Deoghar// उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत गठित धावा-दल के द्वारा देवघर के शहरी क्षेत्र के विभिन्न होटलों का जाँच क्रम में शहर के एक होटल से कुल 2 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। दोनों बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति देवघर को सुपुर्द कर दिया गया।
ज्ञात हो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा एम. सी. मेहता बनाम् राज्य सरकार एवं अन्य के मामले संबंधी पीटीशन (सी) संख्या: 455/1996 में 10.12.1996 को दिए गए निर्णय के आलोक में जिला बाल एवं किशोर श्रमिक कोष में रू 20,000.00 से 50,000.00 तक रकम जमा कराया जा सकता है।
- 1. बाल श्रम यानि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य लेना सामाजिक कुरीति ही नहीं कानूनन अपराध है
- 2. किसी भी नियोजन में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का नियोजन प्रतिबंधित है।
- 3. किसी भी खतरनाक नियोजन एवं प्रक्रिया में 18 वर्ष से कम आयु के अल्पवयस्कों का नियोजन प्रतिबंधित है।
- 4. यदि किसी घर, होटल, ढाबा, ईटभट्ठा, मोटर गैरेज, क्रशर ईत्यादि में पाया जाता है तो इसकी सूचना टॉल फ्री नम्बर – 18003456526 एवं 1098 पर दी जा सकती है। साथ ही बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं उन्मुलन) अधिनियम, 1986 एवं संशोधित अधिनियम, 2016 की धारा-3 या धारा-3A के उल्लघंन के आधार पर धारा-14 के अनुसार नियोक्ता पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है।
धावा-दल में श्रम प्रर्वतन पदाधिकारी, देवघर भूषण यादव, श्रम प्रर्वतन पदाधिकारी, सारवॉ राजेश यादव, एनजीओ चेतना विकास से पूनम कुमारी, चाईल्ड हेल्पलाईन सुपरवाईजर प्रवेज अंसारी एवं विश्वदीप मित्र शामिल थे।
