हजारीबाग // जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। रांची-पटना मुख्य मार्ग पर मोरांगी के पास एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक और युवती मोटरसाइकिल सहित ट्रक के नीचे चले गए, जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
देखिए परिजनों ने क्या कहा 👇👇
मृतकों की पहचान रेशमा (पिता- जेनुअल) एवं तौफिक अंसारी (पिता- रियासत अंसारी), दोनों निवासी केशुरा घुघलिया के रूप में हुई है। विवो
अस्पताल जाने की बात बोलकर निकला था
परिजनों के अनुसार रेशमा अपनी बहन के घर रहकर केबी महिला महाविद्यालय में पढ़ाई करती थी। वहीं तौफिक अंसारी भी उसी गांव का निवासी था। बताया जाता है कि तौफिक अपने पिता के इलाज के लिए हजारीबाग आया था, लेकिन दोनों अस्पताल जाने के बजाय मोटरसाइकिल से कहीं निकल पड़े। इसी दौरान मोरांगी के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया।
मोरांगी के पास हादसा, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दुर्घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे।
परिजनों के करुण क्रंदन से अस्पताल परिसर में शोक का माहौल व्याप्त हो गया। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।स्थानीय समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग सरकार और प्रशासन से की है।
देवघर // एडीजे 9 मुकुल चंद नारायण की अदालत ने सेशन ट्रायल कैश नंबर 75/2018 सरकार द्वारा रिपुलाल मांझी बनाम विष्णु प्रसाद यादव एवं अन्य के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को रिहा कर दिया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की और से 9 गवाहों ने अपनी गवाही दी थी।
वर्ष 2011 में घटी थी घटना
घटना के संबंध में बताया गया कि दिनांक 26 अप्रैल 2011 को भवेश कुमार यादव मोहनपुर थाना क्षेत्र के अमेलवा में सड़क किनारे जख्मी पड़ा था बाद में मृत्यु हो गई। आरोपी के ऊपर षड्यंत के तहत एक मत होकर हत्या करने का आरोप था । जिसको लेकर मोहनपुर थाना कांड संख्या 252/2011 दर्ज किया गया । जिसमें धारा 302 , 120 B और 34 ईपीसी लगाई गई थी। मामले में सुनवाई हुई और अभियोजन एवं बचाव पक्ष की और से गवाही एवं बहस हुई जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को रिहा कर दिया।
कोडरमा // थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प में कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या कर दी गयी। हत्या की खबर सुनते ही विधायक नीरा यादव हॉस्पिटल पहुंची।
राजकुमार यादव बुधवार देर रात करीब 8:30 बजे तक विधायक डॉ नीरा यादव के साथ थे। वह झुमरीतिलैया में आयोजित एक कार्यक्रम से लौटे थे। इसी दौरान परिजनों का फोन आया, जिसमें कहा गया कि गोतिया परिवार के लोगों केसाथ गांव में विवाद हो रहा है।
मृतक का फाइल फोटो
विवाद की सूचना मिलने के बाद राजकुमार यादव तत्काल अपने गांव चितरपुर पहुंचे। बताया जा रहा है कि वहां पहले से चल रहे जमीनी विवाद के दौरान मारपीट शुरू हो गयी। इसी क्रम में उनपर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गये। और उसे हॉस्पिटल पहुंचाया गया बाद में उनकी मौत हो गयी।
विधायक ने घटना की दी जानकारी लेकिन नहीं की कार्यवाही
विधायक ने पुलिस को सूचना दी थी लेकिन नहीं हुई कोई कार्यवाही विधायक ने हॉस्पिटल में मीडिया से बात करते हुए कहा कि विवाद की जानकारी मिलने पर मैने कोडरमा थाना प्रभारी को फोन कर स्थिति से अवगत कराया था, लेकिन पुलिस ने कोई पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि मेरे ड्राइवर ने मुझे बताया कि मेरी मां को मिट्टी में आधा गाड़ दिया है और मारपीट भी कर रहा तो मैने इसकी सूचना पुलिस को दिया लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया । कार्यवाही की होती उन लोगों को उठाया होता तो आज इस प्रकार की घटना नहीं घटती।
नेता प्रतिपक्ष डीजीपी को भी दी जानकारी
