गोड्डा ज़िला में हुए सूर्या हाँसदा के एनकाउंटर मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी, डीसी और एसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस संबंध में तीन दिन के अंदर जवाब भी मांगा है। राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश की शिकायत पर आयोग ने ये नोटिस जारी किया है।
दिल्ली देश की आज़ादी के अमृत महोत्सव में भारत के घर-घर में विश्वास का प्रतीक बनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने स्वदेशी इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। वर्ल्ड कस्टम्स ऑर्गेनाइजेशन (WCO) और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय – भारतीय सीमा शुल्क (Indian Customs) ने पतंजलि को AEO (Authorized Economic Operator) Tier-2 प्रमाणपत्र प्रदान किया है।
यह प्रमाणपत्र विश्वस्तरीय व्यापार में ईमानदारी, पारदर्शिता और सप्लाई चेन सुरक्षा के उच्चतम मानकों का प्रतीक है। भारत की सर्वोच्च कंपनियों में केवल गिनी-चुनी कंपनियों के पास ही यह दर्जा है, और FMCG सेक्टर में तो यह गौरवशाली प्रमाणपत्र केवल कुछ ही कंपनियों को प्राप्त है। अब इस सूची में पतंजलि का नाम स्वर्ण अक्षरों में जुड़ गया है।
उल्लेखनीय है कि पतंजलि फूड्स को इस AEO Tier-2 प्रमाणपत्र से कम्पनी को ड्यूटी डिफर्ड पेमेंट (Duty Deferred Payment),बैंक गारंटी से छूट (Bank Guarantee Waiver), डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (DPD), 24×7 क्लियरेंस सुविधा इत्यादि के साथ और कुल 28 प्रकार से अधिक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक लाभ प्राप्त होंगे।
यह प्रमाणपत्र क्यों विशेष है?
यह किसी भी कंपनी की गुणवत्ता, सत्यनिष्ठा, पारदर्शी कार्यप्रणाली और राष्ट्रहित में योगदान का प्रमाण है। पतंजलि ने अपने गुणवत्ता की प्रामाणिकता ,कर्मयोग, कर्तव्यनिष्ठा और स्वदेशी भावना के बल पर यह विशेष मानक प्राप्त किया है। यह केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक आज़ादी को और मज़बूत करने वाला सम्मान है।
स्वामी रामदेव जी का संदेश
आज का दिन पतंजलि परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस भारतीय के लिए गर्व का दिन है, पतंजलि विश्वसनीयता,प्रमाणिकता, प्रतिस्पर्धा व गुणवत्ता के क्षेत्र में प्रतिदिन नई गति से आगे बढ़ रहा है तथा व्यावसायिक क्षेत्र में उद्यमिता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है ,जो भारत को आर्थिक रूप से विश्वगुरु बनते देखना चाहता है। यह प्रमाणपत्र हमारे राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को और मज़बूत करता है। यह सम्मान हमारी तपस्या, गुणवत्ता और ईमानदारी की पहचान है। हम वचन देते हैं कि ‘स्वदेशी से स्वाभिमान’ के इस पथ पर हम और तेज़ गति से आगे बढ़ेंगे और ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक शिखर तक पहुंचाएंगे”।
आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने बताया कि
“यह उपलब्धि पतंजलि के संपूर्ण परिवार, कर्मचारियों और उपभोक्ताओं की सामूहिक साधना का फल है। AEO Tier-2 प्रमाणपत्र हमारे कार्य की पारदर्शिता, गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरने का प्रमाण है,इससे निर्यात की गतिविधियों में वृद्धि होगी और देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ होगी यह सम्मान हमें न केवल देश की सीमाओं के भीतर बल्कि विश्व के हर कोने में भारतीय संस्कृति, आयुर्वेद और स्वदेशी उत्पादों के संबर्धन में सहयोगी साबित होगी। हम संकल्प लेते हैं कि पतंजलि को विश्व के शीर्ष FMCG ब्रांड्स में स्थापित करेंगे और भारत के निर्यात को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।
स्वामी राधाकांताजी महाराज के साथ दो एक्स मुस्लिम और अनुभव पांडेय
