कहा- आपकी मांगें गंभीरता से विचाराधीन, सरकार संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से समाधान के लिए प्रयासर
रांची, 9 अगस्त 2026। झारखंड में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भावुक अपील की है। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने, लेकिन अनशन और भूख हड़ताल से बचने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छात्रों की मांगें महत्वपूर्ण हैं, उनकी भावनाओं और संघर्ष को सरकार गंभीरता से समझ रही है। उनकी आवाज सरकार तक पहुंच रही है और सकारात्मक समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी मांग और आंदोलन से ज्यादा महत्वपूर्ण छात्रों की जिंदगी है।
आंदोलनकारी छात्रों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान किसी छात्र-छात्रा की तबीयत बिगड़ती है या अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है, तो उसके बेहतर इलाज के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी आंदोलनकारी छात्र-छात्रा को चिकित्सा सुविधा से वंचित नहीं किया जाए। इलाज के नाम पर आंदोलनकारी छात्रों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा और आवश्यक चिकित्सा खर्च राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
मेडिकल इमरजेंसी में तत्काल मिलेगी सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में आंदोलनकारी छात्रों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंदोलन स्थल पर भी स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमों को आवश्यकतानुसार तैनात रखा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आंदोलनकारी छात्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
‘अपनी आवाज बुलंद कीजिए, लेकिन जान को दांव पर मत लगाइए’
आंदोलनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करें और अपनी आवाज बुलंद करें, लेकिन अपनी जान को दांव पर न लगाएं।
उन्होंने कहा कि “जान है तो जहान है।” कोई भी आंदोलन, मांग या संघर्ष किसी की जिंदगी से बड़ा नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत नेताओं का भी जिक्र
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू भी इस विषय को गंभीरता से देख रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि संवाद, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से पूरे मामले का सकारात्मक और सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।
उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से सरकार पर विश्वास रखने और बातचीत का रास्ता खुला रखने की अपील की।
‘आप झारखंड का भविष्य हैं’
डॉ. इरफान अंसारी ने छात्रों को झारखंड का भविष्य बताते हुए कहा कि उनकी आवाज और संघर्ष महत्वपूर्ण है, लेकिन उनका सुरक्षित और स्वस्थ रहना उनकी सबसे बड़ी चिंता है।
उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए किसी छात्र की जिंदगी खतरे में पड़े। इसलिए छात्रों को अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने की अपील करते हुए उन्होंने दोहराया कि अनशन और भूख हड़ताल से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- ‘आपकी सरकार आपके साथ है’
अपील के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार आंदोलनकारी छात्रों के साथ है और उनकी पीड़ा को गंभीरता से समझती है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और बातचीत के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री का संदेश साफ है—मांगों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखें, लेकिन अपने स्वास्थ्य और जीवन को खतरे में डालकर नहीं।
