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झारखंड स्कूल रैंकिंग 2026: देवघर ने लगाई 13 पायदान की छलांग, राज्य में छठा स्थान हासिल

झारखंड स्कूल रैंकिंग 2026: देवघर ने लगाई 13 पायदान की छलांग, राज्य में छठा स्थान हासिल

देवघर | BKD News Jharkhand

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झारखंड के सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता, शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों के आधार पर जारी जिला स्तरीय स्कूल रैंकिंग 2026 में देवघर जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 पायदान की छलांग लगाकर राज्य में छठा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले में शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधार और शिक्षा विभाग की सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।

19 प्रमुख संकेतकों के आधार पर तैयार हुई रैंकिंग

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) द्वारा जारी इस रैंकिंग में सरकारी विद्यालयों का मूल्यांकन 19 प्रमुख संकेतकों के आधार पर किया गया। इनमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, नामांकन, शैक्षणिक गतिविधियां, आधार और अपार आईडी, पाठ्यपुस्तक वितरण, योजनाओं का क्रियान्वयन तथा अन्य प्रशासनिक मानकों को शामिल किया गया।देवघर ने किया उल्लेखनीय सुधाररिपोर्ट के अनुसार, देवघर जिले ने पिछले मूल्यांकन की तुलना में 13 स्थानों का सुधार करते हुए 71.12 अंक प्राप्त किए और राज्य में छठा स्थान हासिल किया। यह सुधार जिले में विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शैक्षणिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का परिणाम माना जा रहा है।

कोडरमा पहले, लोहरदगा दूसरे और सरायकेला-खरसावां तीसरे स्थान पर

नई रैंकिंग में कोडरमा 82.52 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। लोहरदगा 75.01 अंकों के साथ दूसरे तथा सरायकेला-खरसावां 68.34 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं देवघर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष छह जिलों में अपनी जगह बनाई।

पूर्वी सिंहभूम की रैंकिंग में बड़ी गिरावट

एक समय राज्य में पहले स्थान पर रहने वाला पूर्वी सिंहभूम इस बार 15वें स्थान पर पहुंच गया। रिपोर्ट में शिक्षकों की कम उपस्थिति, छात्रों के बैंक खाते नहीं खुलने तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।

शिक्षा विभाग के प्रयासों का मिला सकारात्मक परिणाम

देवघर में विद्यालयों की नियमित समीक्षा, शिक्षकों की उपस्थिति पर निगरानी, आधार एवं अपार आईडी निर्माण, समय पर पाठ्यपुस्तकों का वितरण और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर रैंकिंग में देखने को मिला है। इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का संकेत मिलता है।प्रमुख बातेंदेवघर ने 13 पायदान की छलांग लगाई।राज्य की स्कूल रैंकिंग में छठा स्थान हासिल किया।जिले को 71.12 अंक प्राप्त हुए।

शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार का मिला लाभ।

पूर्वी सिंहभूम पहले से फिसलकर 15वें स्थान पर पहुंचा।

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