देवघर सनातन घर वापसी फाउंडेशन की ओर से स्थानीय बैद्यनाथ विवाह भवन में ईमान से इंसान तक एक खुली बातचीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह एक आत्मचिंतन यात्रा थी, जिसमें अपना धर्म छोड़ चुके एहसान और सलीम ने भाग लिया। दोनों गाजियाबाद के रहने वाले हैं। कार्यक्रम में रामकृष्ण विवेकानंद सेवा आश्रम के स्वामी राधाकांताजी महाराज और फाउंडेशन के समन्वयक अनुभव पांडेय समेत आरएसएस समेत अन्य संस्थाओं से जुड़े कई बुद्धिजीवी मौजूद थे। मौके पर एहसान ने कहा कि हम अगर धर्म पर टिप्पणी करते हैं या सवाल उठाते हैं तो अपने धर्म के मुताबिक, हम खुद भी उनके अनुशरणकर्ता नहीं रह जाते।
सवाल का जबाव नहीं मिला इसलिए छोड़े इस्लाम
जब सवाल करने की वजह से हमे स्वीकार नहीं किया जा रहा है तो हम धर्मिक रहने या न रहने, एक ही बात है । इसलिए हमलोग इसे छोड़ हैं मैं हाफिज रह चुका है और अपने धर्म को भी पढ़ा हूं, लेकिन कुछ ऐसी बातों का उल्लेख है, जो ग्राह्य नहीं है और TAN GHARWA मिला है। कई चैनलों के डिबेट में इस पर मुद्दे को उठाया, लेकिन सवाल अभी भी कायम है। अलबत्ता मेरे मन का विचार बदला और मैंने अपना धर्म छोड़ दिया। फिलहाल किसी धर्म का अनुशरण नहीं कर रहा हूं। सिर्फ कुदरत को मानता हूं। सलीम ने कहा कि कई हिंदू भाई किसी की बातों को सुन कर धर्म बदल लेते हैं। हमलोग उस धर्म परिवर्तन को खत्म करने का काम कर रहे हैं। इससे हमारी जान को भी खतरा है और दोनों पर हमले भी हो चुके हैं। संस्था के समन्वयक अनुभव पांडेय ने कहा कि लोगों को असलीयत से वाकिफ कराना ही हमलोगों का उद्देश्य है। स्वामी राधाकांताजी महाराज ने कहा कि हम तो सनातन, इस्लाम, ईसाइत सभी के बारे में बताते हैं । विश्व के सभी धर्मों के अच्छे-बुरे विचारों से लोगों को परिचित कराते हैं। देवघरवासी भी धर्म के दोनों पक्षों को जाने। इंसान को इंसान से नहीं जोड़ती है। जब इस पर आलिम, मौलवी से हमलोगों ने पूछा तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। हमारे धर्म में कहा भी गया है कि अगर धर्म पर शक करते हैं तो उसके अनुयायी नहीं रह जाते हैं । मेरे सवाल पूछने के 8-10 माह हो चुके है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला।
दिल्ली उप राष्ट्रपति चुनाव : एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को एनडीए का उम्मीदवार बनाया। उप राष्ट्रपति के चुनाव के लिए 9 सितंबर वोटिंग होगी । एनडीए ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए झारखंड के पूर्व राज्यपाल और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) को उम्मीदवार के रूप में चुना है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा (JP Nadda) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस यह घोषणा की। महाराष्ट्र के 24 वे राज्यपाल के रूप में सीपी राधाकृष्णन कार्यरत हैं। उन्होंने इसी साल महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया था। इससे पहले वो झारखंड के राज्यपाल थे। अगर सीपी राधाकृष्णन उप राष्ट्रपति का चुनाव जीत जाते हैं तो राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति दोनों ही झारखंड के पूर्व राज्यपाल होंगे। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी झारखंड की राज्यपाल रह चुकी है और अब उप राष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन को एनडीए की और से उम्मीदवार बनाया गया है।
गोड्डा जेएलकेएम नेता जयराम कुमार महतो एनकाउंटर में मारे गए सूर्या हांसदा के परिवार से मिलने पहुंचे। परिवार से मिलने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस ने फर्जी तरीके से सूर्या हांसदा के एनकाउंटर की कहानी बनाई है उन्होंने आगे कहा कि सूर्या को पेट में गोली लगी है जबकि पुलिस कहती है कि सूर्या भाग रहा था अगर सूर्या भागता तो पीठ में गोली लगती ना की पेट में।
