उप निर्वाचन पदाधिकारी का कड़ा निर्देश: प्रज्ञा केंद्र संचालक गलत तरीके से न करें जाति, आवासीय व आय प्रमाणपत्र का आवेदन
देवघर // भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आलोक में और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सागरी बराल, देवघर द्वारा दो महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों के माध्यम से देवघर जिला अंतर्गत सभी सीएससी (CSC) मैनेजर, वीएलई (VLE/प्रज्ञा केंद्र संचालकों) और सभी बीएलओ (BLO) सुपरवाइजरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रज्ञा केंद्रों को सख्त हिदायत: गलत तरीके से आवेदन करने पर होगी कार्रवाई
सभी सीएससी मैनेजर और वीएलई (VLE) के साथ आयोजित ऑनलाइन बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि कोई भी प्रज्ञा केंद्र संचालक गलत या फर्जी तरीके से जाति, आवासीय, और आय प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आवेदनों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित प्रज्ञा केंद्र संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देश: छूटे न कोई भी नया मतदाता
इसके अलावा उप निर्वाचन पदाधिकारी ने देवघर जिले के सभी बीएलओ (BLO) सुपरवाइजरों के साथ एक विशेष जूम मीटिंग (Zoom Meeting) की। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि जिले का कोई भी योग्य और नया मतदाता छूटने न पाए। आगे उन्होंने सभी बीएलओ को फील्ड में सक्रिय रहने तथा 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (Form-6) की एंट्री ज्यादा से ज्यादा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और शत-प्रतिशत पंजीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
