रांची // राजधानी रांची में अधिवक्ता हिट एंड रन का मामला प्रकाश में आया है। डोरंडा थाना क्षेत्र में एक कार सवार ने मामूली विवाद के बाद एक युवक को अपनी कार के बोनट पर कई किलोमीटर तक लटकाए रखा। इस दौरान युवक अपनी जान बचाने के लिए पूरे रास्ते संघर्ष करता रहा। पीड़ित युवक ने पूरे हादसे का वीडियो भी बनाया है। पीड़ित युवक मवाज खान ने बताया कि वह अपने छोटे भाई को स्कूल छोड़कर बाइक से डोरंडा की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक कार ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मवाज ने कार चालक से कहा कि उसका ब्रेक टूट गया है, इसलिए ब्रेक बनवाने के पैसे दे दें और चले जाएं।
लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि कार सवार ने कई वाहनों को धक्का मारते हुए निकलने की कोशिश की। इसी दौरान मवाज कार के बोनट पर जा गिरा। इसके बावजूद कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी, बल्कि और तेज गति से चलाई। मवाज खान बोनट पर अटका रहा। लाख मिन्नत करने के बाद भी कार सवार ने गाड़ी नहीं रोकी और युवक को उसी हालत में लेकर अपने अपार्टमेंट तक पहुंच गया। पूरे रास्ते मवाज अपनी जान बचाने के लिए चिल्लाता और चीखता रहा, लेकिन कार सवार ने उसकी एक नहीं सुनी।
अपार्टमेंट पहुंचने के बाद कार सवार ने चार-पांच लोगों के साथ मिलकर मवाज के साथ मारपीट भी की।किसी तरह अपार्टमेंट से फोन करके मवाज ने अपने परिजनों को सूचना दी। परिजन पहुंचे और उसे थाने ले गए। कार सवार की पहचान झारखंड उच्च न्यायालय के सीनियर अधिवक्ता मनोज टंडन के रूप में हुई। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है।इसके बाद एक वीडियो आया कि मामले में समझौता हो गया। लेकिन थाना प्रभारी दीपिका ने मंगलवार देर रात बताया कि मामले में दोनों ओर से एक दूसरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।
रांची // झारखंड उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता मनोज टंडन को सुरक्षा दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन से महाधिवक्ता राजीव रंजन को बात करने का निर्देश दिया है।
उल्लेेखनीय है कि उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मनोज टंडन की वाहन से किसी को टक्कर लग गई थी। इसके बाद लोगों ने डोरंडा स्थित उनके आवास को घेर लिया। इसके बाद मनोज टंडन को सुरक्षा के बीच डोरंडा थाना लाकर रखा गया, जहां भीड़ भी पहुंच गई।मामले में मंगलवार को कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने के बाद इस बात का मेंशन उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में उच्च न्यायालय के एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से किया गया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने कोर्ट में मौजूद महाधिवक्ता से कहा कि वह अविलंब अधिवक्ता मनोज टंडन और उनके के घर की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए वह पुलिस प्रशासन से बात करें।
हजारीबाग // जिले के कटकमदाग, लोहसिंघना और ईचाक थाना क्षेत्रों में नशाखोरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कटकमदाग के सुलताना में छापेमारी के दौरान 6 आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके पास से 111.72 ग्राम ब्राउन शुगर, ₹17,160 नकद, 7 मोबाइल, 2 मोटरसाइकिल, एक स्विफ्ट कार और 2 माप-तौल मशीन बरामद हुई।लोहसिंघना थाना क्षेत्र से 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 17 ग्राम ब्राउन शुगर, 2 किलो गांजा और ₹47,000 नकद जब्त किए गए।ईचाक थाना क्षेत्र में डायल 100 की सूचना पर 5 आरोपियों को पकड़ते हुए 2 पुड़िया ब्राउन शुगर और 7 मोटरसाइकिल बरामद की गईं।
मुख्य आरोपी उदय कुमार उर्फ नवल दांगी पर पूर्व से एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
नई दिल्ली // जेल से रिहा होने के बाद बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया है। किसी को उन पर शक है तो सच को साबित करने के लिए वह हमेशा तैयार हैं।
सच को साबित करने के लिए हमेशा तैयार हैं : राजपाल यादव
राजपाल यादव ने मीडिया को बताया कि वे कानून का सम्मान करते हैं और पिछले एक दशक से हर आदेश का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में उच्च न्यायालय ने जहां-जहां आदेश दिए हैं, मैं वहां हाज़िर हुआ हूं। आगे भी कानून का जो भी आदेश होगा, मैं बिल्कुल हाज़िर मिलूंगा। “उन्होंने एक सवाल का जबाव देते हुए कहा कि वे खुद जांच और सवालों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपने करियर पर चर्चा करते हुए अभिनेता ने बताया कि 2027 में उन्हें मुंबई और बॉलीवुड में 30 साल पूरे हो जाएंगे। यहां उनका जो रिश्ता बना है, वो सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 150 करोड़ लोगों के साथ उनका “एंटरटेनमेंट और ब्लड सर्कुलेशन” का रिश्ता है।