रिल वाले डीएसपी ने सूर्या का भागते हुए रिल क्यों नहीं बनाया : जयराम
जयराम महतो ने कहा कि ये रिल वाले डीएसपी है हर जगह वीडियो बनाते हैं और वायरल करते सूर्या के एनकाउंटर के बाद भी वीडियो बनाया लेकिन भागते हुए क्यों नहीं बनाया ? भागते हुए बनाना चाहिए था। साथ ही कहा कि जला हुआ का निशान था इससे यही प्रतीत होता है कि या तो बिजली से जला है या किसी गर्म खाना या गर्म कोई चीज गिरने से जला है। इसलिए सूर्या हांसदा के एनकाउंटर की जांच सीबीआई करें।
जेवीएम, बीजेपी और जेएलकेएम से चुनाव लड़ चुका था
सूर्या हांसदा अपराध की दुनिया से हटकर झारखंड विकास मोर्चा (JVM) , भारतीय जनता पार्टी (BJP) और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) से बोरियो विधानसभा से चुनाव लड़ चुके थे। सूर्या का क्षेत्र में अच्छी पकड़ थी और बीजेपी से जब चुनावी मैदान में उतरे थे तो दूसरे स्थान पर रहे थे। और इस बार के चुनाव में उसे जयराम महतो की पार्टी ने अपना टिकट देकर मैदान में उतारा था हालांकि हार का सामना करना पड़ा।
Deoghar दिशाेम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद गुरु जी के पुत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे आदिवासी रीतिरिवाज से श्रद्धा कर्म किया । हेमंत सोरेन अपने गांव नेमरा में रहकर पत्नी विधायक कल्पना सोरेन के साथ सभी कर्म को किया। लेकिन रामगढ़ के नेमरा के अलावा देवघर में भी गुरु जी के शिष्य ने भी सभी कर्म को किया।
शिबू सोरेन के शिष्य सरोज सिंह ने कहा कि कहा जाता है सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर है। दिशोम गुरु वीर शिबू हमारे लिए केवल ज्ञानदाता नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण का माध्यम थे। उनका मार्गदर्शन हमारे लिए समाजिक धर्म, समाजिक कर्म के पूर्णता का एक मात्र रास्ता था। जब ऐसे दिव्य गुरु इस संसार से अपनी लीला समेट लेते हैं, तब मुझ जैसे शिष्य को छोर्यक्रम (अंत्येष्टि से लेकर समापन तक की धार्मिक प्रक्रिया) करना केवल एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि यह गहन भाव और समर्पण से पूर्ण करने वाला धार्मिक अनुष्ठान है। यह क्रम शिष्य का अपने गुरु के प्रति त्याग, श्रद्धा और कृतज्ञता का साक्षात प्रमाण होता है।
श्रद्धा से सम्पन्न किया गया यह प्रक्रिया, न केवल मेरे लिए गुरु की आत्मा को सद्गति प्रदान करने का प्रयास है, बल्कि मेरे लिए अंतर्मन में गुरु द्वारा प्रदत्त ज्ञान और मार्गदर्शन को अमर कर देने का एक पवित्र संकल्प भी है।
सरोज सिंह ने आगे कहाकि मै आज स्वयं को एक यज्ञ एक संकल्प के लिए समर्पित करता हूँ। जहाँ मै अपने मोह, अपने सुख-दुख, और आत्मिक भावों की आहुति दे रहा हूँ मेरा हर मंत्रोच्चारण, हर आचरण, हर अश्रु गुरु के चरणों में अर्पण है। यह छोर्य क्रम क्रिया केवल मृत्यु का संस्कार नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा के अमर धागे को नई पीढ़ी तक पहुँचाने वाला धार्मिक तेजस्व है। गुरु जी के शिष्य सरोज सिंह ने सभी क्रिया कर्म के साथ लगभग 5 हजार लोगों को शांति भोज में भोजन भी कराया।
Ramgadh/Nemra दिशाेम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म में शामिल होने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रामगढ़ के नेमरा पहुंचे।
योग गुरु बाबा रामदेव गुरु जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए
गुरु के श्राद्ध कर्म में लाखों की संख्या में लोग नेमरा पहुंचे हैं जिसको लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के से आशीर्वाद लेते बाबा रामदेव
देश के जाने माने हस्ती के अलावा झारखंड के कोने कोने से लोग गुरु जी शिबू सोरेन के गांव नेमरा पहुंच रहे हैं। भीआईपी भीभीआईपी के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
