पांच वर्षों से अवैध संबंध का आरोप, पंचायत के बाद भी नहीं थमा विवाद
बेटे ने लगाया जानलेवा हमले का आरोप, खून लगा चाकू पुलिस को सौंपा
छह गवाहों ने अभियोजन का किया समर्थन, बचाव पक्ष ने बताया झूठा मामला
जिला एवं सत्र न्यायधीश कौशल किशोर झा की अदालत ने धारा 323 और 324 में दोषी ठहराते हुए सुनाई दो वर्ष की सजा
देवघर // जिले के देवीपुर थाना क्षेत्र से जुड़े बहुचर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी शनिचर मंडल को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 एवं 324 के तहत दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने आरोपी को प्रोविजनल बेल (अंतरिम जमानत) पर रिहा कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
मामला देवीपुर थाना क्षेत्र के कमरशाली गांव का है। शिकायतकर्ता ******** मंडल ने वर्ष 2022 में थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि उसके पिता शनिचर मंडल का उसकी पत्नी के साथ पिछले लगभग पांच वर्षों से अवैध संबंध था। शिकायत के अनुसार, इस संबंध की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों ने दोनों पर निगरानी रखी और बाद में कथित रूप से उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसके बाद ग्रामीणों, ससुराल पक्ष और पंचायत की मौजूदगी में समझौता भी कराया गया, जहां आरोपी ने माफी मांगी थी, लेकिन आरोप है कि संबंध समाप्त नहीं हुआ।
बेटे पर चाकू से जानलेवा हमले का आरोप
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना की रात आरोपी पिता दीवार फांदकर घर में घुस आया और सो रहे बेटे पर चाकू से हमला करने का प्रयास किया। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान कथित रूप से फेंके गए चाकू से शिकायतकर्ता के सिर में चोट लगी। शिकायतकर्ता ने खून लगा चाकू भी पुलिस को सौंपने का दावा किया।
2022 में दर्ज हुई थी एफआईआर
शिकायत के आधार पर देवीपुर थाना में कांड संख्या 118/2022 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 324 और 307 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद मामला सेशन ट्रायल केस संख्या 293/2023 के रूप में न्यायालय में चला।
छह गवाहों ने अभियोजन का किया समर्थन
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई। अदालत में सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया। इनमें आरोपी के दोनों पुत्र तथा उसकी पत्नी भी शामिल थे। वहीं, बचाव पक्ष के गवाहों ने आरोपों को निराधार बताते हुए घटना से इनकार किया।
अदालत का फैसला
सभी पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद देवघर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी शनिचर मंडल को धारा 323 और 324 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उसे दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, सजा के बाद आरोपी को प्रोविजनल बेल पर छोड़ दिया गया।

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