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श्रावणी मेला 2026: चयनित उद्घोषकों को श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग का दिया गया प्रशिक्षण

श्रावणी मेला 2026: चयनित उद्घोषकों को श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग का दिया गया प्रशिक्षण

नगर आयुक्त और एसडीओ ने कर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सेवाभाव का पढ़ाया पाठ

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल एवं सुचारु संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार सूचना भवन सभागार में नव-चयनित सूचना सह सहायता कर्मियों (उद्घोषकों) एवं मातृत्व विश्राम गृह के सहयोगी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर आयुक्त सुलोचना मीना और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने की।

श्रद्धालुओं की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकतानगर आयुक्त सुलोचना मीना ने कहा कि उद्घोषकों की जिम्मेदारी केवल बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सेवाभाव, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ श्रद्धालुओं की हर संभव सहायता करना भी उनका दायित्व है।

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उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधा और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए।

नई तकनीक से होगी हाईटेक सूचना व्यवस्था

प्रशासन ने इस वर्ष सूचना व्यवस्था को पहले से अधिक आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। मेला क्षेत्र के सभी 34 सूचना सह सहायता केंद्रों को तकनीकी रूप से आपस में जोड़ा जाएगा। इससे भीड़ में बिछड़े कांवरियों की पहचान कर उनके परिजनों से शीघ्र संपर्क स्थापित करने में आसानी होगी और सूचना का आदान-प्रदान तेज़ी से हो सकेगा।

34 सहायता केंद्र, 10 मातृत्व विश्राम गृह और चौबीसों घंटे सेवा

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 34 सूचना सह सहायता केंद्र और 4 टोटो चौबीसों घंटे कार्यरत रहेंगे। जहां टोटो नहीं पहुंच पाएंगे, वहां सहायता के लिए दो बाइकर्स तैनात रहेंगे।महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 10 मातृत्व विश्राम गृह बनाए गए हैं।

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यहां सैनिटरी पैड, बच्चों के डायपर, दूध और बिस्कुट जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन केंद्रों पर महिला कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

समयपालन और अनुशासन पर विशेष जोर

अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने सभी उद्घोषकों को निर्देश दिया कि वे अपनी ड्यूटी पर निर्धारित समय से 30 मिनट पहले पहुंचें तथा अपनी उपस्थिति व्हाट्सएप ग्रुप और उपस्थिति पंजी में दर्ज करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सही और सटीक जानकारी देना, मधुर व्यवहार रखना तथा आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना उनकी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

सर्राफ स्कूल में बनेगा केंद्रीय सूचना केंद्र

प्रशासन ने बताया कि सर्राफ स्कूल में केंद्रीय सूचना केंद्र संचालित किया जाएगा, जहां से विशेष सहायता की आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं को उनके घर तक सुरक्षित भेजने की व्यवस्था की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी कर्मियों से सेवाभाव, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की है, ताकि राजकीय श्रावणी मेला 2026 श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार बन सके।

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