उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर
देवघर | BKD News Jharkhand । राजकीय श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, बाबा मंदिर प्रभारी सह अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
गर्भगृह में मोबाइल के उपयोग पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
बैठक के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को उपस्थित अधिकारियों, तीर्थ पुरोहितों एवं प्रबुद्धजनों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। प्रशासन का मानना है कि इससे मंदिर की गरिमा बनी रहेगी और पूजा-अर्चना अधिक व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगी।
सालभर बाह्य अर्घा स्थापना के प्रस्ताव को मिली सर्वसम्मति
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में पूरे वर्ष बाह्य अर्घा स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सर्वसम्मति बनी। इससे सामान्य दिनों में भी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी।
सुगम जलार्पण, क्राउड मैनेजमेंट और शीघ्र दर्शन व्यवस्था पर विशेष फोकस
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम जलार्पण की सुविधा मिल सके। बैठक में क्राउड मैनेजमेंट, शीघ्र दर्शन व्यवस्था और वीआईपी पूजा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

नए फुटओवर ब्रिज, क्लॉक रूम और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर चर्चा
बैठक में नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण, आधुनिक क्लॉक रूम, सुरक्षित आवागमन, पेयजल, कतार प्रबंधन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी विस्तृत मंथन हुआ। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने सौंपा ज्ञापन, दिए महत्वपूर्ण सुझाव
पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, महामंत्री निर्मल झा एवं अन्य पदाधिकारियों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा और बाबा मंदिर की गरिमा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के अंत में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण और बाबा मंदिर की गरिमा के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि श्रावणी मेला-2026 का सफल और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।
