दुमका // मायके में विवाहिता राखी कुमारी ने फंदे से लटकर खुदकुशी कर ली है। घटना जामा प्रखंड के दुम्मा नावाडीह गांव में घटी। मिली जानकारी के अनुसारखुदकुशी का वजह प्रेमी सोहन यादव का शादी करने से मुकर जाना बताया जा रहा है। घटना के बाद बुधवार को जामा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फूलों झानों मेडिकल कॉलेज भेजा दिया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
पश्चिमी सिंहभूम // पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत कुदासाई कलाईया गांव में अंधविश्वास की भयावह घटना सामने आई है। बुधवार सुबह करीब 6:10 बजे पुलिस को सूचना मिली कि डायन होने के आरोप में एक परिवार के पति-पत्नी और बच्चे को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें पत्नी और बच्चे की जलकर मौत हो गई।
सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर राफेल मुर्मू के नेतृत्व में टीम का गठन कर त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
मामले में पीड़ित कोल्हान सिंकू (40 ) के फर्दबयान के आधार पर कुमारडुंगी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में रसिका उर्फ चेचे बिरुवा, सुना बिरुवा, डेलका सिंकू, जेना बिरुवा, सुकुमारी बिरुवा सहित अन्य दो-तीन महिलाओं को आरोपित बनाया गया है।
पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर रसिका उर्फ चेचे बिरुवा (29 ), जेना बिरुवा (19), सोना बिरुवा (36) तथा डेलका सिंकू (20 ) को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपित ग्राम कलाईया, टोला कुदासाई, थाना कुमारडुंगी के निवासी हैं। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
रांची // झारखंड सरकार की ओर से संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों ने वर्ष 2026 की जेईई मेन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि विभिन्न जिलों के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगी परीक्षा में उत्कृष्ट एनटीए स्कोर प्राप्त किया।
परिणामों के मुताबिक जामताड़ा के साहिल सिन्हा ने 97.65 प्रतिशत एनटीए स्कोर के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। धनबाद के अंकित कुमार (97.61 प्रतिशत), हजारीबाग के निखिल कुमार (95.37 प्रतिशत), देवघर के वैभव सिंह (93.56 प्रतिशत), गिरिडीह के अनीश शर्मा (93 प्रतिशत) और बोकारो के अंब्रिश राजशेखर (91.79 प्रतिशत) सहित कई विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किया। वहीं गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, गढ़वा, पूर्वी सिंहभूम और कोडरमा के अनेक छात्रों ने 80 प्रतिशत से अधिक स्कोर प्राप्त किया है।
राज्य सरकार ने इस सफलता का श्रेय आधुनिक शिक्षण पद्धति, अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन और जेईई-नीट जैसी परीक्षाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था को दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्कूली शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह और परियोजना निदेशक शशि रंजन ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है।
रांची // बजट सत्र के दौरान सदन में दिए गए राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
मरांडी ने बुधवार को कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण झूठा है और सरकार तर्कहीन और तथ्यहीन बातें कर रही है। मरांडी ने कहा कि सत्र के दौरान भाजपा इंडी गठबंधन की सरकार के इस झूठ को सदन के भीतर बेनकाब करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय कुप्रबंधन, घपले-घोटाले के कारण झारखंड आर्थिक संकट से गुजर रहा है। केंद्र सरकार पर असहयोग का आरोप लगाना संकीर्ण मानसिकता और निम्नस्तरीय राजनीतिव उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि यूपीए शासनकाल के 10 वर्षों में झारखंड को 56 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक सहायता दी है।मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र से मिले फंड का दुरुपयोग कर रही है और उपयोगिता प्रमाण पत्र तक जमा नहीं किए जा रहे। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने से 10 हजार करोड़ रुपये गायब हैं, जिसकी जांच नहीं हो पा रही है।
उन्होंने राज्य में रोजगार, कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा जनहित के मुद्दों पर सदन में मजबूती से आवाज उठाएगी और सरकार को जवाबदेह बनाएगी। ही.स.
