हजारीबाग // नगर निगम में वर्षों से कार्यरत 19 दैनिक चालकों को निजी एजेंसी में भेजे जाने के प्रस्ताव का अखिल भारतीय मजदूर संगठन ने कड़ा विरोध किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता विवेक वाल्मीकि ने नगर आयुक्त को पत्र देकर इस फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि वर्षों से नगर निगम के मस्टर रोल पर कार्यरत इन चालकों की पीएफ कटौती भी निगम के प्रतिष्ठान कोड से होती रही है। इसके बावजूद उन्हें निजी एजेंसी गुरु रामदास के अधीन भेजने की तैयारी की जा रही है।संगठन ने सवाल उठाया है कि पुराने और अनुभवी चालकों को ठेकेदारी व्यवस्था में भेजा जा रहा है, जबकि नए चालकों को सीधे निगम के मस्टर रोल पर रखा जा रहा है।

इसे संगठन ने श्रमिकों के साथ भेदभाव बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की है।अखिल भारतीय मजदूर संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 19 चालकों को पूर्ववत नगर निगम के अधीन नहीं रखा गया, तो श्रमिकों के हित में श्रम विभाग और उच्च न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाइट विवेक बाल्मीकि मजदूर नेता
