देवघर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा द्वारा एम्स परिसर के सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने एम्स प्रबंधन को जिला प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जाने वाली विभिन्न व्यस्थाओं की समीक्षा बैठक करते हुए विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था, एम्स परिसर हेतु यातायात की सुविधा, एम्स के हस्तांतिरत जमीन की घेराबंदी, सुरक्षा व्यवस्था के साथ विभिन्न बिंदुओ पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया।
केंद्रीय विद्यालय के संचालन को लेकर उपायुक्त ने अधिकारियों को दिया आवश्यक निर्देश
इसके अलावे निरीक्षण कर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने एम्स के नजदीक क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय के अस्थाई संचालन हेतु हेतु देवीपुर प्रखण्ड अन्तर्गत रामूडीह गांव के कल्याण छात्रावास के जीर्णोद्धार को लेकर संबंधित अधिकारी को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। साथ ही केन्द्रीय विद्यालय हेतु के नए भवन हेतु स्थल चिन्हित करने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया।
देवघर राजकीय श्रावणी मेला के अवसर पर लगातार हो रही बारिश को देखते हुए उपायुक्त ने बरमसिया, परमेश्वर दयाल रोड, बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, जलसार पार्क, शिवराम झा चौक, नेहरू पार्क, शिवगंगा व मंदिर आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर रुटलाइन की तैयारियों, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके अलावा निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए की गई तैयारियों की बारीकी से जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों व कार्यपालक अभियंता को निर्देश किया किया सभी होल्डिंग पॉइंट्स, टेंट सिटी और श्रद्धालुओं हेतु तैयार रुटलाइन में अस्थाई टेंट, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई पर विशेष रूप से ध्यान देने का निर्देश दिया। आगे उपायुक्त ने नजारत उपसमाहर्ता और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया कि बारिश को देखते हुए 24 घंटे मैन पावर प्रतिनियुक्त करे, ताकि मेला के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में विद्युतीकरण के कार्य को पुनः पूरी तरह से जांच करें, ताकि बारिश को मौसम में किसी प्रकार की असुविधा श्रद्धालुओं को न हो।
हजारीबाग व्यवहार न्यायालय परिसर में बुधवार को जिला न्यायाधीश रंजीत कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने संयुक्त रूप से पुलिस पिकेट का किया उद्घाटन, इस अवसर पर जिला न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर आवास बोर्ड के सहयोग से इस भवन का निर्माण किया गया जिससे अब न्यायालय परिसर में सुरक्षा की चाक-चौबंद इंतजाम किया जायेगा पुलिस अधीक्षक को इस आज सौंपा गया है इसमें पुलिस अधीक्षक का भी पुरा सहयोग रहा है इसकी मैं सराहना करता हूं। आनेवाले समय में इससे यहां के आने वाले नागरिकों अधिवक्ता इससे लाभान्वित होंगे।
देवघर राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत देवघर जिला में कोटपा (सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम)-2003 की विभिन्न धाराओ को लागु करने हेतु, सिविल सर्जन डॉ० जुगल किशोर चौधरी एवं डॉ०मनोज कुमार गुप्ता, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी-सह- नोडल पदाधिकारी के निर्देशानुसार सहायक अवर निरीक्षक अजित तिवारी एवं जिला परामर्शी की अध्यक्षता में जसीडिह थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम- 2003 के अनुसार तम्बाकू एवं उनके उत्पाद को सार्वजनिक स्थानो पर धड़ल्ले से बिक्री को नियंत्रित करने के लिए छापामारी दस्ता टीम के द्वारा अभियान चलाया गया।
