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देवघर, 31 जुलाई: देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुई चर्चित गणपति महतो हत्याकांड मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। एडीजे-9 मुकुलेश चंद्र नारायण की अदालत ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्यों के अभाव में तीन अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
महज 150 रुपये की बची गैस से शुरू हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार, खिजुरिया गांव में परिवार के एक सदस्य के निधन के बाद 12 जनवरी 2023 को श्राद्धकर्म संपन्न हुआ था। अगले दिन श्राद्ध में बची सामग्री का बंटवारा किया जा रहा था। इसी दौरान रसोई गैस सिलेंडर में बची लगभग 150 रुपये मूल्य की गैस, जिसे दोनों पक्षों में 75-75 रुपये के हिस्से में बांटने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान गणपति महतो पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
चार दोषी करार, तीन आरोपी बरी
अदालत ने सीताराम महतो, संतोष यादव, चानो यादव और वरुण यादव को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं कलेश्वरी देवी, रीना देवी और अनिता देवी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया।
2023 में दर्ज हुआ था मामला
मृतक गणपति महतो के पुत्र चंद्रदेव यादव उर्फ बद्री यादव के बयान पर 14 जनवरी 2023 को सोनारायठाढ़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला थाना कांड संख्या 02/2023 के रूप में दर्ज हुआ और बाद में एसटी केस संख्या 269/2024 के तहत सुनवाई चली।
आठ गवाहों की गवाही बनी अहम
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