लोग हमें गुरु मानते हैं लेकिन हम शिबू सोरेन जी को गुरु मानते हैं
योग गुरु बाबा रामदेव नेमरा पहुंचे और झारखंड के महान नेता शिबू सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लोकनायक रहे हैं। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनका संघर्ष अविस्मरणीय है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी संस्कार भोज में नेमरा पहुँचे
वे सदैव आदिवासी, शोषित और वंचित समाज की आवाज बने रहे। भावुक होते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि लोग भले ही उन्हें गुरु मानते हों, लेकिन वे शिबू सोरेन को अपना गुरु मानते हैं और उसी श्रद्धा से उन्हें नमन करने पहुंचे हैं।
जमशेदपुर राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन कल दिल्ली के अपोलो अस्पताल मे हो गया, शिक्षा मंत्री का निधन राज्य के लिए एक बड़ी छती मानी जा रही है, वंही उनके टेल्को के घोड़ाबांधा आवास पर सुबह से ही लोगों का आना जाना शुरू हो गया है, मंत्री राम दास सोरेन पत्नी, तीन बेटा और एक बेटी को छोड़ कर चले गए है, स्वर्गीय रामदास सोरेन का जन्म 1 जनवरी 1961 को हुआ था, उनकी मौत 15 अगस्त 2025 को हुआ।
वंही पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा, उनके साथ खेले पढ़ेने वाले व्यक्ति ने साफ कहा कि झारखण्ड को बड़ी छती हुई है, इन लोगों का साफ कहना है कि फूट बॉल खिलाडी से एक राजनीती तक का सफर उन्होंने तय किया, साथ ही राज्य के निर्माण एवं विकास मे अपनी अहम भूमिका निभाई, इन लोगों का कहना है कि राजनीती की शुरुआत उन्होंने ज़ब की तब इनके इसी आवास से झारखण्ड अलग राज्य के लिए आंदोलन को रूप रेखा तय की जाती थी, इतना ही नहीं स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन, निर्मल महतो सभी झारखण्ड के बड़े नेता इनके आवास पर जुटा करते थे, उसके बाद आगे आंदोलन की रूप रेखा तय की जाती थी, पूर्व विधायक ने कहा कि पहके गुरु ज़ी उसके बाद रामदास सोरेन का जाना झारखण्ड के लिए बड़ी छती है।
अंतिम दर्शन यात्रा रूट चार्ट
1 बजे पार्थिव शरीर पहुंचेगा घाटशिला, 3 बजे घोड़ाबांधा आवास
जमशेदपुर झारखण्ड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की मौत राज्य को बड़ी छती पहुंची है, झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने दुख जाहिर करते हुए कहा कि राज्य के साथ साथ टेल्को के घोड़ाबांधा ने अपना एक बेटा खो दिया है। उन्होंने कहा कि घोड़ाबांधा में सड़क नहीं हुआ करती थी। श्रमदान कर सड़क का निर्माण करवाने का काम रामदास सोरेन और वे सभी मिल कर किया। रामदास सोरेन मृदुल सोभाव के व्यक्ति थे ।
उनके निधन से झारखण्ड को छती हुई है। अर्जुन मुंडा ने कहा कि शुरूआती दौर में वे लोग साथ में कई आंदोलन किए। बाद में वे झामुमो में चले गए और वे बीजेपी में चले गए।
मगर रामदास भी घोड़ाबांधा में रहते थे, तो घर आस पास होने से घरेलू तरह से उनसे रिस्ता था, उन्होंने कहा कि उनके निधन से पूरा राज्य आज शोक में है।
फाइल फोटो: रामदास सोरेन से अस्पताल में मिलते मंत्री संजय कुमार यादव
Jamshedpur News। झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का दुखद निधन हो गया है।
1963 को घाटशिला में जन्मे रामदास सोरेन ने अपना पूरा जीवन समाज और राजनीति को समर्पित किया। वे पहली बार 2009 में घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2019 में उन्होंने पुनः जीत हासिल की और विधानसभा में आदिवासी समाज की सशक्त आवाज़ बने।
30 अगस्त 2024 से 28 नवंबर 2024 तक उन्होंने झारखंड सरकार में जल संसाधन, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसे विभाग संभाले। इसके बाद 5 दिसंबर 2024 से वे शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री बने और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें कीं।