तम्बाकू उत्पादकों को लेकर बने कोटपा-2003 अधिनियम के विभिन्न धाराओं को प्रभावी रूप से अनुपालन करने के लिए जसीडिह थाना क्षेत्र अंतर्गत जसीडिह बाज़ार, जसीडिह स्टेशन एवं आस-पास के क्षेत्रो में कोटपा-2003 कानून का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध छापामारी की गई। सहायक अवर निरीक्षक अजित तिवारी एवं जिला परामर्शी राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण सेल ने बताया कि सार्वजनिक स्थान में स्मोकिंग करना,दुकान के आगे सिगरेट तथा तम्बाकू का प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर लगाना एवं साथ ही साथ माचिस, लाइटर एवं एश ट्रे उपलब्ध कराना कोटपा कि धारा 4 एवं 5 का उल्लंघन करना है । सिगरेट तथा तम्बाकू बिक्री करने वाले प्रभारी एवं मालिक अपने प्रवेश द्वार पर सफ़ेद पृष्ठ का “गैर धुम्रपान क्षेत्र, यहाँ धुम्रपान करना अपराध है” लिखवाना सुनिश्चित करना,विद्यालय परिसर के 100 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का तम्बाकू, सिगरेट, पान मसाला, गुटका,गुल, गुडाकुल इत्यादि बेचना कोटपा कि धारा 6 बी का उलंघन करना है तथा इसके लिए चलान एवं सामान कि जप्ती भी कि जा सकता है। उक्त छापेमारी दस्ता में रवि चन्द्र मुर्मू एवं जसीडिह थाना के पोलिस बल सामिल थे।
देवघर श्रावणी में ड्यूटी करने आए गढ़वा जिला बल के जवान की हृदययाघात से मौत हो गई। मृतक जवान का नाम वरदान उरांव है। वह मूल रूप से रांची जिला के बोड़ो थाना क्षेत्र के चाचकोपी गांव का रहने वाला है। मृतक जवान की ड्यूटी 15 तारीख की रात को बीएड कॉलेज में लगी थी। फिर रात को उसकी तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल देवघर पहुंचाया गया। जवान की स्थिति को गंभीर देखकर बुधवार को देवघर सदर अस्पताल के चिकित्सक के द्वारा रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। देवघर से रांची ले जाने के क्रम में जवान की रास्ते में ही मौत हो गई। जिसके बाद उसे एंबुलेंस से वापस देवघर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया गया।
देवघर राजकीय श्रावणी मेला के पांचवा दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की कतार बीएड कॉलेज तक पहुँची, जिसके पश्चात अहले सुबह 04:16 बजे से जलार्पण शुरू हुआ। इसके अलावा जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1,27,519 है। साथ ही बाह्य अर्घा के माध्यम से 26,538, आंतरिक अर्घा से 96,235 एवं शीघ्र दर्शनम कूपन 4746 से श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।
हजारीबाग जिले के बड़कागांव में जंगली हाथियों का उत्पात पिछले एक सप्ताह से जारी है।
20/25 की संख्या में हाथियों का आतंक बड़कागांव के बादाम गोंडलपुरा के बाद चंदौल पंचायत के लकुरा गांव के करमा टोला में बिरहोर परिवार परिवारों को अपना निशाना बनाया। हाथियों ने बिरहोर परिवारों के घर में तोड़ फोड़ की और घर के खिड़की दरवाजा तोड़ कर घर में रखे चावल समेत अन्य तरह के अनाज खा गए। पीड़ित बिरहोर परिवार के लोगों ने बताया कि वन विभाग बड़कागांव की टीम हाथी को ग्रामीणों द्वारा भगाए जाने के बाद खाना पूर्ति के लिए आती है।
दस वर्ष पूर्व जंगली हाथियों का झुंड बड़कागांव केरेडारी टंडवा क्षेत्र में आते थे
हाथी भगाने के लिए पटाखा या अन्य सामग्री भी नहीं प्रदान की है।हाथियों का कारीडोर मिटने के बाद से हाथी विचरण कर रहे हैं मानव आबादी वाले क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने बताया कि दस वर्ष पूर्वी जंगली हाथियों का झुंड बड़कागांव केरेडारी टंडवा क्षेत्र में आते थे लेकिन मानव आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करते थे। जब से एनटीपीसी के पकरी बरवाडीह कोल माइंस से कोयला ढुलाई के लिए कन्वेयर बेल्ट का निर्माण हुआ है तब से हाथी मानव आबादी वाले क्षेत्रों में आ रहे हैं। क्योंकि हाथियों के कारीडोर वाले जंगली क्षेत्र में एनटीपीसी के पकरी बरवाडीह कोल माइंस से कोयला ढुलाई के लिए कन्वेयर बेल्ट बना ली है। कन्वेयर बेल्ट बन जाने से हाथियों के कारीडोर वाले मार्ग पर भारी मशीनरी और मानव आबादी के शोर शराब और चौबीसों घंटे हो रहे चहल कदमी से हाथी भटक कर मानव आबादी वाले क्षेत्रों में आ रहे।
पर्यावरण विद मुरारी सिंह ने बताया कि….
