नई दिल्ली // बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) का तीन दिवसीय चुनाव कुछ अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हो गया। इस चुनाव में करीब 57 हजार से ज्यादा वकीलों ने अपना मतदान किया। सोमवार दोपहर करीब दो बजे के बाद काफी संख्या में वकील वोट डालने पहुंचे, जिसकी वजह से अफरा-तफरी का माहौल हो गया।

कुछ समय के लिए तो हाईकोर्ट के गेट नंबर 7 का प्रवेश द्वार बंद किया गया। लेकिन इससे वकील और नाराज हो गये जिसके बाद गेट नंबर 7 को दोबारा खोला गया। सोमवार को सबसे ज्यादा 22587 वकीलों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहले दिन 21 फरवरी को 17615 वोट डाले गए थे। वोट डालने वाले कुल वकीलों की संख्या का पता बाद में चल पाएगा।

सोमवार को निर्वाची अधिकारी ने सभी 79 निलंबित उम्मीदवारों का निलंबन वापस ले लिया। निर्वाचन अधिकारी सेवानिवृत्त जस्टिस तलवंत सिंह के हस्ताक्षर से आज जारी ताजा नोटिफिकेशन में इस बात की घोषणा की गई। निर्वाचन अधिकारी के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सभी 79 उम्मीदवारों ने निलंबन के आदेश के खिलाफ अपील दायर किया था जिसे मंजूर कर लिया गया।

बीसीडी चुनाव के दूसरे दिन चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कुल 79 उम्मीदवारों को चुनाव से निलंबित कर दिया गया था। दूसरे दिन मतदान के दौरान जस्टिस तलवंत सिंह पूरे परिसर में घूम कर आचार संहिता के उल्लंघन का मुआयना कर रहे थे। जिन उम्मीदवारों के बैनर और पोस्टर मतदान स्थल पर पाए गए उनकी वीडियोग्राफी की गई। जिन उम्मीदवारों के समर्थक आज पर्चे उड़ा रहे थे उनकी भी वीडियोग्राफी कराई गई। जिन 79 उम्मीदवारों को चुनाव से निलंबित किया गया है उन्हें 12 घंटे के अंदर अपील करने का मौका दिया गया था।
कुल 221 उम्मीदवार मैदान में …
मतदान के पहले दिन जारी किए गए दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ गई और शेरशाह मार्ग को दोनों तरफ की सड़कों पर पर्चों का सैलाब दिखाई दिया। उम्मीदवारों के समर्थक पर्चा उड़ाते हुए दिखे। मतदान कल यानि 23 फरवरी को भी जारी रहेगा। मतदान दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है। मतदान का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का है। इस मतदान के जरिये 25 सदस्यीय बीसीडी के 23 सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। इस चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चुनाव में पहली बार महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिला उम्मीदवारों को बीसीडी में 30 फीसदी आरक्षण मिला है।