दुर्भाग्यवश, 2 अगस्त 2025 को जमशेदपुर स्थित अपने आवास में बाथरूम में गिरने से उन्हें गंभीर ब्रेन हेमरेज हो गया। उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो अस्पताल लाया गया, जहाँ कई दिनों तक जीवन रक्षक प्रणाली पर रहने के बाद 15 अगस्त 2025 की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उस समय उनकी आयु 62 वर्ष थी।
रामदास सोरेन (Ramdas Soren) का जीवन शिक्षा सुधार, आदिवासी उत्थान और झारखंड की प्रगति को समर्पित रहा। वे न केवल एक नेता बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने वाले मार्गदर्शक थे।
आज सुबह 9:30 बजे उनका पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट लाया जाएगा , जहाँ से उनके गाँव पहुंचाया जाएगा। दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे उनके घाटशिला आवास से अंतिम दर्शन के लिए शवयात्रा निकलेगी।
Ranchi झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को 9 बजे तक रांची एयरपोर्ट लाया जाएगा।
निधन पर पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत रूप से गहरा आघात पहुंचा है। राज्य ने एक संघर्षशील नेता और आदिवासी समाज ने अपना सच्चा हितैषी खो दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने एक स्तंभ को खोया है। मैं उन्हें केवल एक वरिष्ठ नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक अभिभावक के रूप में देखता था। वे मुझे हमेशा स्नेह से “छोटा भाई” कहकर बुलाते थे। उनके साथ बिताए पल, उनका मार्गदर्शन, और उनका आत्मीय व्यवहार हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेगा।उनका सादा जीवन, स्पष्ट सोच और जनता के प्रति निष्ठा हम सभी जनप्रतिनिधियों के लिए एक उदाहरण है। उनका जाना न केवल मेरे लिए, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है।ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
देवघर पुलिस ने देवघर जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर 4 साइबर आरोपी को किया गिरफ्तार 5 मोबाइल 6 सिम कार्ड को किया बरामद। पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना की पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया और जिला के मधुपुर थाना क्षेत्र से विकास कुमार दास को भेड़वा थाना मधुपुर , कुंदन कुमार दास बिल्ली थाना पथरौल , अजय दास सागरूबाद थाना सारठ और ललन महरा गोबरसाला थाना पथरड्डा को गिरफ्तार किया।
ठगी का तरीका
देवघर पुलिस ने बताया कि ये सभी साइबर आरोपी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगो को फोन कर एटीएम बंद होने और केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी किया करते थे।
फोन पे गुगल पे पर कैशबैक दिलाने के नाम पर ओटीपी प्राप्त कर ठगी करने का काम करते थे।
सरकारी योजना के नाम पर मईया सम्मान योजना पीएम किसान सम्मान निधि योजना जैसी योजना के नाम पर ठगी करते थे।
लॉटरी में कार और बाइक का लालच देकर लोगों को अपनी झांसे में लेते थे और ठगी करने का काम करते थे।
Deoghar/Godda उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एनकाउंटर की गूंज देश भर में गूंजती रही है और भाजपा समर्थक इसे एक मॉडल के रूप में प्रसारित करती रही है । वही विपक्ष हमेशा इसे बदले की कारवाही बताती रही और फर्जी इनकाउंटर बताते रहे हैं। योगी सरकार पर भी जाति धर्म देखकर कार्यवाही करने का आरोप लगता रहा है। विपक्ष ठोको नीति के खिलाफ आवाज उठाती रही है उत्तर प्रदेश के हर एक एनकाउंटर पर सवाल उठा और कई मामलों में कोर्ट ने संज्ञान भी लिया। वही अब एक बार फिर वही ठोको नीति के खिलाफ झारखंड भाजपा ने सवाल उठाया है……
आईए जानते हैं पूरा मामला….