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन हजारीबाग और राज्य सरकार से हाथियों के कारीडोर को पुनर्जीवित करने की मांग की है। वहीं इस पूरे मामले पर हजारीबाग के वरिष्ठ पत्रकार सह पर्यावरण विद मुरारी सिंह भी ये बात कहते है कि कहीं न कहीं हाथी के आने जाने वाले रास्ते में आदमी का चहल कदमी और कन्वेयर बेल्ट की आवाज ने हाथी को जंगल में रहने वाले लोगों के घर के तरफ मोड दिया है जिससे वहां जा कर हाथी तोड़ फोड़ जैसी घटना करते है।
हजारीबाग कोर्रा थाना क्षेत्र के जबरा निवासी प्रदीप प्रसाद पिता भवानी साव की मंगलवार को रिम्स में मौत इलाज के दौरान हो गई इसके बाद शव को हजारीबाग लाया गया।
शव को कोर्रा चौक पर रखकर उनके परिजनों और गांव वालों ने अपराधियों की गिरफ्तारी मुआवजा एवं इंसाफ की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। मंगलवार को करीब 3:00 बजे से सड़क जाम किया गया। जो खबर लिखे जाने तक सड़क जाम था। परिजनों का कहना था कि जब तक पुलिस अधीक्षक जाम स्थल पर नहीं पहुंचेंगे और उनकी मांगों को नहीं सुन लेंगे तब तक वे लोग सड़क जाम नहीं खोलेंगे।
रिम्स में ईलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों ने घटना के बारे में बताया है कि 6 जुलाई को प्रदीप प्रसाद जबरा अपने घर से कोर्रा चौक दवाई लाने गए थे। दवाई लेकर घर लौटते समय उनके पास एक फोन आया और उसे तालाब के पास बुलाया गया। तालाब के पास कुछ अज्ञात लोगों द्वारा प्रदीप प्रसाद को जानलेवा हमला किया गया जिससे वह लहू लुहान हालात में घर पहुंचे। इसके बाद उन्हें शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मेडिका रांची ले जाया गया। 2 दिन तक मेडिका में इलाज के बाद उसे रिम्स में रेफर किया गया जहां मंगलवार दिन में उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने कहा है कि मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया
परिजनों ने इसकी लिखित सूचना कोर्रा थाना को दिया लेकिन अभी तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो पाई बताते चलें कि सदर विधायक इस मामले को लेकर सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस घटना पर संज्ञान लेने का निर्देश दिया था लोगों ने अंदेशा जताया है कि क्षेत्र में नशा खोरी के कारण लोग परेशान रहते हैं क्षेत्र में लगातार अपराधीक घटनाएं बढ़ रही एक उन्हीं का कारनामा हो सकता है। मृतक रोजगार के लिए छोटा मोटा व्यवसाय करते थे आश्रितों में पत्नी के अलावा तीन पुत्र तथा वृद्ध माता है । वहीं कोर्रा पुलिस ने कहा है कि मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया है जल्द ही अपराधी कानून के शिकंजे में होगें ।सड़क जाम के दौरान सदर अंचलाधिकारी मयंक भूषण, कोर्रा थाना प्रभारी अजीत कुमार, बड़ा बाजार थाना प्रभारी बिट्टू रजक के अलावा पुलिस बल के जवान मौजूद थे।
लातेहार उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के सबजोनल कमांडर लवलेश गंझू उर्फ लवलेश जी 5 लाख का इनामी उग्रवादी ने लातेहार में आईजी , एसपी कुमार गौरव, सीआरपीएफ 11 वटालियन और एसएसबी पुलिस का समक्ष आत्म समर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण किए गए उग्रवादी मूलतः लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत रहने वाला है। लवलेश गंजू 12 से 13 साल की उम्र में भाकपा माओवादी नक्सली संगठन में शामिल हुआ था 3 वर्षों के दौरान कई महत्वपूर्ण घटना में शामिल था ।
