रांची // मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सामने आ रही उम्र और दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियों को लेकर निर्वाचन विभाग ने जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदाताओं से संबंधित दस्तावेजों और दर्ज उम्र का आवश्यक रूप से मिलान किया जाए, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई मामलों में मतदाताओं की उम्र, पारिवारिक संबंध और उपलब्ध दस्तावेजों में अंतर सामने आने की बात कही गई है। कुछ मामलों में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच दर्ज उम्र में असामान्य अंतर भी पाया गया है। वहीं, कुछ दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और मतदाता सूची में उपलब्ध विवरण के बीच भी विसंगतियां सामने आई हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की तथ्यात्मक जांच करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसी एक दस्तावेज के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय उपलब्ध प्रमाणों की समुचित जांच की जाए।
गलत या अप्रामाणिक दस्तावेजों की भी होगी जांच
SIR के दौरान यदि किसी मतदाता के दस्तावेज गलत, अपूर्ण अथवा संदिग्ध पाए जाते हैं, तो उनकी भी जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आवश्यक प्रमाण उपलब्ध होने के बाद ही मतदाता सूची में किसी प्रकार का सुधार या परिवर्तन किया जाए।उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना चाहिए और किसी भी वास्तविक मतदाता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, गलत तरीके से दर्ज नाम या अप्रामाणिक जानकारी को भी जांच के बाद नियमानुसार दुरुस्त किया जाना जरूरी है।
परिवार के सदस्यों की उम्र में असामान्य अंतर पर विशेष ध्यान
जांच के दौरान ऐसे मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, जहां एक ही परिवार के सदस्यों की उम्र में असामान्य अंतर दिखाई देता है। अधिकारियों को संबंधित मतदाता और परिवार से आवश्यक जानकारी लेकर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है।
के. रविकुमार ने अधिकारियों से कहा कि SIR की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक आपत्ति और विसंगति का समाधान नियमों के अनुरूप किया जाए। जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए, ताकि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रह सके।
पारदर्शिता के साथ पूरा होगा पुनरीक्षण
निर्वाचन विभाग का जोर इस बात पर है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रमाण आधारित हो। अधिकारियों को मतदाताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच सावधानी से करने तथा आवश्यक होने पर अतिरिक्त प्रमाण प्राप्त करने को कहा गया है।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाना है। ऐसे में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्र नागरिकों के नाम दर्ज करने के साथ-साथ मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों का भी नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