कोलकाता // पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब ‘तुगलकी आयोग’ बन गया है और एक राजनीतिक दल के इशारे पर काम कर रहा है।
राज्य सचिवालय में मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ की एक महिला पदाधिकारी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर बंगाल में 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवा दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है, मतदाताओं को निशाना बना रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।
ममता ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान भारतीय जनता पार्टी के निर्देश पर राज्य के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तर्कहीन विसंगतियों का हवाला देकर आम लोगों से उनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को संतुष्ट करने के लिए बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। ममता ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से उत्पन्न चिंता और कार्य संबंधी दबाव के कारण राज्य में 160 लोगों की मृत्यु हुई है।
देवघर // जिला के नगर थाना क्षेत्र के मिश्रा रेसीडेंसी पब्लिक स्कूल में मैट्रिक की परीक्षा देकर निकली और नंदन पहाड़ के रास्ते जसीडीह थाना क्षेत्र के कुमैठा अपना घर जा रही थी इसी बीच रास्ते से गायब हो गई। छात्रा के पिता ने नगर थाना में लिखित आवेदन में कहा कि खुशी शर्मा उम्र 15 वर्ष मैट्रिक की परीक्षा देकर दोपहर के 1 बजकर 39 मिनट में निकली और रास्ते से गायब हो गई। उन्होंने पुलिस से छात्रा की खोजबीन शुरू करने की गुहार लगाई है।
रांची // झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी (बुधवार) से प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन को लेकर मंगलवार को विधानसभा परिसर में अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने बताया कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले, इसके लिए सभी दलों के नेताओं एवं संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों, प्रतिवेदनों और अन्य कार्यों से संबंधित सामग्रियों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लंबित प्रश्नों के उत्तर समय पर उपलब्ध कराए जाएं, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
23 फरवरी को सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी
बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष ने सभी दलों से अपील की कि इन महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में गंभीर और सार्थक चर्चा हो, ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों का प्रभावी समाधान निकल सके। अध्यक्ष महतो ने बताया कि 23 फरवरी को झारखंड में नगर पंचायत चुनाव निर्धारित है। ऐसे में संसदीय कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि 23 फरवरी को सदन की कार्यवाही स्थगित रखी जाए, ताकि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदन का व्यवस्थित संचालन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों की सकारात्मक भूमिका जरूरी है। सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, आजसू के प्रतिनिधि तथा कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव राजद से सुरेश पासवान सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य उपस्थित रहे ।
रांची // झारखंड उच्च न्यायालय में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दायर शाईदा खातून और अन्य अवमानना याचिका की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेदनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू (एमआरएमसीएच) के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ अजय कुमार ने अस्पताल का ओरिजिनल एडमिशन रजिस्टर कोर्ट में में प्रस्तुत किया।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने रजिस्टर का अवलोकन करने के बाद इसे मेडिकल सुपरिटेंडेंट को वापस सौंप दिया।