कुल 50 से भी ज़्यादा घटनाओं में शामिल है
वर्ष 2011 में टीपीसी नक्सली संगठन में शामिल हुवा टीपीसी नक्सली संगठन में कई घटनाओं में शामिल था । वही 2017 में नक्सली संगठन जेजेएमपी में शामिल हुवा इस दौरान भी कई घटनाओं में शामिल था । लातेहार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में कुल 50 से भी ज़्यादा घटनाओं में शामिल है । लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में लगातार नक्सलियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में कई नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए । साथ ही लगातार नक्सलियों के विरुद्ध नक्सलियों के घर में इस्तेहार से लेकर घर कुर्की का अभियान चलाए जा रहे है । चलाए जा रहे अभियान से अजीज आकर आख़िरकार जेजेएमपी के हार्डकोर नक्सली पाँच लाख का इनामी नक्सली लवलेश गंझू ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है ।
पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करे नहीं तो पुलिस की गोली से मारे जाएँगे
वही आईजी ने बताया कि आज जेजेएमपी के जोनल कमांडर लवलेश गंझू में पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया। उन्होंने इस दौरान मुख्य धारा से भटक चुके सभी नक्सलियों से अपील किया है कि सरकार के आत्म समर्पण नीति का लाभ उठाएं और समाज के मुख्य धारा से जुड़ जाएं। पुलिस आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों को हर संभव मदद करने को तैयार है। वही लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बताया की लातेहार जिले में लगातार नक्सलियो के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है । पुलिस की लगातार बढ़ते दबाव से नक्सली जंगल – जंगल भटक रहे है जिससे अजीज आकर हार्डकोर नक्सली लवलेश गंझू ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है । आगे भी बचे नक्सली से अपील है कि पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करे नहीं पुलिस की गोली से मारे जाएँगे ।
देवघर सावन का पावन महीना चल रहा है और सावन माह में शिव जी की चर्चा चारों और होती है। आज हम बात करेंगे शिव और रावण से जुड़ी तपोवन की कहानी के बारे में तपोवन को बालानंद ब्रह्मचारी की तपो भूमि नागाओं (साधुओं) के लिए ध्यान स्थल और रावण की तपो भूमि के लिए जाना जाता है । तपोवन की दूरी देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर से 10 किलोमिटर है। यहां के बारे में कहा जाता है की रावण ने जब शिवलिंग को देवघर में रख दिया और वहां से वो नही उठा पाए तो कैलाश पर्वत के बाद पुनः अपनी तपस्या से शिव को प्रसन्न करने के लिए तपोवन पहाड़ में तपस्या करना शूरू किया । लंबी तपस्या के बाद राम के परम भक्त हनुमान ने रावण की तपस्या को भंग करने का काम किया । हनुमान ने पहाड़ को चीर कर निकले और रावण पर अपने गदे के प्रहार से रावण की तपस्या को भंग कराया। जो आज भी प्रमाण के रुप में एक चट्टान मौजूद हैं जिसके दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु तपोवन पहुंचते हैं और कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर हनुमान जी का वो शिलापट देखते हैं।