संभल // जनपद की तहसील गुन्नौर के थाना धनारी में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म के निर्माता, निर्देशक समेत चार लाेगाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें यादव समुदाय के लोगों ने फिल्म पर अपनी भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए इसे रिलीज होने से रोकने की मांग भी की है।
जिले के गांव भकरौली निवासी अरविंद कुमार ने थाना धनारी में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ नामक फिल्म के निर्माता, निर्देशक, हीरो और हीरोइन सहित चार लोगों के खिलाफ तहरीर पर बुधवार काे एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में फिल्म निर्माता संदीप तौमर, निर्देशक अंकित भड़ाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन काे नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता ने दो दर्जन से अधिक लोगों के साथ थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी थी।
शिकायत में कहा गया है कि 27 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म में दिखाए गए दृश्यों से यादव समुदाय की भावनाएं आहत हो रही हैं, जिससे समाज में भारी आक्रोश है। आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की लड़की और अन्य धर्म के लड़के की प्रेम कहानी को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे यादव समाज की संस्कृति और इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया गया है।
इस संबंध में थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि अरविंद कुमार ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म को लेकर शिकायत दी गई थी। अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद यादव ने संभल के सभी सिनेमा घर मालिकों से अपील की है कि वे इस फिल्म को प्रदर्शित न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा किया गया तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने दोहराया कि यादव समाज इस फिल्म में गलत तरीके से दिखाई गई चीजों को लेकर आक्रोशित है।
नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को पलट दिया है, जिसमें किसी महिला के पायजामे की डोरी खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं, बल्कि दुष्कर्म की तैयारी माना गया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस विवादास्पद फैसले को रद्द करते हुए कहा कि किसी महिला के पायजामे की डोरी खोलना दुष्कर्म का प्रयास है।
उच्चतम न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रियाओं में संवेदनशीलता लाने के लिए समिति को एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी जारी किए। कोर्ट ने जुडिशियल एकेडमी के निदेशक जस्टिस अनिरुद्ध बोस से विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाने का अनुरोध किया। ये कमेटी यौन अपराधों और अन्य संवेदनशील मामलों में जजों और न्यायिक प्रक्रियाओं में संवेदनशीलता कैसे लाई जाए इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय का ये विवादास्पद फैसला 17 मार्च 2025 का है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कासगंज के ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलटते हए कहा था कि किसी पीड़िता का प्राईवेट पार्ट छूना और उसकी सलवार का नाड़ा तोड़ना दुष्कर्म या दुष्कर्म की कोशिश नहीं माना जाएगा बल्कि ये एक गंभीर यौन उत्पीड़न माना जाएगा। कासगंज के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर दो आरोपितों को शुरु में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की दारा 18 के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस मनोहर नारायण मिश्रा की बेंच ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलटते हुए आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 354बी और पॉक्सो एक्ट की धारा 9 और 10 के तहत मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय के इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी। हि.स.
नई दिल्ली // दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस साल के पहले 15 दिनों में आठ सौ से ज्यादा लोगों के गायब होने पर कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि राईट टू बी फाउंड (मिलने का अधिकार) संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार का अहम हिस्सा है। याचिका में कहा गया है कि गुमशुदा व्यक्तियों को ढूंढने के लिए बाध्यकारी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। गुमशुदा व्यक्तियों को खोजने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तो जारी किए गए हैं लेकिन वे कड़ाई से लागू नहीं किए जाते हैं। यही वजह है कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर लोग गायब हो रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।एक खबर के मुताबिक एक जनवरी से 15 जनवरी के बीच 807 लोग दिल्ली से गायब हो गए हैं। इस खबर पर दिल्ली में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। छह फरवरी को दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एक्स पर एक पोस्ट किया और कहा कि गायब होने में बढ़ोतरी की खबरों को पैसे लेकर प्रमोट किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने लोगों में भय पैदा करने वालों पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। हालांकि इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में विस्तृत जवाब तलब किया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि अगर ये सही है तो ये काफी गंभीर मामला है।