विधायक ने कहा कि जब एक विधायक की बात को नहीं सुना गया सूचना के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई और इस तरह की घटनाएं घट गई में परिवार के सदस्यों को क्या जवाब दूँगा। राजकुमार मेरा परिवार का हिस्सा था अब में उसके पिता बेटा और पत्नी को क्या कहूंगा । विधायक ने रोते हुए कहा आए दिन कोडरमा में इस तरह की घटनाएं हो रही है लेकिन पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। मैने इसकी सूचना नेता प्रतिपक्ष और डीजीपी के पीए को दी हूं।
हालांकि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
देर रात सदर अस्पताल पहुंची विधायक
निजी वाहन चालकराजकुमार यादव की हत्या की सूचना मिलते ही विधायक देर रात सदर अस्पताल पहुंचीं। मामले की जानकारी ली और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि घटना बेहद दुखद और निंदनीय है।पिता, मां व बेटी पर भी हमला, इलाजरतबताया जाता है की विवाद क दौरान आरोपियों ने राजकुमार यादव के पिता दशरथ यादव, मां सुधा देवी व बेटी सोनिका कुमारी पर भी हमला किया। इसमें ये तीनों भी घायल हो गये। इनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
देवघर // दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के आप्त सचिव रहे विवेकानंद राउत के पूज्य पिता एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंजाबी राउत के चाचा स्वर्गीय सीताराम राउत के निधन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रतिनिधिमंडल ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
झामुमो जिला अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और साहस बनाए रखने का संबल दिया।
इस अवसर पर केंद्रीय समिति सदस्य भूपेन सिंह, वरिष्ठ नेता सुरेश साह, प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार मंडल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राहुल चंद्रवंशी, मेयर प्रतिनिधि सचिन राउत, उपाध्यक्ष श्रीकांत प्रसाद यादव, संयुक्त सचिव अरुण शर्मा, मीडिया प्रभारी केदार कुमार दास, सह सचिव सिकंदर राउत, विरु प्रधान, राहुल गुप्ता, छोटू कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय सीताराम राउत के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी तथा उनके सामाजिक योगदान और व्यक्तित्व को याद किया।
पंचायत भवनों में रोस्टर बनाकर बनाया जा रहा है बच्चों का आधार कार्ड
देवघर // जिले के शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले नौनिहालों और छोटे बच्चों की सुविधा को देखते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार, जिले के सभी प्रखंडों में रोस्टर प्रणाली के तहत पंचायत भवनों में 01 जून 2026 से 30 जून 2026 तक 0 से 5 वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज दिनांक 03 जून 2026 को जिले के सभी 08 प्रखंडों के अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष कैंपों का आयोजन किया गया।
इन कैंपों में भारी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का आधार पंजीकरण कराने पहुंचे
शत-प्रतिशत बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना मुख्य लक्ष्य
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के हर एक बच्चे का आधार कार्ड सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें आंगनबाड़ी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। उन्होंने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने-अपने प्रखंड के रोस्टर के अनुसार नजदीकी पंचायत भवन में पहुंचकर 0-5 वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड अवश्य बनवाएं।
कैंप में आवश्यक दस्तावेज
छोटे बच्चों (0-5 वर्ष) के नए आधार नामांकन के लिए माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड और बच्चे का वैध जन्म प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर भी इस अभियान की कड़ाई से मॉनिटरिंग करें ताकि कोई भी बच्चा इस सुविधा से वंचित न रहे।
इसके अलावा आज दिनांक 03.06.2026 से 0-5 साल तक बच्चों के लिए आधार इन्रॉलमेन्ट कैम्प चिन्ह्ति किये गये हैं, जिनमे से करौं प्रखण्ड अन्तर्गत नागादरी पंचायत, मधुपुर प्रखण्ड के पसिया पंचायत, मारगोमुण्डा प्रखण्ड के पिपरा, मोहनपुर प्रखण्ड के बिचगढ़ा, पालोजोरी के मटियारा, सारठ प्रखण्ड के बोचबांध, सारवां प्रखण्ड के भंडारो एवं सोनारायठाढ़ी प्रखण्ड के मगडीहा पंचायत में आयोजन किया जा रहा है।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने किया मामले का उद्भेदन