यह काफी आकर्षण, दरार वाली चट्टान है, जिसकी आंतरिक सतह में कथित तौर पर भगवान हनुमान का चित्र देखा जा सकता है। उसके ठीक निचे एक गुफा भी है। लोगों का मानना है की हनुमान जी चट्टान को चीर निकले और रावण गुफा में अपना तपस्या कर रहा था। हनुमान ने गदे से प्रहार करके रावण की तपस्या को भंग कराया। जो चट्टान आज भी मौजूद हैं।
तपोवन को रावण की तपस्या स्थली भी कहा जाता है
यह विशेष रूप से अद्भुत है क्योंकि दरार में रंग और ब्रश का इस्तेमाल करना चित्रकारी करना एकदम असंभव है। लेकिन उसमें हनुमान जी की प्रतिमा बनी हुई है। और मनोकामना हनुमान के नाम से भी इसे जाना जाता है। इस प्रकार से तपोवन को रावण की तपस्या स्थली भी कहा जाता है। और भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद तपोवन भी पहुंचते हैं।
तपोवन में क्या क्या है
इसके अलावा तपोनाथ महादेव, जो भगवान शिव का मंदिर है, यहां का एक विशेष धार्मिक स्थल है। पहाड़ी के नीचे एक छोटा कुंड (जलकुंड) है और ऐसा माना जाता है कि देवी सीता इसमें स्नान करती थीं। इस प्रकार, इसे स्थानीय लोगों द्वारा सूक्त कुंड या सीता कुंड नाम दिया गया है।तपोवन शब्द का अर्थ है ध्यान का वन और एक समय में, यह नागाओं (साधुओं) के लिए ध्यान स्थल (तपोभूमि) था। इसीलिए इसका नाम तपोवन रखा गया है।
देवघर बाबा नगरी देवघर अपने आप में जहां एक तरफ विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल द्वादश ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है तो वहीं बाबा बैधनाथ की नगरी अपने आगोश में कई तरह के धर्मिक परम्पराओं को समेटे हुए है। अभी श्रावणी मेला चल रहा है और प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में कांवरिया भक्त पहुंच रहें हैं। परंपरा के अनुसार जहां तड़के सुबह बाबा की “कांचा” जल पूजा की जाती है, तो वहीं संध्या के समय बाबा का श्रृंगार पूजा होता है। इसी क्रम में सोमवार की देर रात को केन्द्रीय कारा के जेलर प्रमोद कुमार के द्वारा बाबा बैधनाथ की श्रृंगार पुष्प मुकुट लेकर मंदिर की ओर प्रस्थान किए। यह बहुत ही पौराणिक परंपरा है। बाबा का मुकुट शहर के कुछ एरिया में भ्रमण करने के बाद मंदिर पहुंचाया जाता है। बताते चलें यह मुकुट कैदियों द्वारा प्रत्येक दिन संध्या श्रुंगार पूंजा के लिए नाग पुष्प मुकुट तैयार किया जाता है।
बताते चलें कि श्रावण मास के पहली सोमवार होनें के कारण कांवरियों की अप्रत्यासित भीड़ थी और महादेव का श्रृंगार देर रात लगभग बारह बजे के आसपास किया गया। वहीं मुकुट के मंदिर पहुंचाने के क्रम में डीएसपी विरेन्द्र कुमार राम व डीएसपी दिपक कुमार मौजूद थे , साथ में जेल मंदिर के पुजारी, सेवक, कक्षपाल, काराकर्मी आदि बम भोले का जयकारा लगाते हुए बाबा बैधनाथ मंदिर प्रांगण पहुंचे जहां फिर बाबा का भव्य श्रृंगार पूजा किया गया। वैसे यह प्रत्येक दिन की व्यवस्था है पर श्रावण मास में इसकी महत्व ही कुछ ओर होती है।
Deoghar रेलवे ने यात्रियों की अपेक्षित भीड़ को ध्यान में रखते हुए गोविंदपुरी और आसनसोल, गया और मधुपुर, पटना और मधुपुर के बीच छह (06) और श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। ये स्पेशल ट्रेनें मेला के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के साथ-साथ अतिरिक्त क्षमता और लोच प्रदान करेंगी।
