उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से नहीं होगा कोई समझौता
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि मेला से जुड़े सभी विभाग अपने-अपने कार्य 25 जुलाई 2026 तक हर हाल में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करें।

उपायुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बारिश और मॉनसून को देखते हुए विशेष सतर्कता के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला इस बार मानसून के दौरान आयोजित हो रहा है। ऐसे में सभी विभाग जलभराव, जल निकासी, पार्किंग, विद्युत सुरक्षा और सड़क मरम्मत जैसे कार्यों को प्राथमिकता दें। सभी पंडालों को वाटरप्रूफ और मजबूत बनाने तथा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बाबा मंदिर और कांवरिया पथ के कार्य 25 जुलाई तक पूरे करने का निर्देश
बैठक में बाबा मंदिर परिसर, नए फुटओवर ब्रिज, रंग-रोगन और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई। खिजुरिया से दुम्मा तक कांवरिया पथ पर—
- साफ-सफाई
- बालू बिछाने की व्यवस्था
- पेयजल सुविधा
- शौचालय एवं स्नानघर
- विश्राम गृह
- पेड़ों की छंटाई
- अतिक्रमण हटाने
- सूचना एवं सहायता केंद्र
को समय पर तैयार करने का निर्देश दिया गया।

स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन रहेगा हाई अलर्ट पर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेला क्षेत्र में—
- अस्थायी अस्पताल
- स्वास्थ्य शिविर
- हेल्थ कंट्रोल रूम
- जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता
- डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती
- 24 घंटे आपदा प्रबंधन टीम
- पर्याप्त एम्बुलेंस सेवा
सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
34 हाईटेक सूचना सह सहायता केंद्र और 10 मातृत्व विश्राम गृह
इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 34 हाईटेक सूचना सह सहायता केंद्र बनाए जाएंगे, जहां मेला संबंधी सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुविधा के लिए 10 मातृत्व विश्राम गृह 24 घंटे संचालित रहेंगे।
6 सांस्कृतिक मंच, 30 एलईडी स्क्रीन और लेजर शो होगा आकर्षण का केंद्र
श्रावणी मेला को भव्य बनाने के लिए—
- 6 सांस्कृतिक मंच
- 30 एलईडी स्क्रीन
- शिवलोक परिसर में प्रदर्शनी
- शिवगंगा एवं जलसार में लाइट एंड साउंड शो
- टॉवर चौक एवं बाबा मंदिर परिसर में लेजर शो
का आयोजन किया जाएगा।
पूरे मेला क्षेत्र में होगी आधुनिक लाइटिंग
रात में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र को आधुनिक रोशनी से सजाया जाएगा। विद्युत सुरक्षा को लेकर खुले तार, ट्रांसफार्मर, अर्थिंग एवं बिजली व्यवस्था की विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
8,723 पुलिसकर्मियों के हवाले होगी श्रावणी मेले की सुरक्षा
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने श्रावणी मेला 2026 के लिए सुरक्षा का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए कुल 8,723 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
इनमें शामिल हैं—
- 92 डीएसपी/पुलिस उपाधीक्षक
- 28 इंस्पेक्टर
- 730 अवर निरीक्षक (SI)
- 1,110 सहायक अवर निरीक्षक/हवलदार
- 5,365 सशस्त्र बल के जवान
- 958 आईआरबी, जैप एवं जेआरएएफ के जवान
- 440 महिला पुलिसकर्मी
इन जिलों से आएंगे सबसे अधिक जवान
मेले की सुरक्षा के लिए—
- जमशेदपुर – 500 जवान
- पलामू – 435 जवान
- गिरिडीह – 350 जवान
- रांची – 325 जवान
- चाईबासा – 300 जवान
- गढ़वा – 300 जवान
- चतरा – 260 जवान
के अलावा विभिन्न आईआरबी, जैप और जेआरएएफ बटालियनों की कंपनियां भी तैनात रहेंगी।
AI कैमरों और ड्रोन से होगी हाईटेक निगरानी
श्रावणी मेला इस बार पूरी तरह हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था से लैस रहेगा।
मुख्य व्यवस्थाएं—
- 250 PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे
- 900 सर्विलांस कैमरे
- ड्रोन कैमरों से निगरानी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे
- इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम (IMCR)
- पूरे मेला क्षेत्र और रूट लाइन की 24×7 मॉनिटरिंग
- भीड़ नियंत्रण के लिए AI आधारित सिस्टम
- संदिग्ध गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी
गर्भगृह में मोबाइल और फोटोग्राफी पर रहेगा प्रतिबंध
बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मोबाइल फोन और फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाएगी।
उपायुक्त का संदेश
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ, सुगम और यादगार श्रावणी मेला का अनुभव मिल सके।