घटना में प्रयुक्त स्कूटी व अन्य सामान बरामद
हजारीबाग // कटकमदाग थाना क्षेत्र से लापता 11 वर्षीय बच्ची और उसके 3 वर्षीय भाई की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी संजीत पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी बच्चों को बहला-फुसलाकर स्कूटी से सिंदूर स्थित श्मशान घाट ले गया, जहां बच्ची के साथ जबरदस्ती का प्रयास किया गया।
विरोध करने पर बच्ची की हत्या कर शव छिपा दिया गया, जबकि उसके छोटे भाई की भी गला घोंटकर हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया गया।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और लगातार छापेमारी के आधार पर आरोपी को 3 जून को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी (JH02BH-8804) और प्लास्टिक का बोरा बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले का शत-प्रतिशत उद्भेदन कर लिया गया है तथा आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजा जा रहा है।
देवघर // एडीजे नवम मुकुलेश चंद्र नारायण की अदालत में चल रहे सेशन ट्रायल केस की सुनवाई पूरी की गयी। इसके बाद नामजद तीन आरोपियों में से दो आरोपी पंकज मंडल व पंचानंद मंडल को मारपीट और गाली गलौज की धाराओं में दोषी करार दिया गया। वहीं जानलेवा हमला की धारा में दोषमुक्त कर दिया गया। बाद में बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अनुरोध पर दोनों आरोपी को एडमोनेशन का लाभ देते हुए छोड़ दिया गया। एक आरोपी सरोजनी देवी को संदेह का लाभदेते हुए रिहा कर दिया। सभी आरोपी और शिकायतकर्ता कुंडा थाना क्षेत्र के किसनिडीह गांव का रहने वाले हैं । शिकायतकर्ता भुवनेश्वर मंडल की शिकायत पर कुंडा थाना में वर्ष 2018 में केस दर्ज हुआ था, जिसमें जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से जख्मी करने का आरोप लगाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से छह लोगों ने गवाही दी और घटना का आंशिक समर्थन किया। अदालत में अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद फैसला सुनाया गया।
देवघर // ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से All India Institute of Medical Sciences Deoghar द्वारा संचालित MFAT (Mobile FNAC Awareness and Testing) Project तेजी से लोगों के बीच जागरूकता फैला रहा है। यह परियोजना विशेष रूप से शरीर में होने वाली लिम्फ नोड यानी गांठ की पहचान, जांच और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।
क्या है MFAT Project ?
इस परियोजना के माध्यम से गांवों और दूर-दराज इलाकों में रहने वाले लोगों को यह जानकारी दी जा रही है कि शरीर में लंबे समय तक रहने वाली गांठ कैंसर, टीबी या किसी अन्य गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है। ऐसे मरीजों की जल्द पहचान कर FNAC जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र या AIIMS देवघर रेफर किया जा रहा है।
MFAT Project का पूरा नाम Multi phase FNAC Aided by Telepathology है। यह एक स्वास्थ्य जागरूकता एवं जांच कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लिम्फ नोड से संबंधित मरीजों की पहचान करना और उनका FNAC टेस्ट कराना है।
लिम्फ नोड की सूजन क्यों होती है ?
इस परियोजना के तहत स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और मेडिकल टीम को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे गांव स्तर पर संदिग्ध मरीजों की पहचान कर सकें। परियोजना का मकसद कैंसर और TB जैसी बीमारियों की शुरुआती अवस्था में जांच कर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
मानव शरीर में मौजूद लिम्फ नोड छोटी-छोटी गांठ जैसी संरचनाएं होती हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं। कई बार इन गांठों में सूजन आ जाती है या वे आकार में बढ़ जाती हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें टीबी, संक्रमण, कैंसर या अन्य बीमारियां शामिल हैं।
क्या होता है FNAC टेस्ट?