04158 गोविंदपुरी – आसनसोल श्रावणी मेला स्पेशल दिनांक 14.07.2025 से 11.08.2025 के बीच (05 ट्रिप) प्रत्येक सोमवार को गोविंदपुरी से 08:15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 06:30 बजे आसनसोल पहुँचेगी।
04157 आसनसोल – गोविंदपुरी श्रावणी मेला स्पेशल दिनांक 15.07.2025 से 12.08.2025 के बीच (05 ट्रिप) प्रत्येक मंगलवार को आसनसोल से 07:45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 08:40 बजे गोविंदपुरी पहुँचेगी। उक्त स्पेशल ट्रेन अपने मार्ग में आसनसोल मंडल के चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी। इस ट्रेन में केवल सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच की व्यवस्था होगी।
03654 गया- मधुपुर श्रावणी मेला स्पेशल 15.07.2025 से 09.08.2025 के बीच (26 ट्रिप) प्रतिदिन गया से 17:00 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 02:20 बजे मधुपुर पहुंचेगी तथा
03653 मधुपुर-गया श्रावणी मेला स्पेशल 16.07.2025 से 10.08.2025 के बीच (26 ट्रिप) प्रतिदिन मधुपुर से 02:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 12:00 बजे गया पहुँचेगी। उक्त स्पेशल ट्रेन अपने मार्ग में आसनसोल मंडल के मथुरापुर, अर्जुन नगर हॉल्ट, शंकरपुर, कुमड़ाबाद रोहिणी, जसीडीह, लाहाबोन, तेलवा बाजार हॉल्ट, सिमुलतला, नरगंजो हॉल्ट, राजला हॉल्ट स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी। उक्त ट्रेन में मेमू कार की सुविधा होगी।
03268 पटना-मधुपुर श्रावणी मेला स्पेशल 16.07.2025 से 09.08.2025 के बीच (25 ट्रिप) प्रतिदिन पटना से 23:10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 08:35 बजे मधुपुर पहुँचेगी।
03267 मधुपुर-पटना श्रावणी मेला स्पेशल 17.07.2025 से 10.08.2025 के बीच (25 ट्रिप) प्रतिदिन मधुपुर से 08:45 बजे प्रस्थान कर उसी दिन 18:30 बजे पटना पहुँचेगी। यह स्पेशल ट्रेन मथुरापुर, अर्जुन नगर हॉल्ट, शंकरपुर, कुमड़ाबाद रोहिणी, जसीडीह, लाहाबोन, तेलवा बाजार हॉल्ट, सिमुलतला, नरगंजो हॉल्ट, राजला हॉल्ट पर रुकेगी। इस ट्रेन में मेमू कार की व्यवस्था होगी।
देवघर जिला में 108 एम्बुलेंस सह idsp के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने अपने दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन देवघर जिला के 108 एम्बुलेंस की सेवा से संबंधित समीक्षात्मक बैठक किया। सदर अस्पताल स्थित सभागार में आयोजित इस बैठक में डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने वहां उपस्थित सम्मान कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक समीर कुमार सिंह देवघर जिला प्रबंधक विनीत कुमार एवं दुमका जिला प्रबंधक अंशुमन कुमार से कहा कि श्रावणी मेला के दौरान एम्बुलेंस की 24*7 सेवा निश्चित रूप से बहाल रहे और किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए।
एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर सहित सभी उपकरण मौजूद रहना चाहिए
