फर्जी कस्टमर केयर और Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर करते थे ठगी
देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फर्जी Google Pay, PhonePe और PayTM कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का झांसा देते थे। इसके अलावा Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को ठगी का शिकार बनाने का आरोप है।
देवघर पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भापुसे) के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत 21 अगस्त 2026 को पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में छापेमारी की गई। पुलिस को देवघर जिले के पथरडडा ओपी क्षेत्र से साइबर ठगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- संजीत कुमार दास, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता प्रमोद महरा, निवासी चोरमारा।
- सरोज कुमार दास, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता हरिकिशोर दास, निवासी चोरमारा।
- नितेश कुमार दास, उम्र करीब 22 वर्ष, पिता हरिकिशोर दास, निवासी चोरमारा।
- मुन्ना कुमार दास, उम्र करीब 33 वर्ष, पिता कारू दास, निवासी रंगामटिया, थाना सारठ (पथरडडा ओपी)।
- शिवनंदन कुमार, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता सिकंदर महरा, निवासी पिपरा।
- अनवर अंसारी, उम्र करीब 20 वर्ष, पिता अनाउल मियां, निवासी रंगा, थाना पाथरोल।
सभी आरोपी देवघर जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की ठगी की कार्यशैली में कई तरीके शामिल थे। आरोपी फर्जी Google Pay, PhonePe और PayTM कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का झांसा देते थे।
इसके अलावा PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO Challan के नाम पर APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
आरोपियों पर फर्जी Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को झांसे में लेने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, Airtel Thanks ऐप के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बंद होने की बात कहकर तथा आम सहायता के नाम पर कार्ड दोबारा चालू कराने का झांसा देकर ठगी की जाती थी।
12 मोबाइल और 13 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों की तकनीकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में इन नंबरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें मिलने की बात सामने आई है।
दो आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
प्रेस नोट के अनुसार संजीत कुमार दास और सरोज कुमार दास पर पूर्व में भी साइबर थाना देवघर में मामले दर्ज हैं। पुलिस इन आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
कार्रवाई में साइबर थाना देवघर के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों के साथ पथरडडा ओपी और पाथरोल थाना की टीम भी शामिल रही।
देवघर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा कस्टमर केयर, बैंक अधिकारी, कैशबैक, सरकारी योजना, बिजली बिल या चालान के नाम पर भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें और किसी को भी मोबाइल या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
