भगवान शिव से गहरा संबंध माना जाता है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान रहते हैं, इसलिए नागपंचमी के अवसर पर शिव आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।

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नागपंचमी और सोमवारी के इस धार्मिक अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है। मंदिर परिसर में बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

एक दिन पहले 2.32 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

राजकीय श्रावणी मेला के 18वें दिन यानी 16 अगस्त 2026 को भी बाबा बैद्यनाथ पर श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में जलार्पण किया। सुबह 4:13 बजे से जलार्पण शुरू हुआ और कुल 2,32,147 श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल चढ़ाया।इनमें 1,07,353 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा और 1,24,794 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से जलार्पण किया।

तीसरी सोमवारी पर इससे भी अधिक श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने से बाबाधाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुचारू जलार्पण को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

बंगला सावन की अंतिम सोमवारी, नागपंचमी और बाबा बैद्यनाथ की नगरी—इन तीनों के धार्मिक महत्व ने आज देवघर को आस्था के सबसे बड़े केंद्र में बदल दिया है। चारों ओर गूंज रहा है—हर-हर महादेव… बोल-बम!

4 thoughts on “बंगला सावन, नागपंचमी और तीसरी सोमवारी का संगम, बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब”

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