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देवघर में जनता दरबार, फसल बीमा से लेकर बिजली बिल तक शिकायतों पर सख्त निर्देश -

देवघर में जनता दरबार, फसल बीमा से लेकर बिजली बिल तक शिकायतों पर सख्त निर्देश


देवघर // जिलेवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन एवं मुआवजा, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित विभिन्न मामलों से जुड़ी शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं।

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उपायुक्त ने लोगों की समस्याएं एक-एक कर सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कई मामलों का संबंधित विभागों की ओर से मौके पर ही समाधान भी किया गया।

फसल बीमा की शिकायत पर जांच के निर्देश

देवीपुर प्रखंड से फसल बीमा योजना से जुड़ी शिकायत को उपायुक्त ने गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को मामले की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।

गलत बिजली बिलों के सुधार के लिए लगेगा कैंप

जनता दरबार में बिजली बिल से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। उपायुक्त ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। कैंप के माध्यम से गलत या त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों का मौके पर ही निराकरण करने को कहा गया।

बैंकिंग समस्याओं पर LDM को निर्देश

बैंकों से संबंधित शिकायतों को देखते हुए उपायुक्त ने लीड बैंक मैनेजर (LDM) को निर्देश दिया कि आम लोगों की बैंकिंग समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्राहकों को अनावश्यक रूप से बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें।

भू-अर्जन और मुआवजा मामलों का भी समाधान

जनता दरबार में भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े विभिन्न मामलों पर भी सुनवाई हुई। संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की प्रतिपुष्टि उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि मामलों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जा सके।

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