रांची // रांची नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता कर अन्य राजनीतिक दलों पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो को छोड़कर कई राजनीतिक दल, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, अपने प्रचार वाहनों और पोस्टरों में चुनाव चिह्न के साथ बड़े नेताओं की तस्वीरों का उपयोग कर रहे हैं, जो चुनाव नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मेयर प्रत्याशियों की ओर से लगाए गए बैनर और पोस्टरों में आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणियां भी की गई हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि झामुमो हमेशा दलीय चेतना के साथ चुनाव लड़ने में विश्वास रखता है, न कि चुनाव चिह्नों और प्रतीकों के दुरुपयोग के माध्यम से। उन्होंने कहा कि शहर में जल्द ही नई नगर सरकार बनने वाली है और इस दौरान चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने रांची के मतदाताओं से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि नगर निकायों के विकास के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और नगर विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अनुरूप यदि नगर निगम में सकारात्मक जनादेश मिलता है, तो शहर के विकास को और गति मिलेगी और समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
उन्होंने मतदाताओं से अपने मतदान अधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक वोट लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जब चुनाव नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आ रहे हैं, तब झामुमो ने जनता को जागरूक करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह प्रेस वार्ता आयोजित की है।
काठमांडू // नेपाल के निर्वाचन आयोग ने सभी मीडिया हाउस और सर्वे एजेंसियों के चुनाव-पूर्व सर्वेक्षणों और चुनावी परिणाम की भविष्यवाणी के प्रकाशन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
निर्वाचन आयोग के कार्यवाहक प्रमुख निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने आज सुबह बयान जारी कर कहा कि आयोग के तरफ से सभी मीडिया और सर्वे एजेंसियों को किसी भी प्रकार के चुनावी सर्वेक्षण और चुनाव परिणाम की भविष्यवाणी के प्रकाशन और प्रसारण पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्देश जारी किया है।
आयोग ने कहा कि मतदान से पहले जीत–हार के अनुमान और जनमत सर्वेक्षण के नतीजे प्रकाशित करने जैसी गतिविधियां चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। भंडारी ने व्यक्तियों और मीडिया संस्थानों से यह भी अपील की कि वे सोशल मीडिया पर एआई और अन्य डिजिटल उपकरणों से तैयार भ्रामक सामग्री का निर्माण या प्रसार न करें। चुनाव की निष्पक्षता की रक्षा और मतदाताओं के गुप्त मतदान के अधिकार को साझा संवैधानिक दायित्व बताते हुए भंडारी ने पांच मार्च को निर्धारित चुनाव के सफल आयोजन के लिए सभी से सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सारण // पुलिस ने अनुशासनहीनता और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दंडात्मक कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर पैसों के लेन-देन से संबंधित एक वीडियो वायरल होने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के निर्देश पर एक दारोगा और एक महिला सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बीती रात करीब 09:45 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर एक वीडियो प्राप्त हुआ। इस वीडियो में नगर थाना की ईआरवी -01 112 गाड़ी पर तैनात महिला सिपाही संख्या 722 इंदु कुमारी को एक व्यक्ति के साथ पैसों के लेन-देन के विषय में बातचीत करते हुए देखा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पुलिस प्रशासन ने पूछताछ की, तो महिला सिपाही ने स्वीकार किया कि वीडियो लगभग दो महीने पुराना है। उस समय ड्यूटी पर उनके साथ पुलिस अवर निरीक्षक सब-इंस्पेक्टर जगदीश शर्मा और चालक सैफ सिपाही उमेश सिंह भी तैनात थे।
पुलिस विभाग के अनुसार इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है। आरोपों को गंभीर मानते हुए विभाग ने पुलिस अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा और महिला सिपाही इंदु कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल सामान्य जीवन-यापन भत्ता देय होगा।
देवघर // उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने स्पष्ट किया कि डिजिटल क्राप सर्वे का कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं सटीक ढंग से ससमय पूर्ण करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। इसके अलावा बैठक में उपायुक्त ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा के क्रम में लक्षित सर्वेयर के विरुद्ध किये गए कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत प्रतिशत सर्वेयर तैयार कर लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। आगे उन्होंने कहा कि डिजिटल क्राप सर्वे एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाला कार्य है। ऐसे में सुपरवाइजर के माध्यम से प्रतिदिन सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य का पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि कार्य में गुणवत्ता व गति दोनों सुनिश्चित हो सके। आगे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित सर्वे मामलों को नियमानुसार स्वीकृत या अस्वीकृत करते हुए जल्द निष्पादन करें, जिससे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके।
इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी सह प्रखंड नोडल पदाधिकारी (डिजिटल क्रॉप सर्वे), सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, सीएससी मैनेजर, जनसेवक व सहायक तकनीकी प्रबंधक सह सुपरवाइजर (डिजिटल क्रॉप सर्वे) उपस्थित थे।
पश्चिमी सिंहभूम // जिले के हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र में मागे परब की रात हुई युवक की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया है। 15 फरवरी 2026 की सुबह परमसाई गांव स्थित जोड़ा तालाब से बरामद शव की पहचान भुईयाँसाई गांव निवासी बैशाखू ग्वाला, पिता बिंदु ग्वाला के रूप में हुई थी। मामले में हाटगम्हरिया थाना( कांड संख्या 05/26) दर्ज की गई थी।