अदालत ने एडमिशन रजिस्टर के संबंधित अंश की स्कैन कॉ रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जिन दस्तावेजों पर भरोसा किया जा रहा था, वे रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं पाए गए हैं। इसपर कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि वे दस्तावेज अगली सुनवाई से पहले शपथ पत्र के माध्यम से रिकॉर्ड पर लाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि उच्चतम न्यायालय की ओर से डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (199 मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का जानबूझकर पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर अधिवक्ता शादाब इकबाल ने अदालत को बताया कि मृतक को एक मार्च 2025 को हिरासत में लिया गया था और उसी दिन कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई।
इसके बाद उसे 24 घंटे बाद सेंट्रल जेल, मेदिनीनगर भेजा गया और इलाज के लिए 4 मार्च 2025 को रिम्स, रांची रेफर किया गया। याचिकाकर्ताओं ने रिम्स की ओर से जारी बेड टिकट का हवाला देते हुए कहा कि मृतक को पहली बार रिम्स में डॉक्टर ने 7 मार्च 2025 को देखा था।
सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पलामू (एमएमसीएच) के एडमिशन रजिस्टर का उल्लेख किया, जिसमें मृतक का नाम छह मार्च 2025 रात 11:10 बजे अस्पताल में दर्ज बताया गया। सरकार का कहना है कि 4 मार्च 2025 की रेफरल तारीख डॉक्टर की गलती हो सकती है।
याचिकाकर्ताओं ने एडमिशन रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन नंबरों के क्रम में अंतर दिखाते हुए गंभीर विसंगतियां बताईं। राज्य के अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि रजिस्ट्रेशन नंबरों में अंतर का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
उच्च न्यायालय ने पिछली सुनवाई में मामले की सच्चाई स्पष्ट करने के लिए मूल एडमिशन रजिस्टर मांगी थी। अदालत ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट, मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। साथ में अदालत ने मूल एडमिशन रजिस्टर भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
दुमका // तमिलनाडु के राज्यपाल रविन्द्र नारायण रवि प्रसिद्ध तीर्थ स्थान फौजदारी दरबार बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचे और सपरिवार भोलेनाथ की पूजा अर्चना की। महामहिम राज्यपाल को बासुकीनाथ धाम मंदिर में उनके पुरोहितों द्वारा विधि विधान पूर्वक समस्त देवी देवताओं का पूजा अर्चना कराया गया। साथ ही जनकल्याण के लिए उन्होंने भोलेनाथ की मंगल आरती भी की। इस दौरान मंदिर की सुरक्षा चौक बंद कर दी गई थी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें मंदिर में दर्शन पूजन कराया गया। राज्यपाल के बासुकीनाथ आगमन पर वन विभाग के विश्रामागार परिसर में दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा एवं पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया एवं पूजा अर्चना के बाद राज्यपाल को भेंट स्वरूप बाबा का स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। पूजा अर्चना के बाद राज्यपाल वापस देवघर की ओर रवाना हो गए।
भागलपुर // जिले के जोगसर थाना अंतर्गत एटीएम कार्ड बदल कर 77,000 रुपया की ठगी करने वाले दो शातिर अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। उक्त आशय की जानकारी मंगलवार को सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने दी।सिटी एसपी ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर के निर्देशानुसार एटीएम कार्ड बदल कर पैसे की अवैध निकासी करने वाले अपराधकर्मियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी किया किया जा रहा है।
इसी क्रम में वादी अरविन्द पासवान पिता मंचन पासवान सा०-महुआ थाना-पंजवारा जिला-बॉका के जोगसर थाना में दिये गये आवेदन के अनुसार जोगसर थानान्तर्गत मानीक सरकार चौक स्थित एसबीआई एटीएम में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एटीएम कार्ड बदल कर 77,000 रुपये की अवैध निकासी कर लिया गया था। इस संबंध में जोगसर थाना में सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान आरंभ किया गया। कांड के त्वरित उद्भेदन एवं संलिप्त अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक, नगर भागलपुर के निगरानी तथा पुलिस उपाधीक्षक, नगर-01 भागलपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया।
