देवघर सावन मेला 2026।
देवघर// राजकीय श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर शनिवार को देवघर परिसदन सभागार में झारखंड और बिहार के अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय (इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन) बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार ने की। इस दौरान देवघर के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने दोनों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया।
24×7 समन्वय के लिए व्हाट्सएप और AI तकनीक का होगा इस्तेमाल
बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रावणी मेला के दौरान दोनों राज्यों के अधिकारी व्हाट्सएप ग्रुप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सूचना प्रणाली के माध्यम से 24 घंटे जुड़े रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति या सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुल्तानगंज से देवघर तक श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
संथाल परगना आयुक्त ने कहा कि सुल्तानगंज से देवघर तक पूरे कांवरिया मार्ग पर पड़ने वाले सभी जिलों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
होल्डिंग प्वाइंट और टेंट सिटी में होंगी सभी मूलभूत सुविधाएं
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। यहां बिजली, पंखा, शौचालय, स्नानघर, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और मोबाइल चार्जिंग जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए टेंट सिटी भी तैयार की जा रही है।

छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि छोटे बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के साथ उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर अवश्य रहे। इसके लिए दोनों राज्यों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि खो जाने की स्थिति में उन्हें जल्द परिजनों से मिलाया जा सके।
सीमावर्ती जिलों के बीच रहेगा मजबूत तालमेल
भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, गोड्डा, देवघर और दुमका सहित सभी सीमावर्ती जिलों के प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के बीच लगातार सूचना का आदान-प्रदान होगा। अंतरराज्यीय सीमाओं पर सघन गश्ती, चेकपोस्ट और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
रविवार और सोमवार की भीड़ को लेकर विशेष तैयारी
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की संभावना है। इसे देखते हुए विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है ताकि श्रद्धालुओं का सुरक्षित एवं सुगम जलार्पण कराया जा सके।
डबल डेकर कांवरिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक
बैठक में बड़ा निर्णय लेते हुए कहा गया कि डबल डेकर कांवरिया वाहनों का देवघर जिला सीमा में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बिहार के सीमावर्ती जिलों से भी अनुरोध किया गया कि ऐसे वाहनों को सीमा पर ही रोका जाए तथा किसी भी वाहन की छत पर श्रद्धालुओं को बैठाकर आने की अनुमति नहीं दी जाए।
श्रावणी मेला 2026 में VIP और आउट ऑफ टर्न दर्शन नहीं
राज्य सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष वीआईपी पूजा और आउट ऑफ टर्न दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। प्रशासन का कहना है कि इससे आम श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के सुगमता से बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण करने का अवसर मिलेगा।
बासुकीनाथ मेला और सुरक्षा व्यवस्था पर भी हुई समीक्षा
बैठक में दुमका उपायुक्त ने बासुकीनाथ श्रावणी मेला की तैयारियों की जानकारी दी। वहीं गोड्डा, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिलों में चल रही तैयारियों, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा प्रस्तुत की।
पीपीटी के माध्यम से बताई गई देवघर की तैयारी
बैठक की शुरुआत अनुमंडल पदाधिकारी देवघर सदर रवि कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से की। इसमें श्रावणी मेला-2026 के लिए रूटलाइनिंग, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, आवासन, पेयजल, शौचालय, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
दोनों राज्यों के अधिकारी रहेंगे चौबीसों घंटे सक्रिय
बैठक में यह भी तय किया गया कि झारखंड और बिहार के सभी संबंधित अधिकारी पूरे श्रावणी मेला अवधि के दौरान 24×7 संपर्क में रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य विभागों की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रत्यक्ष रूप से भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई, देवघर, दुमका और गोड्डा के आयुक्त, उपायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, आईजी, डीआईजी, नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, यातायात पुलिस, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
— BKD News Jharkhand
