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पूर्वी सिंहभूम। स्वर्णरेखा नदी में फिर मिला संदिग्ध बम -

पूर्वी सिंहभूम। स्वर्णरेखा नदी में फिर मिला संदिग्ध बम


बहरागोड़ा // पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र में एक बार फिर संदिग्ध विस्फोटक वस्तु मिलने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। बरागाड़िया पंचायत के पानीपाड़ा गांव में बुधवार देर रात स्वर्णरेखा नदी के किनारे द्वितीय विश्व युद्ध काल का एक और संदिग्ध बम मिलने की सूचना से स्थानीय लोग भयभीत हैं। लगातार इस तरह के विस्फोटक मिलने की घटनाओं ने न केवल ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि प्रशासन के लिए भी यह एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

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स्वर्णरेखा नदी के आसपास और भी पुराने विस्फोटक दबे हो सकते हैं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कुछ ही दिन पहले इसी स्वर्णरेखा नदी से एक जिंदा बम बरामद किया गया था। उस समय सूचना मिलने पर इंडियन आर्मी की बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची थी और जांच के दौरान एक और बम मिला था, जिसमें बारूद नहीं था। सुरक्षा के लिहाज से दोनों बमों को करीब 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे में रखकर नियंत्रित विस्फोट के जरिए निष्क्रिय किया गया था।

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उस घटना के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब फिर से उसी इलाके में संदिग्ध बम मिलने की खबर ने दहशत को दोबारा बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों ने पहले ही आशंका जताई थी कि स्वर्णरेखा नदी के आसपास और भी पुराने विस्फोटक दबे हो सकते हैं।

अगर समय रहते इन बमों का पता नहीं लगाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है

माना जा रहा है कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय के हो सकते हैं, जिन्हें किसी कारणवश यहां छोड़ा गया या बहकर आ गए। अब अमेरिका निर्मित एक और संदिग्ध बम मिलने की सूचना ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है कि नदी के किनारों और आसपास के इलाकों में ऐसे कई और खतरनाक अवशेष छिपे हो सकते हैं। लगातार मिल रहे बमों को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इन बमों का पता नहीं लगाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे इलाके में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जाए, ताकि ऐसे सभी खतरनाक वस्तुओं को खोजकर सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जा सके। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रशासन ने तुरंत इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और आम लोगों को स्वर्णरेखा नदी के किनारे जाने से सख्त मना किया गया है। साथ ही, पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं।

एक स्थायी समाधान का इंतजार

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जरूरत पड़ने पर फिर से सेना की बम निरोधक टीम को बुलाया जाएगा, ताकि संदिग्ध वस्तु को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इस क्षेत्र में इतने पुराने विस्फोटक कैसे मौजूद हैं और इन्हें हटाने के लिए स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा। फिलहाल, ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं, लेकिन लोगों को अभी भी एक स्थायी समाधान का इंतजार है।

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