गठित टीम के द्वारा सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कांड का सफल उद्भेदन करते हुए इस कांड में संलिप्त अपराधकर्मियों विनय कुमार सिंह एवं निवास कुमार सिंह को पूर्णिया से विधिवत् गिरफ्तार किया गया। उक्त गिरफ्तार दोनों अपराधर्मियों से इस संबंध में आवश्यक पूछ-ताछ कर विधि-सम्मत अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। उक्त अपराधियों के पास से पुलिस ने एक मोटरसाईकिल, दो वाशिंग मशीन और दो मोबाईल फोन बरामद किया गया है।
अररिया // अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने पत्नीहंता पति को सश्रम आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।न्यायालय ने सत्र वाद संख्या 670/2025 में सजा सुनाई।साथ ही जुर्माने की रकम नहीं अदा करने पर दोषी की तीन महीने तक की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश भी न्यायालय ने अपने निर्णय में दिया।सजा पाने वाला दोषी 26 वर्षीय मो. गालिब पिता मो. इदरीस अररिया के ककुड़वा,बसंतपुर, वार्ड संख्या 29 का रहने वाला है।
मामला अररिया (बैरगाछी) थाना कांड संख्या 1115/2023 से संबंधित है। इसके सूचक मृतका बीबी सुहाना उर्फ झुमकी के पिता मो. परवेज पिता स्व.नूर मोहम्मद हैं,जो बैरगाछी के मैनापुर, वार्ड संख्या 13 के निवासी हैं। कांड में दोषी सहित कुल सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था और पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर केवल दोषी मोहम्मद गालिब के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया। शेष अन्य छह आरोपियों के विरुद्ध पूरक अनुसंधान लंबित रखा गया है । 16 दिसंबर 2022 को दर्ज कराई गई कांड में सूचक ने बताया था कि उसकी पुत्री का विवाह छह महीने पूर्व मो. गालिब से सम्पन्न हुई थी और उसके सुसराल वाले उसे दहेज में पांच लाख रुपये के लिए प्रताड़ित करता था।
पैसे नहीं मिलने पर मृतका बीबी सुहाना प्रवीण उर्फ झुमकी का गला घोंटकर हत्या कर शव को पनार नदी से पूर्व उत्तर में पेड़ से लटका दिया गया था। मौका ए वरदात मृतका की पेड़ से झूलते लाश मिली थी।सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक राजानंद पासवान और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमलेश कुमार ठाकुर ने न्यायालय के समक्ष अपनी – अपनी दलीलें प्रस्तुत किया । दोनो ही पक्षों को सुनने के बाद पत्नी हत्त्या के आरोपी पति को न्यायालय ने दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई ।
रांची // झारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर), पुलिस जांच और किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक जारी रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को जवाब का अध्ययन करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 24 फरवरी निर्धारित की है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त समय की मांग की गई, जिसे न्यायमूर्ति एस.के. द्विवेदी की अदालत ने स्वीकार कर लिया। ईडी की ओर से अधिवक्ता सौरभ कुमार ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामला निराधार है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यह मामला एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 05/2026 से संबंधित है, जिसमें ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वर्तमान में अदालत इस याचिका की मेंटेनबिलिटी, यानी इसकी सुनवाई योग्य होने के मुद्दे पर विचार कर रही है।इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने ईडी कार्यालय की सुरक्षा को लेकर भी अहम निर्देश दिए थे।
अदालत ने केंद्र सरकार को कार्यालय की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) या अन्य अर्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। साथ ही रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अदालत ने हिनू स्थित ईडी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया था।ईडी अधिकारियों ने अपनी याचिका में अदालत से अनुरोध किया है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक कार्रवाई को रद्द किया जाए या मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), को सौंप दी जाए।
इसके अलावा ईडी ने शिकायतकर्ता संतोष कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है।ईडी के अनुसार, संतोष कुमार पर लगभग 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है, जो कथित पेयजल घोटाले से जुड़ा है। एजेंसी ने उनके खिलाफ ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। ईडी का कहना है कि 12 जनवरी 2026 को संतोष कुमार स्वयं ईडी कार्यालय पहुंचे थे, जहां पूछताछ के दौरान वे अचानक उत्तेजित हो गए और खुद को चोट पहुंचा ली। इसके बाद उन्होंने ईडी अधिकारियों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज कराया।
