देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए देवघर जिला प्रशासन का खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सघन जांच अभियान चला रहा है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार, 11 अगस्त को लक्ष्मी चौक, शिवगंगा और आसपास के इलाकों में पेड़ा दुकानों, भोजनालयों और स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, साफ-सफाई और FSSAI लाइसेंस की स्थिति की जांच की गई। त्वरित जांच में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने पर कई प्रतिष्ठानों में मौके पर ही खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए।
68.5 किलो पेड़ा और 11 किलो छोला नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 68.5 किलोग्राम मिलावटी पेड़ा और करीब 11 किलोग्राम छोला नष्ट कराया गया। इसके अलावा लगभग 2 लीटर चटनी भी नष्ट कराई गई।रितेश कुमार के प्रतिष्ठान में मेटानिल येलो (Metanil Yellow) रंग की मौजूदगी पाए जाने पर करीब 8 किलो छोला नष्ट कराया गया। विशाल चाट बर्गर के यहां लगभग 2 लीटर चटनी नष्ट कराई गई।शिवगंगा लेन स्थित अजीत कुमार के प्रतिष्ठान में पेड़ा में स्टार्च की मौजूदगी पाए जाने पर करीब 6 किलो पेड़ा नष्ट कराया गया।
कई पेड़ा दुकानों पर कार्रवाई
शिवम पेड़ा भंडार में लगभग 10 किलो मिलावटी पेड़ा पाया गया, जिसे मौके पर नष्ट कराया गया। धीरज कुमार के महादेव पेड़ा भंडार से करीब 21 किलो पेड़ा नष्ट कराया गया।बाबा पेड़ा भंडार में लगभग 10 किलो मिलावटी पेड़ा, शिवम कुमार के महादेव पेड़ा प्रतिष्ठान में करीब 9 किलो पेड़ा, पंकज पोद्दार के यहां 10.5 किलो मिलावटी पेड़ा तथा श्री गंगा साह पेड़ा भंडार में करीब 2 किलो मिलावटी पेड़ा नष्ट कराया गया। वहीं प्रिया चाट के यहां करीब 3 किलो छोला भी नष्ट कराया गया।
पेड़ा और खोया के नमूने जांच के लिए लिए गए
महावीर पेड़ा भंडार से पेड़ा और खोया के दो नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठान संचालक को खोया के उचित रखरखाव और भंडारण का निर्देश दिया गया। खाद्य सामग्री को दीवार से कम से कम 12 इंच की दूरी पर रखने को भी कहा गया।
इसके अलावा गोकुल पेड़ा भंडार और शिव पेड़ा भंडार का निरीक्षण किया गया। गणेश मारवाड़ी भोजनालय में इस्तेमाल किए जा रहे तेल और मसालों की जांच की गई।
वैशाली होटल के FSSAI लाइसेंस में आवश्यक संशोधन कराने का निर्देश दिया गया। माँ गंगा पवित्र भोजनालय और श्री विनायक पैलेस का भी निरीक्षण किया गया।
बिना FSSAI लाइसेंस और गंदगी मिलने पर फैक्ट्री बंद करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान संजीव बलियासे इलायची फैक्ट्री में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं। प्रतिष्ठान संचालक द्वारा वैध FSSAI लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किया गया।खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए प्रतिष्ठान का तत्काल संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया। संचालक को स्पष्ट किया गया कि जब तक सभी कमियों को नियमानुसार दूर नहीं किया जाता, तब तक फैक्ट्री का संचालन नहीं किया जाए।
इसके साथ ही उचित Exhaust System लगाने, अनधिकृत हाइड्रो का इस्तेमाल नहीं करने, साफ-सफाई और हाइजीन बनाए रखने, खाद्य सामग्री का सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण करने तथा आवश्यक FSSAI लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही खाद्य पदार्थों का निर्माण और कारोबार करने का निर्देश दिया गया।
मेला अवधि में लगातार जारी रहेगा जांच अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता और बिना वैध FSSAI लाइसेंस के कारोबार के खिलाफ निरीक्षण एवं कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन का उद्देश्य मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
