सनावद (मध्य प्रदेश)। दीपों का पर्व दीपावली देशभर में हर्षोल्लास, उमंग और आपसी प्रेम के साथ मनाया जाता है। मध्य प्रदेश के सनावद शहर में भी दीपावली की खुशियां देखने को मिलीं। इसी कड़ी में Mass Study कोचिंग सेंटर में दीपावली का त्योहार उत्साह और पारिवारिक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर कोचिंग सेंटर के संचालक कमलेश यादव ने अपने सभी कर्मचारियों को दिवाली के उपहार भेंट कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में Pro Speaker Batch के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

Mass Study कोचिंग सेंटर में आयोजित इस दिवाली मिलन समारोह में शिक्षा के साथ-साथ आपसी सहयोग, सम्मान और अपनापन की झलक देखने को मिली। संचालक कमलेश यादव ने अपने कर्मचारियों को उपहार देकर उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने इस अवसर पर सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
देश के छह राज्यों के 30 से अधिक विद्यार्थी बने उत्सव का हिस्सा
Mass Study के Pro Speaker Batch की खास बात यह है कि इसमें केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 30 से अधिक विद्यार्थी शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों और परिवेश से आए इन विद्यार्थियों ने एक साथ दिवाली की खुशियां साझा कर आपसी एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया। इस आयोजन ने यह भी दर्शाया कि शिक्षा का केंद्र केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होता, बल्कि यहां रिश्ते, संस्कार और आपसी जुड़ाव भी विकसित होते हैं।
मध्य प्रदेश में धनतेरस से शुरू होती है दीपावली की रौनक
मध्य प्रदेश में दीपावली का उत्सव सामान्यतः पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। धनतेरस के दिन लोग भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। और मध्य प्रदेश के सनावद शहर में सबसे अच्छी चीजें यह देखने को मिलती है कि सभी घरों के द्वार पर घर के महिला एवं बच्चियां रंगोली बनाते हैं। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना मंगलकारी माना जाता है। बाजारों में विशेष रौनक रहती है और घरों में दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

इसके अगले दिन नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली मनाई जाती है। इस दिन घरों की साफ-सफाई, दीप प्रज्वलन और धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है।
दीपावली पर दीपों से जगमगाते हैं घर और बाजार
अमावस्या के दिन मुख्य दीपावली मनाई जाती है। मध्य प्रदेश के शहरों और गांवों में लोग अपने घरों को रंगोली, फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों से सजाते हैं। शाम को भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके बाद घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाते हैं। बच्चे आतिशबाजी का आनंद लेते हैं और परिवार के सदस्य एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर शुभकामनाएं देते हैं।
गोवर्धन पूजा और भाई दूज के साथ होता है पांच दिवसीय पर्व का समापन
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा कर गोवर्धन पर्वत के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। मंदिरों में अन्नकूट का आयोजन होता है और विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जाता है।

इसके बाद भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति स्नेह प्रकट करते हैं। इस तरह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाला पांच दिवसीय दीपोत्सव प्रेम, परंपरा और पारिवारिक एकता का संदेश देता है।
Mass Study कोचिंग सेंटर में आयोजित दिवाली समारोह ने भी इसी भावना को जीवंत किया। कर्मचारियों को सम्मान और उपहार देना तथा विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों का एक साथ त्योहार मनाना इस आयोजन की खास पहचान रही। रोशनी और खुशियों के इस पर्व पर Mass Study परिवार ने एकजुटता, सम्मान और आपसी भाईचारे का सुंदर संदेश दिया।