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भी सुनिश्चित हो कि सभी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर सहित सभी उपकरण मौजूद रहना चाहिए ।उनके द्वारा निर्देशित किया गया कि एम्बुलेंस के रख रखाव पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। श्रावणी मेला को देखते हुए 26 अतिरिक्त एम्बुलेंस अन्य जिलों से मंगाया गया है जबकि पहले से इस जिले में कुल 23 एम्बुलेंस का परिचालन किया जा रहा था। इस बैठक में 108 एम्बुलेंस के चालक भी मौजूद थे उन्होंने भी अपनी समस्याओं को रखा ,डॉ प्रदीप कुमार सिंह द्वारा उन्हें आश्वस्त किया गया कि आप अपने कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करते रहे आपकी जो समस्याएं है वह विभाग और सम्मान कंपनी के समक्ष रख उन सभी का निराकरण किया जाएगा। इस बैठक में सदर अस्पताल के प्रशासनिक प्रभारी डॉ शरद कुमार के अलावा जिला कार्यक्रम प्रबंधक समरेश सिंह भी मौजूद थे।
जमशेदपुर टाटानगर रेलवे स्टेशन के पार्किंग परिसर में पिछले कई महीनों से चल रहा अव्यवस्था और शुल्क–विवाद आखिरकार तकनीकी समाधान की दहलीज़ पर खड़ा है। चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डिप्टी कमर्शियल मैनेजर आदित्य कुमार चौधरी ने सोमवार को स्टेशन पहुँच कर चार घंटे से ज़्यादा समय तक विभिन्न जोन—प्लेटफॉर्म-एप्रोन, सर्कुलेटिंग एरिया, ड्रॉप-ऑफ लेन और बहुप्रतीक्षित पार्किंग लॉट—का बारीक़ी से निरीक्षण किया।
यात्रियों को पहले 10 मिनट का कोई शुल्क नहीं देना होगा
निरीक्षण के बाद उन्होेंने मीडिया से स्पष्ट किया, “कुछ ही दिनों में यहाँ ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक बैरियर लग जाएंगे; मैनुअल पर्ची कटती नज़र नहीं आएगी। यात्रियों को पहले 10 मिनट कोई शुल्क नहीं देना होगा, और पूरी व्यवस्था 23 से ज़्यादा कैमरों की निगरानी में रहेगी। गलत कार्रवाई या अवैध वसूली बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैरियर लॉग से साफ पता चलेगा कि वाहन कितनी देर रुका
”देर से पहुँची तकनीक, लेकिन उम्मीदें बुलंद पार्किंग विवाद की जड़ें वर्ष 2023 में उस समय पड़ीं, जब पुराने ठेकेदार ने शुल्क में मनमानी वृद्धि कर दी। तब से ही स्टेशन के बाहर अक्सर ट्रैफ़िक जाम, अनियमित वसूली और झौआ-टिकट नामक अवैध दोहरी रसीद-प्रथा की शिकायतें आती रहीं। चौधरी ने निरीक्षण के दौरान पार्किंग‐मंडली को दो टूक कह दिया कि “ऑटोमेशन के बाद दलीलें नहीं, डेटा चलेगा। बैरियर लॉग से साफ पता चलेगा कि वाहन कितनी देर रुका और कितना शुल्क बनता है।
देवघर राजकीय श्रावणी मेला के पहली सोमवारी को श्रद्धालुओं की कतार बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर से चमारीडीह पुल तक पहुँची । जिसके पश्चात अहले सुबह 04:12 बजे बाबा मंदिर का पट खुला और सरकारी पूजा के पश्चात आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू हुआ। और बोल बम के जयघोष के साथ 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा पर जलाभिषेक किया । जिला प्रशासन ने जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बताते हुए कहा कि 2,26,264 श्रद्धालुओं ने सोमवार के दिन बाबा पर जलार्पण किया है। जिसमें बाह्य अर्घा के माध्यम से 87,279, आंतरिक अर्घा से 1,38,985 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।