फिलहाल उच्च न्यायालय के इस आदेश से ईडी अधिकारियों को अंतरिम राहत मिली है। अब 24 फरवरी को होने वाली सुनवाई में राज्य सरकार अपना पक्ष रखेगी, जिसके बाद अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी
लखनऊ // उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में काकोरी थाना क्षेत्र में ससुराल आए दामाद की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजकर चार आराेपिताें को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सहायक पुलिस आयुक्त काकोरी शकील अहमद ने मंगलवार काे बताया कि काकोरी ग्राम लालताखेड़ा के बाहर एक बाग में दो भाइयाें को चाकू मार दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फारेंसिक टीम के साथ घटना की जांच कर घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक भाई की हालत गंभीर है।सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि मृतक की पहचान पीलीभीत जिले के निवासी ग्राम रामसागर (24) के रूप में हुई। पूछताछ में घायल युवक राहुल ने अपनी तहरीर में बताया कि रामसागर का दिसंबर 2024 में काकोरी के ग्राम लालताखेड़ा निवासी कामिनी से प्रेम विवाह हुआ था। कुछ समय से कामिनी ससुराल में रह रही थी। बाद में उसके परिजन उसे अपने घर लालताखेड़ा ले गए। आरोप है कि उसके परिजन उसकी दूसरी जगह शादी कराने की तैयारी कर रहे थे।रविवार को राहुल अपने भाई राम सागर के साथ उसकी पत्नी को विदा कराने लालताखेड़ा आया था। वहां पर कामिनी के पिता भीमा गौतम, उसके पुत्र सुमित, अमित और मौसी का लड़का पंकज से लालताखेड़ा गांव के बाहर बातचीत के दौरान विवाद हो गया। इसके बाद सभी लोगों ने मिलकर राम सागर और उसके भाई राहुल के साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी।
इसी दौरान सुमित ने चाकू से प्रहार करके रामसागर को घायल कर दिया। राहुल के बीच-बचाव करने पर उसके साथ मारपीट की गई। शोर शराबा होने पर आरोपित मौके से फरार हो गये। इधर, घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने राम सागर को मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजकर घायल को अस्पताल पहुंचाया।सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
कोरियन लवर गेम के चलते गाजियाबाद की तीन बहनों की खुदकुशी ने आज के हालात और बच्चों की बदलती मानसिकता को लेकर झकझोर कर रख दिया है। अभी तीन बहनों की चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई कि ऑनलाइन गेम के चलते मेरठ का 22 वर्षीय युवक मोहम्मद कैफ हेडफोन लगाकार गेम खेलते खेलते ही बेहोश होकर गिर गया और ब्रेन हेमरेज होने से मौत के आगोश में समा गया। इसे इंटरनेट गेमिंग डिसआर्डर के रुप में देखा व समझा जा सकता है।
फायर-फायर चिल्लाने की लत….
इस तरह की घटनाएं देश-दुनिया में आये दिन हो रही है और इनमें से कुछ ही घटनाएं हमारे सामने आ पाती है। ऐसा नहीं है कि ऑनलाइन गेम की गिरफ्त में हमारे देश के बच्चे या युवा आ रहे हों अपितु दुनिया के अधिकांश देश इस समस्या से दो-चार हो रहे हैं। इस तरह की घटनाओं को हत्या के रुप में ही देखा जाना चाहिए। आत्महत्या कहकर इसे हल्का किया जा रहा है। हालात यहां तक है कि बच्चे या ऑनलाइन गेम खेलने वाले रात को सोने की स्थिति में गेम में चल रहे टास्क से संबंधित बातें बोलते हुए देखे जा सकते हैं। पिछले दिनों ऑनलाइन गेम से ग्रसित बच्चे द्वारा नींद में फायर-फायर चिल्लाने का समाचार आम होता देखा गया। दरअसल, ऑनलाइन गेम मनोस्थिति को इस कदर प्रभावित कर देते हैं कि उठते-बैठते टास्क ही टास्क दिमाग में घूमता रहा है। इसी कारण से दुनिया के कई देशों में बच्चों के लिए इंटरनेट के उपयोग को लेकर सख्ती या रोक जैसे कदम उठाने शुरु किये हैं।
आस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिट्रेन, सिंगापुर दक्षिण कोरिया आदि देश इस दिषा में सक्रिय हुए हैं।दरअसल, देखा जाएं तो आनलाइन गेम की लत अन्य नशों से भी अधिक गंभीर होती जा रही है। माना जाता है कि दुनिया के देशों में 1982 में आनलाइन गेमिंग के चलते पहली मौत का मामला सामने आया था जबकि उस समय तो इंटरनेट की पहुंच एक प्रतिशत तक भी नहीं थी। 2022 के बाद ऑनलाइन गेमों की बाढ़ सी आ गई और भारत ही नहीं दुनिया के देशों में गेमिंग के चलते होने वाले दुष्प्रभावों से हिला कर रख दिया है।
