हजारीबाग // जिले के सिंदूर क्षेत्र में पांच दिनों से लापता भाई-बहन के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में शोक, आक्रोश और भय का माहौल है। इस दर्दनाक घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर जांच शुरू कर दी है।
पांच दिनों से लापता थे भाई-बहन
जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय तमन्ना परवीन और उसका दो वर्षीय भाई अरमान पिछले पांच दिनों से लापता थे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे और पुलिस भी खोजबीन में जुटी हुई थी। इसी बीच रविवार को तमन्ना परवीन का शव एक नाले से बरामद किया गया। बहन का शव मिलने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
पहले बहन और फिर भाई का मिला शव
घटना का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि सोमवार को एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। तमन्ना के दो वर्षीय भाई अरमान का शव घटनास्थल के पास स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। दोनों बच्चों के शव अलग-अलग स्थानों से मिलने के बाद मामले ने और भी रहस्यमयी रूप ले लिया है।
अयोध्या का रहने वाला है पीड़ित परिवार
बताया जाता है कि दोनों बच्चों का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) का रहने वाला है। परिवार हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कूद इलाके में रहकर खिलौने बेचने का काम करता था और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
सड़क जाम कर लोगों ने जताया आक्रोश
घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने इंद्रपुरी चौक और झंडा चौक पर सड़क जाम कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि इसमें किसी आपराधिक साजिश का हाथ है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने गठित की विशेष जांच टीम
बढ़ते जनाक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कटकमदाग थाना कांड संख्या 90/26 दर्ज किया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
पूरे शहर की नजर SIT जांच पर
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूरे शहर की निगाहें अब SIT की जांच पर टिकी हुई हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर दोनों मासूमों की मौत के पीछे का सच क्या है।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे हजारीबाग को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की अपेक्षा कर रहे हैं।