आमतौर पर यह गांठ गर्दन, बगल या जांघ के आसपास दिखाई देती है। यदि कोई गांठ दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहे या लगातार बढ़ती जाए तो तुरंत चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी माना जाता है।
FNAC यानी Fine Needle Aspiration Cytology एक सरल और सुरक्षित जांच प्रक्रिया है। इसमें पतली सुई की सहायता से गांठ से थोड़ा सा सैंपल लिया जाता है और लैब में उसकी जांच की जाती है।यह जांच बिना ऑपरेशन के की जाती है और कम समय में रिपोर्ट उपलब्ध हो जाती है। FNAC के जरिए कैंसर, टीबी और अन्य रोगों की शुरुआती पहचान आसान हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह जांच कम दर्दनाक, सुरक्षित और सस्ती प्रक्रिया मानी जाती है, जिससे गरीब और ग्रामीण मरीजों को भी आसानी से लाभ मिल सकता है।
गांव स्तर पर चल रहा जागरूकता अभियान
MFAT Project के तहत स्वास्थ्य विभाग और AIIMS देवघर की टीम द्वारा गांव स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।CHO, ANM, STS, STLS, साहिया और साहिया साथी को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि शरीर में गांठ वाले मरीजों की पहचान कैसे करें और उन्हें कहां रेफर करना है।स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी समझाया जा रहा है कि दर्द रहित गांठ, लगातार सूजन, वजन कम होना, बुखार या TB का इतिहास जैसे लक्षण गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं।कैसे किया जाता है मरीजों का चयन?परियोजना के अंतर्गत गांव या अस्पताल में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है। यदि किसी व्यक्ति के शरीर में लंबे समय से गांठ हो या सूजन बनी हुई हो तो उसका नाम और जानकारी दर्ज की जाती है।
निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत FNAC जांच करानी चाहिए
वहीं STS और STLS समन्वय का कार्य कर रहे हैं तथा Pathology Team और Research Scientist जांच और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया संभाल रहे हैं।किन मरीजों को तुरंत जांच की जरूरत?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत FNAC जांच करानी चाहिए—दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक गांठ रहनालगातार गांठ का बढ़नादर्द रहित सूजनअचानक वजन कम होनालगातार बुखार आना
AIIMS देवघर की टीम कर रही फील्ड विजिट
AIIMS देवघर की pathology और research टीम समय-समय पर गांवों, स्कूलों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य संस्थानों में जाकर जागरूकता एवं जांच शिविर आयोजित कर रही है। इन शिविरों में लोगों को लिम्फ नोड की पहचान, कैंसर और TB के लक्षण तथा FNAC जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
लोगों से जागरूक रहने की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ लंबे समय तक बनी रहे तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच कराने से गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाकर ही कैंसर और TB जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। MFAT Project इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
देवघर // देवघर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर आरोपी को किया गिरफ्तार। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया। छापामारी के दौरान 03 (तीन) साइबर अपराधकर्मी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों के पास से बरामद मोबाइल फोन/सिम के प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी में संलिप्तता पाई गई है।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरणः
राजन कुमार मंडल उम्र करीब 25 वर्ष पिता पांचु मंडल सा० ताराबहाल थाना करमाटांड़ जिला जामताड़ा
विकास मंडल उम्र करीब 36 वर्ष पिता बीरबल मंडल सा० कासीटांड़ थाना करमाटांड जिला जामताडा एवं
रोहित मंडल उम्र करीब 23 वर्ष पिता भीम मंडल सा० बड़ा नवादा थाना मधुपुर जिला देवघर।
गिरफ्तार अभियुक्तों की अपराध शैली –
फर्जी Google Pay/Phonepe/PayTM Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्तोओं को Cash Back का झांसा देकर Phonepe Gift Card Create करवाकर उसे Redeem कर ठगी करना।
फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बन्द कर उपभोक्तओं को झासा देकर तथा आम सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना ।
गिरफ्तार अभियुक्त के पास से बरामद सामानों की विवरणी:-
7 मोबाइल फोन और 7 सिम कार्ड को पुलिस ने बरामद किया।
रांची // झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
राज्य में ओला-उबर की तर्ज पर एआई आधारित कॉल सेंटर
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एएनएम (ANM) एवं जीएनएम (GNM) के रिक्त पदों पर तत्काल बहाली प्रक्रिया पूरी करने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं डॉक्टरों की नियुक्ति शीघ्र संपन्न करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में एम्बुलेंस सेवा की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य में ओला-उबर की तर्ज पर एआई आधारित कॉल सेंटर और आधुनिक एम्बुलेंस नेटवर्क विकसित करने की योजना एक सप्ताह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही राज्य के रेफरल सिस्टम का ऑडिट कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशालयों के पुनर्गठन (Restructuring) की योजना