मृतक की पत्नी के फर्दबयान पर हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव तालाब में फेंके जाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक, चाईबासा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जगन्नाथपुर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान सामने आया कि 14- 15 फरवरी की रात बैशाखू ग्वाला को उसके परिचित पराय बोदरा उर्फ डुडरू बोदरा, पिता स्वर्गीय सामु बोदरा, तथा राम गागराई उर्फ बोतलराम गागराई, पिता स्वर्गीय विजय सिंह गागराई, दोनों निवासी हाटगम्हरिया, मागे परब मनाने के लिए घर से बुलाकर ले गए थे।
तीनों ने साथ बैठकर मागे परब मनाया और हड़िया पी। इसके बाद वे कालीमाटी गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में नशे की हालत में कहासुनी हो गई। बताया जाता है कि बैशाखू ग्वाला ने पराय बोदरा को थप्पड़ मार दिया, जिससे विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर पराय बोदरा और राम गागराई ने मिलकर बैशाखू के साथ मारपीट शुरू कर दी। झाड़ियों के पास उसे पटक कर बेरहमी से पीटा गया। मारपीट के दौरान बैशाखू के गले के पास गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा। इसके बाद दोनों ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।हत्या के बाद दोनों आरोपितों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जोड़ा तालाब में फेंक दिया।
पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस मामले के खुलासे में पुलिस अवर निरीक्षक उत्तम तिवारी, सहदेव मंडल, यदुनन्दन महतो सहित सशस्त्र बल शमिल थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
पश्चिम सिंहभूम // जिले के कुमारडूंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत कलाईया गांव में डायन होने का आरोप लगाकर 32 वर्षीय महिला और उसके दो माह के मासूम बच्चे को पेट्रोल छिड़क कर जिंदा जला दिया गया। इस वारदात में महिला का पति भी बुरी तरह झुलस गया, लेकिन वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला।
घटना मंगलवार रात करीब नौ बजे की बताई जा रही है। जीवित बचे कोल्हान सिंकु (40) ने पुलिस को बताया कि वह अपनी दूसरी पत्नी ज्योति सिंकु, दो साल के बेटे और दो माह के नवजात के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान गांव के ही रिश्तेदार राशिका बिरुवा ने घर के बाहर से आवाज लगाई। आवाज सुनकर वह पत्नी के साथ बाहर निकले, तभी उनकी पहली पत्नी जानी सिंकु भी बाहर आ गई।
आंगन में पहले से ही करीब एक दर्जन महिला-पुरुष और बच्चे मौजूद थे। सभी ने ज्योति सिंकु पर डायन होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। कोल्हान सिंकु ने मामले को सुबह पंचायत में सुलझाने की बात कही, लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोल से भरा गैलन लाकर उन पर उंडेल दिया गया और माचिस से आग लगा दी गई।
आग की लपटें उठते ही अफरा-तफरी मच गई। कोल्हान सिंकु किसी तरह जलते हुए वहां से भाग निकले। रास्ते में उन्होंने अपने जलते कपड़े उतार दिए और निर्वस्त्र हालत में थाना पहुंचकर मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन रात होने के कारण थाना का दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद वह एक रिश्तेदार के घर शरण लेकर रात गुजारी।
बुधवार सुबह उन्होंने दोबारा थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया और गांव पहुंचकर महिला तथा नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात में एक ही परिवार के करीब दस लोग शामिल थे। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की है और सभी संदिग्धों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुमारडूंगी थाना रंजीत उरांव ने बताया कि चार आरोपित को पकड़ लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राँची // झारखंड विधानसभा के षष्ठम सत्र के पंचम (बजट) सत्र (18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक) के सुचारु संचालन और बजट की रूपरेखा को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कक्ष, झारखंड विधानसभा में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।उक्त बैठक में राज्य की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं महिला सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, मुख्यमंत्री की दावोस में आयोजित ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में भागीदारी का वर्णन किया गया, जहां उन्होंने विश्व के नीति निर्माताओं, औद्योगिक दिग्गजों एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ द्विपक्षीय चर्चाएं कीं, जिससे राज्य में निवेश के नए अवसर खुल सकें, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ।मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ट्राईबल वेलफेयर, स्कॉलरशिप एवं राज्य के जनहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट सत्र ससमय आयोजित हो तथा इसकी तैयारी सुचारु रूप से की जाए।
उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतएव विभाग की तैयारी में कोई कमी न रहे। सत्ता दल एवं विपक्षी विधायकों के प्रश्नों एवं बजट संबंधी सवालों पर पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की जाए।बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार सहित वित्त विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची // झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र की तैयारियों को लेकर रांची के डॉ श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया।बैठक में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिया गया कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहें। सत्ता पक्ष सत्र के दौरान पूरी मजबूती और समन्वय के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।
विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले हर उचित सवाल का तथ्यों और तैयारी के साथ जवाब दिया जाएगा। बैठक में विधायी कार्यों के सुचारू संचालन और सरकार की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से रखने पर भी चर्चा हुई। बैठक में मंत्री एवं विधायक मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि षष्टम झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू की गई।