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AIIMS देवघर ने रचा नया इतिहास: पहली बार बिना ऑपरेशन के जन्मजात हृदय दोष (PDA) का सफल उपचार

AIIMS देवघर ने रचा नया इतिहास: पहली बार बिना ऑपरेशन के जन्मजात हृदय दोष (PDA) का सफल उपचार

देवघर // AIIMS देवघर के कार्डियोलॉजी विभाग ने उन्नत हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए संस्थान में पहली बार स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन के अंतर्गत एक अत्यंत जटिल पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (PDA) का सफलतापूर्वक उपचार किया है। यह प्रक्रिया 14 वर्षीय बालक पर की गई, जिसके हृदय में जन्म से मौजूद एक असामान्य रक्त वाहिका सामान्य से कहीं अधिक बड़ी थी।

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विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के बाद यह रक्त वाहिका सामान्यतः अपने आप बंद हो जाती है। यदि यह खुली रह जाए तो हृदय पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे आगे चलकर सांस फूलना, हृदय की कमजोरी, फेफड़ों में उच्च रक्तचाप तथा हृदय विफलता जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

इस जटिल समस्या का उपचार बिना किसी बड़े ऑपरेशन के किया गया। कैथेटर तकनीक के माध्यम से हृदय तक पहुँचकर एक विशेष PDA Occluder Device लगाया गया, जिससे इस असामान्य रक्त वाहिका को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। पूरी प्रक्रिया सफल रही तथा मरीज स्वस्थ होकर तेजी से सामान्य अवस्था की ओर अग्रसर है।

यह उपलब्धि डॉ. सी. बी. पाण्डेय एवं डॉ. स्मारक के नेतृत्व में कार्डियोलॉजी टीम द्वारा प्राप्त की गई। प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. ज्योतिर्मय ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर कार्डियोलॉजी विभाग ने AIIMS देवघर के माननीय कार्यपालक निदेशक (Executive Director) महोदय के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रोत्साहन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। विभाग ने कहा कि उनके सहयोग से संस्थान में अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है।

इस सफलता के साथ AIIMS देवघर अब झारखंड के उन चुनिंदा हृदय केन्द्रों में शामिल हो गया है जहाँ स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन जैसी अत्याधुनिक हृदय प्रक्रियाएँ स्वतंत्र रूप से की जा रही हैं। यह उपलब्धि केवल संस्थान के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण संथाल परगना एवं आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब ऐसे जटिल हृदय रोगों के उपचार के लिए मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी और उन्हें अपने क्षेत्र में ही उच्चस्तरीय, आधुनिक एवं विशेषज्ञ हृदय चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी।

कार्डियोलॉजी विभाग ने इसे AIIMS देवघर की उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया तथा भविष्य में भी क्षेत्रवासियों को सर्वोत्तम हृदय चिकित्सा उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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