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के निदेशालयों के पुनर्गठन (Restructuring) की योजना तैयार करने तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की अलग-अलग स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पृथक कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में स्वच्छता और रखरखाव को प्राथमिकता देने, राज्यव्यापी 4-5 दिवसीय नेत्र जांच शिविर आयोजित करने तथा सदर अस्पताल रांची में स्थापित सेंट्रल रेडियोलॉजी हब को राज्य के सभी जिलों से जोड़ने की पहल की सराहना की।
सरकारी कर्मचारियों एवं पुलिसकर्मियों के बीच नियमित रक्तदान शिविर का आयोजन
बैठक में मुख्यमंत्री ने ABHA कार्ड अभियान को मिशन मोड में चलाने, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कॉलेजों तक इसका विस्तार करने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में नवीनतम मेडिकल तकनीकों का अध्ययन कर कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत सदर अस्पतालों को बेहतर बनाने, मेडिकल कॉलेजों में यूजी एवं पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने तथा ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना में तेजी लाने को कहा। ब्लड बैंक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऐप आधारित करने और सरकारी कर्मचारियों एवं पुलिसकर्मियों के बीच नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने का भी निर्देश दिया।
अबुआ दवाखाना योजना को जल्द शुरू करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों का ऑडिट कराने, पुराने सदर अस्पतालों में एयर-कूलिंग व्यवस्था विकसित करने तथा सभी मेडिकल कॉलेजों में पुनर्वास (Rehab) एवं थेरेपी सेंटर स्थापित करने की योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के कार्यों में भुगतान संबंधी विलंब समाप्त कर समय पर निर्माण कार्य पूरा करने, अबुआ दवाखाना योजना को जल्द शुरू करने तथा देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों को मेडिकल कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित करने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर बनाना
बैठक में मुख्यमंत्री ने केरल मॉडल की तर्ज पर राज्य में अंगदान (ऑर्गन डोनेशन) को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं से सशक्त बनाना है, ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
राँची // परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया गया।
इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च की प्रगति की विस्तृत समीक्षा…
रांची स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रजेंटेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जमशेदपुर में स्थापित किए जा रहे इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आई.डी.टी.आर.) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए।
वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से व्यावसायिक एवं प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षुओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
इसी क्रम में धनबाद में विकसित किए जा रहे वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र (Inspection & Certification Centre) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस केंद्र को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाए, ताकि वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके।
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा तथा वाहन मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इन संस्थाओं की भूमिका को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, जनजागरूकता अभियान, दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान एवं सुधार तथा नियमों के सख्त अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
गुड सेमेरिटन योजना’ एवं ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना
मुख्यमंत्री ने ‘गुड सेमेरिटन योजना’ एवं ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता एवं राहत प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनके प्रति जागरूक हों और समय पर लाभ प्राप्त कर सकें।
गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944′ प्रारंभ होगी
इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944’ प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
देवेंद्र कुमार सिंह और सुनील कुमार दास हुए सेवानिवृत्त
देवघर // सिविल कोर्ट परिसर में सोमवार को एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन कर सेवानिवृत्त होने वाले दो कर्मियों देवेंद्र कुमार सिंह एवं सुनील कुमार दास को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों एवं न्यायालय कर्मियों ने उनके लंबे और समर्पित सेवाकाल की सराहना करते हुए सम्मानित किया।
