देवघर // साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करौं थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चार कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि करौं थाना क्षेत्र के अंबा-टीला जंगल में कुछ लोग फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर आम लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। सूचना में बताया गया था कि आरोपी Flipkart, Amazon, Airtel Payment Bank तथा Google पर PhonePe Customer Care के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़े सुराग मिले हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- 1. कन्हैया कुमार दास, उम्र करीब 18 वर्ष, पिता उमेश दास, निवासी केंदुआटांड़, थाना मारगोमुंडा, जिला देवघर।
- 2. रूपलाल कुमार पोद्दार, उम्र करीब 29 वर्ष, पिता अर्जुन पोद्दार, निवासी जागाडीह, थाना करौं, जिला देवघर।
- 3. मो. सलीम अंसारी, उम्र करीब 26 वर्ष, पिता स्व. केला मियां, निवासी दुधानी, थाना मारगोमुंडा, जिला देवघर।
- 4. समीर कुमार दास, उम्र करीब 19 वर्ष, पिता उमेश दास, निवासी केंदुआटांड़, थाना मारगोमुंडा, जिला देवघर।
ऐसे लोगों को बनाते थे निशाना । पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और प्रारंभिक जांच में आरोपियों की साइबर ठगी की कई गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है।
आरोपियों की कथित कार्यप्रणाली इस प्रकार बताई गई है—
- फर्जी कस्टमर केयर बनकर ठगी
आरोपी Google Pay, PhonePe और Airtel Payment Bank के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे। कैशबैक या दूसरी सुविधाओं का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था।
- APK फाइल के जरिए मोबाइल एक्सेस:
आरोपियों द्वारा PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO Challan जैसे नामों से APK फाइल भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, ऐसी फाइल डाउनलोड करवाकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने के बाद ठगी की जाती थी।
- Airtel Payment Bank के नाम पर धोखाधड़ी:
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं को विश्वास में लेते थे। Airtel Thanks App के माध्यम से कार्ड बंद होने और उसे दोबारा चालू कराने में सहायता के नाम पर भी लोगों को झांसे में लिया जाता था।
एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रूपलाल कुमार पोद्दार का पूर्व में भी साइबर अपराध से संबंधित मामला दर्ज रहा है। प्रेस विज्ञप्ति में उसके खिलाफ साइबर थाना, देवघर कांड संख्या 152/2017 का उल्लेख किया गया है।देवघर पुलिस ने साइबर अपराध से बचने के लिए आम लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड न करें और बैंक, UPI या कस्टमर केयर के नाम पर मांगी गई संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
