आयकर आयुक्त निशा उरांव ने गांव की सीमा पर स्वयं लिखा सूचना बोर्ड
ग्रामसभा बोली – जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए लिया गया निर्णय
विश्व हिंदू परिषद ने किया समर्थन, धर्मांतरण को लेकर नई बहस तेज
लोहरदगा // जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत उदरंगी पंचायत के हाटी गांव की ग्रामसभा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गांव में पादरियों, पास्टरों और बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
ग्रामसभा ने पेसा कानून, 1996 के प्रावधानों का हवाला देते हुए गांव के तीनों प्रवेश द्वारों पर सूचना बोर्ड लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, इन बोर्डों पर संदेश स्वयं आयकर आयुक्त निशा उरांव ने ब्रश से लिखकर ग्रामसभा के निर्णय के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
सर्ना समाज के धर्मगुरुओं ने इस निर्णय को जनजातीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान की रक्षा की दिशा में “उलगुलान” बताया है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद ने भी ग्रामसभा के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि सरना-सनातन एकता को कमजोर करने की किसी भी विदेशी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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हाटी गांव के इस फैसले के बाद लोहरदगा सहित पूरे झारखंड में धर्मांतरण, पेसा कानून और जनजातीय अधिकारों को लेकर नई सामाजिक बहस शुरू हो गई है।
