देवघर // के पत्रकार चमन कुमार के बैजनाथपुर स्थित आवास और मोहनपुर प्रखंड के बलथर गांव स्थित पैतृक घर पर शनिवार को आयकर (इनकम टैक्स) विभाग की टीम ने घंटों तक छापेमारी की। कार्रवाई के बाद पूरे दिन सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
भागलपुर और धनबाद की टीम ने की जांच
मिली जानकारी के अनुसार भागलपुर और धनबाद से पहुंची आयकर विभाग की टीम ने शनिवार सुबह करीब 7 बजे छापेमारी शुरू की। बैजनाथपुर स्थित आवास पर दोपहर करीब 3 बजे तक और बलथर गांव स्थित घर पर शाम करीब 5 बजे तक जांच चली। इस दौरान पत्रकार चमन कुमार और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई तथा विभिन्न दस्तावेजों की जांच की गई।
घर के कोने-कोने की हुई तलाशी
स्थानीय लोगों के अनुसार जांच टीम ने घर के लगभग हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली। ग्रामीणों का कहना है कि जांच के दौरान घर के सामान से लेकर पुआल और गोइठा तक की भी जांच की गई।
सोशल मीडिया पर फैली कई तरह की चर्चाएं
छापेमारी के दौरान सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया कि बलथर पंचायत के मुखिया के यहां छापेमारी हो रही है और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई मुखिया के आवास पर नहीं, बल्कि उनके भतीजे एवं पेशे से पत्रकार चमन कुमार के घर पर की गई।
बरामदगी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
स्थानीय सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान किसी बड़ी बरामदगी की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस संबंध में आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए बरामदगी या कार्रवाई के उद्देश्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
विभाग के आधिकारिक बयान पर टिकी निगाहें
छापेमारी के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे नियमित जांच बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे पत्रकार को डराने की कार्रवाई बता रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब सभी की निगाहें आयकर विभाग के आधिकारिक बयान और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।
