देवघर। भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत के देवघर आगमन के अवसर पर जिला बार एसोसिएशन, देवघर की ओर से स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया। इसमें मुख्य न्यायाधीश का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए देवघर की ऐतिहासिक, धार्मिक और भौगोलिक विशेषताओं का उल्लेख किया गया। साथ ही संताल परगना के litigants और अधिवक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देवघर में झारखंड उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई।

जिला बार एसोसिएशन की ओर से प्रस्तुत स्वागत संबोधन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत की उपस्थिति को देवघर के संपूर्ण विधिक समुदाय के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय बताया गया। एसोसिएशन ने उनके न्यायिक अनुभव, ऐतिहासिक फैसलों, कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता और न्याय के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की।
कई न्यायिक हस्तियों का किया गया स्वागत
स्वागत संबोधन में मुख्य न्यायाधीश के साथ उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया। इनमें माननीय न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, माननीय न्यायमूर्ति श्री अपरेश कुमार सिंह, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, माननीय न्यायमूर्ति श्री सुजीत नारायण प्रसाद, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष तथा माननीय न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय शामिल हैं।
सौ वर्षों से अधिक पुरानी है देवघर बार एसोसिएशन की विरासत
एसोसिएशन ने अपने संबोधन में बताया कि देवघर जिला बार एसोसिएशन की गौरवशाली विरासत सौ वर्षों से अधिक पुरानी है। इस बार एसोसिएशन ने न्यायिक और विधिक क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व दिए हैं। यहां के अधिवक्ताओं ने सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कई अधिवक्ता विधायक, विधान पार्षद और देवघर नगर निगम के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहकर जनसेवा कर चुके हैं।

संबोधन में बार और बेंच के बीच लंबे समय से चले आ रहे सौहार्दपूर्ण संबंधों का भी उल्लेख किया गया। एसोसिएशन ने न्यायपालिका के साथ मिलकर आम लोगों को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
देवघर में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग
स्वागत संबोधन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष देवघर में झारखंड उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने का आग्रह रहा। जिला बार एसोसिएशन ने कहा कि संताल परगना क्षेत्र में देवघर इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। देवघर की भौगोलिक स्थिति, बेहतर रेल संपर्क, अंतरराज्यीय बस सुविधा, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, होटल, लॉज, धर्मशालाएं और होमस्टे जैसी सुविधाएं इसे न्यायिक बेंच की स्थापना के लिए अनुकूल बनाती हैं।

इसके अलावा देवघर में एम्स जैसी बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने तथा जिला बार एसोसिएशन के समृद्ध पुस्तकालय का भी उल्लेख किया गया। एसोसिएशन का मानना है कि देवघर में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से संताल परगना के अधिवक्ताओं और मुकदमेबाजों को काफी सहूलियत मिलेगी तथा न्याय तक उनकी पहुंच आसान होगी।
जिला बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से इस मांग पर सकारात्मक विचार करने का अनुरोध किया। अंत में एसोसिएशन की ओर से न्यायमूर्ति सूर्यकांत के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और देश की न्यायिक सेवा में उनके दीर्घ एवं गौरवशाली कार्यकाल की कामना की गई।
जिला बार एसोसिएशन, देवघर (झारखंड) की ओर से यह स्वागत संबोधन 2 नवंबर 2026 को प्रस्तुत किया गया।
