देवघर // जुडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रतीक रंजन की अदालत ने रिखिया थाना कांड संख्या 80/2019 जीआर 500/2019 के मामले में सुनवाई करते हुए साक्ष्य के आभाव में सभी 19 आरोपी को बरी कर दिया गया। यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के समय का था।
लोकसभा चुनाव के समय का मामला
यह मामला लोकसभा चुनाव 2019 के बाद उस समय सामने आया था, जब देवघर के बैद्यनाथपुर चौक के पास जिला प्रशासन द्वारा ईवीएम से भरे ट्रक को ले जाने के दौरान संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध स्वरूप सड़क जाम कर दिया था।

सुनवाई के दौरान मामले के गवाह ने न्यायालय को स्पष्ट रूप से बताया कि न तो किसी वाहन की लूट हुई थी और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई गई थी। इस अहम बयान ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रीतम सिंह एवं राजेश कुमार शाही ने प्रभावी ढंग से अपनी दलीलें पेश करते हुए अदालत के समक्ष सच्चाई को मजबूती से रखा।
सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के अभाव को आधार बनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले के बाद झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं—आज न्यायालय ने इसे फिर साबित कर दिया।”
विधायक ने कहा सत्य की जीत हुई
वहीं देवघर विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि मुकदमे के दौरान कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका और गवाह भी अपने बयानों पर कायम नहीं रह पाए। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से ही न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और आज सत्य की जीत हुई है। इस मामले में जिन अभियुक्तों को बरी किया गया।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष समेत 19 आरोपी बरी
कोर्ट से बरी होने वाले आरोपी के नाम : शशांक शेखर भोक्ता, सुरेश पासवान, सुधीर दास , भूतनाथ यादव , विनोद वर्मा , दिनेशानंद झा , रंजीत यादव , मणिकांत यादव , कुणाल राय , दिलीप यादव , नुनु झा , राजेश कुमार , सुनील कुमार , सुरेश प्रसाद साह , दीपक कुमार सिंह, मुन्नम संजय, कृष्ण मोहन , आदित्य सरोलिया शामिल हैं।
