गोड्डा // शनिवार को देवघर के पत्रकार चमन कुमार के घर में इनकम टैक्स विभाग की और से की गई छापेमारी को लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोटने का जो घिनौना खेल खेला किया जा रहा है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम है।
गोड्डा सांसद के इसारे पर हो रही है कार्यवाही
प्रदीप यादव ने आगे कहा कि गोड्डा सांसद के इशारे पर जिस तरह से सच उजागर करने वाले देवघर के एक निर्भीक स्थानीय पत्रकार चमन कुमार को निशाना बनाया गया है, उसने साफ़ कर दिया है कि सत्ता के अहंकार में चूर लोग अब अपनी कमियां सुनने की क्षमता पूरी तरह खो चुके हैं।
पूरा मामला जनता के सामने है। पत्रकार चमन कुमार ने अपने समाचार पत्र की रिपोर्ट के जरिए सांसद की बहुप्रचारित ‘नमो सेवा एम्बुलेंस’ योजना की जमीनी हकीकत उजागर की थी। इस ‘खटारा’ योजना की पोल खोलना उस पत्रकार का धर्म था, क्योंकि यह जनता के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा मामला था।
सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके सच की आवाज को दबाने का प्रयास
आगे कहा कि एंबुलेंस सेवा की सच सामने आते ही सांसद महोदय का तानाशाही रवैया खुलकर सामने आ गया। अपनी नाकामियों को सुधारने के बजाय, प्रतिशोध की भावना से ग्रसित होकर महज कुछ ही दिनों के भीतर पत्रकार चमन कुमार के घर पर केंद्रीय जांच एजेंसी (IT) की रेड डलवा दी गई, यह सीधे तौर पर सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके सच की आवाज को दबाने और पूरे क्षेत्र के मीडिया जगत में डर का माहौल पैदा करने की एक कायराना कोशिश है।
भ्रष्टाचार करने वाले महफूज हैं और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार पर शिकंजा
कायदे से और न्याय की नजर से देखा जाए तो आयकर विभाग की यह छापामारी उस घटिया एम्बुलेंस के प्रोवाइडर और वेंडर के ठिकानों पर होनी चाहिए थी, जिसने जनता की जान को जोखिम में डालकर ऐसी खटारा गाड़ियां सप्लाई की। जांच इस बात की होनी चाहिए थी कि सात दिन में जलने वाली गाड़ियों को बिना उचित जांच के सड़क पर कैसे उतार दिया गया? लेकिन यहाँ तो उलटी गंगा बह रही है, भ्रष्टाचार करने वाले महफूज हैं और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार पर शिकंजा कसा जा रहा है।
सरकारी एजेंसियों का खौफ दिखाकर आप सच को नहीं दबा सकते।
प्रदीप यादव ने कहा कि मैं सांसद महोदय से पूछना चाहता हूँ कि आखिर कब तक आपकी यह तानाशाही और डर की राजनीति चलेगी? जनता ने आपको क्षेत्र के विकास और उनकी सेवा के लिए चुना है, न कि सच दिखाने वाले चौथे स्तंभ पर सरकारी तंत्र से हमला करवाने के लिए। हम इस दमनकारी और तानाशाही रवैये के खिलाफ पत्रकार चमन कुमार और उनके परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। गोड्डा और पूरे झारखंड की जनता इस बदले की राजनीति को देख रही है और वक्त आने पर इसका करारा जवाब देगी। सरकारी एजेंसियों का खौफ दिखाकर आप सच को नहीं दबा सकते।