गोड्डा जिला के ललमटिया में बीते दिनों पूर्व बीजेपी नेता सूर्यकांत हादसा का पुलिस मुठभेड़ में मौत की खबर सामने आई । सूर्या हांसदा के एनकाउंटर के खबर फैलते ही झारखंड में सियासी में भूचाल आ गया। सूर्या हांसदा के मौत के बाद गोड्डा के पूर्व विधायक सह बीजेपी प्रवक्ता अमित मंडल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि सूर्या हांसदा था इसलिए हुआ एनकाउंटर, अंसारी होता तो बच जाता पुलिस उसे नहीं मारती इस बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छेड़ दी है।
सूर्या अंसारी होता तो पुलिस उसे नहीं मारती : अमित मंडल
अमित मंडल का यह पोस्ट देर रात अपलोड हुआ और कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने सूर्या हांसदा एनकाउंटर पर सवाल उठाए और पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्षता पर शंका जताई। पोस्ट के कैप्शन में लिखी पंक्ति – सूर्या अंसारी होता तो पुलिस उसे नहीं मारती इस कैप्शन को लेकर विपक्षी दलों ने उन पर सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है।
सुनिए जेएलकेएम नेता जयराम महतो ने क्या कहा 👇👇👇
अमित मंडल के समर्थकों का कहना है कि यह टिप्पणी पुलिस के कथित दोहरे रवैये की ओर इशारा है, जबकि विरोधी इसे समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण फैलाने वाला बयान मान रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले गोड्डा पुलिस ने झारखंड के बोरियो विधानसभा से जीवीएम भाजपा और जेएलकेएम से चुनाव लड़ चुके पूर्व भाजपा नेता जिस पर दर्जनों से अधिक मामला दर्ज है जिसे पुलिस कुख्यात अपराधी भी बताती है ।
परिजनों का अलग आरोप
उस सूर्या हांसदा को पुलिस ने देवघर से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान सूर्या ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है। हालांकि, मृतक के परिजनों और कुछ स्थानीय संगठनों का आरोप है कि सूर्या को पहले बिजली के शॉर्ट सर्किट से घायल किया गया और फिर हिरासत में हत्या कर दी गई। इस मामले में पहले से ही स्वतंत्र जांच की मांग उठ रही थी।
कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों को धार्मिक पहचान से जोड़ना समाज के लिए खतरनाक है
अमित मंडल के फेसबुक पोस्ट पर सबसे तेज प्रतिक्रिया झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से आई। पार्टी के प्रवक्ता ने इसे गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना बयान करार देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों को धार्मिक पहचान से जोड़ना समाज के लिए खतरनाक है। कांग्रेस नेताओं ने भी मंडल पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भाजपा नेता संवेदनशील मुद्दों को सांप्रदायिक रंग देकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटका रहे हैं।
उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए : जयराम महतो
दूसरी और भाजपा के कुछ स्थानीय कार्यकताओं ने अपने पूर्व विधायक का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने केवल पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष जयराम महतो ने भी पहले ही एनकाउंटर की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर चुके हैं, उन्होंने कहा कि किसी भी एनकाउंटर की जांच स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके ।
सुनिए भाजपा नेता अमित मंडल ने क्या कहा 👇👇👇