वर्षों तक न्यायिक सेवा में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
सेवानिवृत्त हुए देवेंद्र कुमार सिंह सहायक (पेशकार) के पद पर कार्यरत थे और उन्होंने लगभग साढ़े अठाइस वर्षों तक न्यायिक सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं सुनील Kumar दास ने आदेशपाल के पद पर करीब 40 वर्षों तक अपनी सेवाएं प्रदान करने के बाद सेवानिवृत्ति प्राप्त की।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने की सेवाओं की सराहना
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा ने कहा कि दोनों कर्मियों ने न्यायपालिका में लंबे समय तक निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवा दी है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नई पारी की शुरुआत है। ऐसे में दोनों कर्मी अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएं और स्वस्थ एवं सक्रिय रहें।
शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर किया गया सम्मानित
विदाई समारोह के दौरान न्यायिक पदाधिकारियों ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल ओढ़ाकर एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य, सुखद एवं स्वस्थ जीवन की कामना की गई।
कई न्यायिक पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज संजय कुमार सिंह, एडीजे प्रथम राजीव रंजन, एडीजे द्वितीय अनिल कुमार, एडीजे तृतीय राजेंद्र कुमार सिन्हा, एडीजे नवम मुकुलेश चंद्र नारायण, एसीजेएम आनंद सिंह, एसडीजेएम सुरेश उरांव, न्यायिक दंडाधिकारी प्रतीक रंजन, बंकिम चंद्र चटर्जी, स्वाति विजय उपाध्याय, संगीता, डालसा सचिव संदीप निशित बारा, कोर्ट मैनेजर रजनीश कुमार सिन्हा सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित थे।
भावुक माहौल में दी गई शुभकामनाएं
समारोह के दौरान उपस्थित न्यायिक अधिकारियों और कर्मियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यकाल को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का माहौल भावुक रहा और सभी ने उन्हें स्वस्थ, सुखी एवं सम्मानजनक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
देवघर // आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सोमवार को देवघर परिसदन सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने की। बैठक में देवघर और दुमका जिला प्रशासन के अधिकारियों ने विभागवार तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
जुलाई से शुरू होगा राजकीय श्रावणी मेला
बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि 31 जुलाई 2026 से राजकीय श्रावणी मेला का शुभारंभ होगा। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
VIP और VVIP दर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध
श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान आउट ऑफ टर्न VIP और VVIP दर्शन पूरी तरह बंद रहेगा। इससे आम श्रद्धालुओं को जलार्पण और दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर और सुविधा प्रदान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
फेस रिकग्निशन और AI तकनीक से लैस होगा मेला
इस बार श्रावणी मेला को और अधिक सुरक्षित एवं तकनीक-सक्षम बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। मेला क्षेत्र में फेस रिकग्निशन सिस्टम, AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम, AI चैटबॉट, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, आधार काउंटर, डिजिटल पवेलियन और लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।प्रशासन का मानना है कि इन तकनीकों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को सूचना उपलब्ध कराने में काफी मदद मिलेगी।
देवघर परिसदन में बैठक करते मंत्री विधायक जिला प्रशासन एवं अन्य जन प्रतिनिधि
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम
बैठक में मेला क्षेत्र में स्थापित किए जाने वाले स्वास्थ्य केंद्र, सूचना एवं सहायता केंद्र, मातृत्व केंद्र, पर्यटन केंद्र, ट्रैफिक ओपी, पुलिस ओपी और विद्युत केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही शौचालय, पेयजल, स्नानगृह, कूड़ेदान, साफ-सफाई और कचरा उठाव व्यवस्था को 24 घंटे सुचारू रखने का निर्देश दिया गया।इसके अलावा इंद्र वर्षा (मिस्ट कूलिंग सिस्टम) की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
बेहतर ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष फोकस
मंत्री ने कहा कि मेला के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल, सुविधाजनक रूटलाइन, वाहन पड़ाव स्थल और ट्रैफिक प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पूर्ण रोक
श्रावणी मेला के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से देवघर जिला सीमा में डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और ओवरलोडेड वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मंत्री ने इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार चलाने और प्रवेश द्वारों पर विशेष पुलिस टीमों की तैनाती का निर्देश दिया।उन्होंने श्रद्धालुओं से केवल बस, रेल या अधिकृत यात्री वाहनों का उपयोग करने की अपील की।
QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम होगा और मजबूत
मेला क्षेत्र में पूर्व की तरह QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम को और विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालु सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे संबंधित विभाग त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे।
देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन सड़क निर्माण कार्य को मेला शुरू होने से पहले पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहद आवश्यक है।
स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित
बैठक के समापन के बाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने मंत्री सुदिव्य कुमार, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, देवघर विधायक सुरेश पासवान, पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा सहित अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
हजारीबाग // जिले के सिंदूर क्षेत्र में पांच दिनों से लापता भाई-बहन के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में शोक, आक्रोश और भय का माहौल है। इस दर्दनाक घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर जांच शुरू कर दी है।
पांच दिनों से लापता थे भाई-बहन
जानकारी के अनुसार, 13 वर्षीय तमन्ना परवीन और उसका दो वर्षीय भाई अरमान पिछले पांच दिनों से लापता थे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे और पुलिस भी खोजबीन में जुटी हुई थी। इसी बीच रविवार को तमन्ना परवीन का शव एक नाले से बरामद किया गया। बहन का शव मिलने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
पहले बहन और फिर भाई का मिला शव
घटना का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि सोमवार को एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। तमन्ना के दो वर्षीय भाई अरमान का शव घटनास्थल के पास स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। दोनों बच्चों के शव अलग-अलग स्थानों से मिलने के बाद मामले ने और भी रहस्यमयी रूप ले लिया है।
अयोध्या का रहने वाला है पीड़ित परिवार
बताया जाता है कि दोनों बच्चों का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) का रहने वाला है। परिवार हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कूद इलाके में रहकर खिलौने बेचने का काम करता था और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
सड़क जाम कर लोगों ने जताया आक्रोश
घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने इंद्रपुरी चौक और झंडा चौक पर सड़क जाम कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
विरोध प्रदर्शन करते परिजन और ग्रामीण
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि इसमें किसी आपराधिक साजिश का हाथ है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने गठित की विशेष जांच टीम
बढ़ते जनाक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कटकमदाग थाना कांड संख्या 90/26 दर्ज किया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
पूरे शहर की नजर SIT जांच पर
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूरे शहर की निगाहें अब SIT की जांच पर टिकी हुई हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर दोनों मासूमों की मौत के पीछे का सच क्या है।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे हजारीबाग को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की अपेक्षा कर रहे हैं।
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में सूचना केंद्रों पर उद्घोषकों की प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, देवघर के निर्देश पर जारी सूचना के अनुसार श्रद्धालु कांवरियों एवं आम जनों तक आवश्यक सूचनाएं पहुंचाने के लिए उद्घोषकों का चयन ऑडिशन के माध्यम से किया जाएगा।
आवेदन करने के लिए जरूरी कागजात
आवेदक की आयु 1 जून 2026 के आधार पर 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। आवेदन के साथ मैट्रिक प्रमाणपत्र, दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो तथा देवघर जिले से संबंधित पहचान प्रमाण संलग्न करना अनिवार्य होगा। सभी दस्तावेज स्व-अभिप्रमाणित होने चाहिए।
जिला प्रशासन करेगा उद्घोषकों का चयन, 6 जून तक जमा होंगे आवेदन
उद्घोषकों का ऑडिशन 11 जून 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से सूचना भवन, देवघर में आयोजित किया जाएगा। चयन स्पष्ट वाक क्षमता, प्रस्तुति कौशल एवं सौम्य व्यक्तित्व के आधार पर होगा। आवेदकों के पास स्मार्टफोन होना तथा व्हाट्सएप संचालन की जानकारी आवश्यक है।इच्छुक अभ्यर्थी 1 जून से 6 जून 2026 तक कार्यालय दिवसों में शाम 5 बजे तक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सूचना भवन, देवघर के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन का प्रारूप जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध है।