कोविड के साइड इफेक्ट या ऑनलाइन गेमिंग के चस्के
देखा जाए तो जहां तक बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग के चस्के का प्रमुख कारण माना जाए तो इसे कोविड के साइड इफेक्ट के रुप में देखा जा सकता है। कोविड के चलते बच्चों की जिस तरह से ऑनलाइन कक्षाएं शुरु हुई और जिस तरह से आज भी इसे देखा जा सकता है तो बच्चों के हाथों में एंड्रायड़ फोन आने और ऑनलाइन कक्षाओं के बाद स्क्रिन की अवधि बढ़ने और आकर्षक भ्रमित करने वाले गेमों से बच्चों के जुड़ने से हालात दिन-प्रतिदिन खराब ही हुए हैं। इस लत में बच्चे ही नहीं अपितु युवा भी आते जा रहे हैं। ब्लू व्हेल चैलेंज, पबजी, चोकिंग गेम, फार्टनाइट, फ्री फायर, पपी प्ले टाइम, द बेबी इन येलो, एविल नन, आइसक्रीम आदि गेम ने सर्वाधिक प्रभावित किया है।
ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया मुख्यतौर से दो दिशाओं में चलती है।
ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया मुख्यतौर से दो दिशाओं में चलती है। एक टास्कबेस्ड गेम है तो दूसरे इमर्सिंव गेम है। टास्कबेस्ड गेम में लगातार नए नए टास्क दिए जाते हैं। यहां तक कि ऐसा भी गया है कि इस तरह के गेम में कई बार तो खेलने वाले को स्वयं को नुकसान पहुंचाने वाले टास्क दे दिए जाते हैं। वाइल्ड हंट, विचर 3, होरिजोन जैसे इस तरह के अनेक गेम है। यह तो केवल उदाहरण मात्र है। इसी तरह से इमर्सिंग गेमों में तकनीक और ग्राफिक्स के माध्यम से यर्थाथ दुनिया जैसे हालात दिखाते हैं। जीरो डॉन, रेड डेड, फॉलआउट और इसी तरह के अनेक गेम उपलब्ध है। खतरनाक तथ्य यह है कि 10-12 से लेकर 40 वर्ष तक के लोग इनके ज्यादा शिकार हो रहे हैं।ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया की बात करें तो यह अपने आप में बड़ा व्यापार है। 2024 में 3.7 बिलियन के कारोबार को माना जा रहा है। साल 2029 तक इसके 9.1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
यानी 2029 तक लगभग तीन गुणा बढ़ जाएगा। सबसे बड़ी चिंतनीय बात यह है कि ऑनलाइन गेम के कारण भले ही मौत के समाचार कभी कभार ही सामने आते हो पर इससे ज्यादा गंभीरता यह है कि मनोवैज्ञानिक असर अधिक दिखाई देने लगा है। ऑनलाइन गेम के लत वालों में डर, अकेलापन, अनिंद्रा, खुद को नुकसान पहुंचाने के साथ ही शारीरिक और मानसिक विकार आम होते जा रहे हैं। कुंठा, आक्रोश, संवेदनहीनता, तनाव आम होते जा रहे हैं।
परिजनों को निरंतर निगरानी रखने की जरूरत…
समय आ गया है जब ऑनलाइन गेमिंग की समस्या का हल खोजा ही जाना चाहिए। अन्यथा हालात दिन-प्रतिदिन बद से बदतर ही होंगे। ऑनलाइन गेमिंग बनाने वालों को तो एक मात्र उद्देश्य अधिक से अधिक पैसा कमाना है उन्हें इसके दुष्प्रभावों से कोई लेना-देना नहीं होता। हालांकि भारत सहित कुछ देशों की सरकारें सक्रिय हुई है। पर मनोवैज्ञानिकों को भी आगे आकर कोई समाधान खोजना होगा वहीं अभिभावकों, परिजनों व समाज का भी दायित्व हो जाता है। परिजनों को निरंतर निगरानी रखने, मोबाइल देखने की समय सीमा तय करने, किसी और रचनात्मक कार्य में लगाने, सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय करने और परंपरागत आउट डोर गेम्स के प्रति रुचि पैदा करने के ठोस प्रयास करने ही होंगे। सरकार को भी मौत की राह में ले जाने वाले गेम फॉरमेट पर रोक लगाने के सख्त कदम उठाने होंगे। (डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा , लेखक, स्वतंत्र टिप्पणीकार हैंं।)
रोहतास // जिले के परसथूआ थाना क्षेत्र के ग्राम सोहसा के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 319 पर छात्रों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से दो शिक्षक की मौत हो गई,जबकि पांच शिक्षक और 11 छात्र गंभीर रूप से जख्मी हैं।
पुलिस के अनुसार सभी शिक्षक और छात्र कैमूर जिला के चैनपुर थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय बढौना के हैं। बस छात्रों और शिक्षकों काे लेकर शैक्षणिक परिभ्रमण पर पटना जा रही थी। घटना साेमवार रात डेढ़ बजे की बताई जाती है। मृतकों में शिक्षक पुनीत कुमार और सुमित कुमार शामिल हैं।एसपी रौशन कुमार ने बताया कि बस दुर्घटना में दो शिक्षक की माैत हो गई है तथा पांच शिक्षक और 11 छात्र जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल सासाराम ले जाया गया है। बताया कि बस कुल सात शिक्षक और 36 छात्र के अलावा एक अभिभावक भी सवार थे। एसपी ने बताया कि दोनों शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए सदर अस्पताल सासाराम ले जाया गया है।