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित मंडल का यह कदम सुनियोजित भी हो सकता है, क्योंकि इससे वे अपने समर्थक वर्ग में चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। एनकाउंटर जैसे संवेदनशील मामलों में धार्मिक पहचान का संदर्भ देना राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकता है, खासकर झारखंड जैसे राज्यों में जहां जनजातीय और अन्य समुदायों का संतुलन चुनावी राजनीति में अहम है।
हजारीबाग जिले के बड़कागांव में खुल रहे एनटीपीसी के बादम कोल परियोजना के लोक सुनवाई के दौरान बड़कागांव पुलिस और ग्रामीण भू रैयतों के बीच में झड़प हो गई। झड़प में बड़ी संख्या में ग्रामीण भू रैयत घायल हो गए हैं। घटना के संदर्भ में बताया जा रहा है कि हजारीबाग जिले के बड़कागांव के बादाम स्थित शुकुल खापिया गांव में एनटीपीसी के बादाम कोल माइंस के लिए ग्रामसभा का आयोजन प्रशासनिक स्तर से किया गया था। जिसमें बादाम शुकुल खापिया समेत अधिग्रहित गांव के महिला पुरुष भू रैयत मौजूद थे।
पथराव और लाठीचार्ज में कई भू रैयत व कंपनी के अधिकारी सुरक्षाबल के जवान घायल हुए हैं।
ग्रामसभा की कार्रवाई जैसे ही शुरू हुई ग्रामीण एक स्वर में ग्रामसभा का बहिष्कार करने इसी मामले पर बड़कागांव अंचल अधिकारी मनोज कुमार और एनटीपीसी व एमडीओ कंपनी बीजीआर के कर्मियों के बीच कहा सुनी हो गई! कहा सुनी इतनी बढ़ गई कि भू रैयतों द्वारा विरोध करने के दौरान ग्राम सभा में मौजूद अधिकारियों को भगाने के लिए भू रैयत पथराव करने लगे। वहीं मौजूद सुरक्षाबल के जवानों द्वारा पथराव के विरोध लाठी चार्ज कर दिया गया। पथराव और लाठीचार्ज में कई भू रैयत व कंपनी के अधिकारी सुरक्षाबल के जवान घायल हुए हैं। सभी घायलों का ईलाज बड़कागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है। घटना के उपरांत बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार हजारीबाग एस पी अंजनी अंजन और उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह कैंप किए हुवे हैं।
Ramgadh/Nemra उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद अखिलेश यादव आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के रामगढ़ जिला के नेमरा स्थित पैतृक आवास पहुंचे। यहां उन्होंने स्मृति शेष-दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
अखिलेश यादव सीएम की माता जी से बातचीत करते हुए
मौके पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन, विधायक बसंत सोरेन सहित अन्य परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की तथा उनका ढांढ़स बंधाया।
उनका संघर्ष, आदर्श एवं व्यक्तित्व को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता रूपी सोरेन से आत्मीय भेंट की, अखिलेश यादव ने रूपी सोरेन से बात करते हुए भावुक हो गए। मौके पर श्री यादव ने मुख्यमंत्री की माता श्रीमती रूपी सोरेन से कहा कि दु:ख की इस घड़ी में पूरे झारखंड के लोग आपके साथ है, आपका संबल ही राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को शक्ति प्रदान करेगा। स्मृति शेष-दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपना जीवन का एक-एक पल आदिवासी, दलित, शोषित, पीड़ित एवं वंचित समुदायों के कल्याण में लगा दिया। “गुरुजी” के जीवन से हम सभी को सदैव प्रेरणा मिलती रहेगी। स्मृति शेष-दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भले ही आज हम सभी के बीच नहीं है लेकिन उनका संघर्ष, आदर्श एवं व्यक्तित्व को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। “गुरुजी” एक प्रभावशाली जननेता के रूप में युग-युग तक याद किए जाएंगे, जिन्होंने समाज को एक नई दिशा दी।