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मोहनपुर थाना परिसर में हुए मतभेदों का हुआ अंत -

मोहनपुर थाना परिसर में हुए मतभेदों का हुआ अंत

देवघर // मोहनपुर थाना परिसर में दूसरी बार आयोजित शांति समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों और पुलिस के बीच चले मतभेदों का अंत हो गया। झामुमो के जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर हेंब्रम की सक्रिय पहल और सूझबूझ से विवाद की स्थिति समाप्त हुई और सभी पक्ष आपसी सहमति पर पहुंच गए। बीते दिन बकरीद को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों में काफी रोष था। उन्होंने मोहनपुर पुलिस में कथित भ्रष्टाचार और कार्यशैली में सुधार की मांग को लेकर सख्त रुख अपनाया था तथा पुलिस को 7 दिन का अल्टीमेटम भी दिया था।

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महज दो दिन के भीतर झामुमो के कद्दावर नेता नवल किशोर हेंब्रम ने संवाद की पहल की और दोनों पक्षों के बीच पुल का काम किया।

उनके प्रयास से न केवल मतभेद समाप्त हुए बल्कि जनप्रतिनिधियों ने गिले-शिकवे भुलाकर पुलिस-जनता के संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस प्रक्रिया में झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष सुनील मंडल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैठक में सभी ने आपसी मनमुटाव, शिकायतों और मतभेदों को पीछे छोड़कर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने का संकल्प लिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शांति और सद्भाव बनाए रखने में पुलिस और जनता दोनों की समान जिम्मेदारी है। ऐसे प्रयास पूरे क्षेत्र में सकारात्मक मिसाल बनेंगे।

मौजूद प्रमुख लोग :

बैठक में राजद नेता भूतनाथ यादव, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष हेमंत चौधरी, राजद प्रखंड अध्यक्ष रंजीत प्रधान, नरेश यादव, बीरू प्रधान, केदार कुमार दास, सिकंदर राउत, उप प्रमुख पप्पू यादव, सुधीर यादव, दिलीप यादव, मुखिया प्रतिनिधि जयप्रकाश यादव, प्रफुल्ल यादव, लखीराम सोरेन, हरगोविंद यादव, गणेश यादव, अखिलेश्वर प्रसाद यादव, विजय कुमार, नारायण कुमार यादव, मो. नौशाद अंसारी, श्रीकांत यादव, दिवाकर यादव, विमल मंडल, गौतम कुमार तुरी, नंदकिशोर यादव समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित थे।

क्या था विवाद

बीते दिन मोहनपुर थाना परिसर में बकरीद को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा था। जनप्रतिनिधियों ने मोहनपुर पुलिस में कथित भ्रष्टाचार और थाने की कार्यशैली को लेकर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस पर खुलकर मोर्चा खोल दिया और कार्यशैली में सुधार लाने के लिए साफ-साफ 7 दिन का अल्टीमेटम दे दिया। स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और दोनों पक्षों के बीच गहरी दरार दिखाई दे रही थी।

हालांकि महज दो दिन के अंदर झामुमो के कद्दावर नेता एवं जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर हेंब्रम ने तुरंत पहल की। उनकी सूझबूझ भरी मध्यस्थता और निरंतर प्रयास से विवाद शांत हुआ और आपसी मतभेद समाप्त हो गए। इस तेजी से हुए सुलह से स्थानीय स्तर पर राहत की लहर दौड़ गई है। जनप्रतिनिधियों ने अब पुरानी शिकायतों को पीछे छोड़कर पुलिस के साथ बेहतर समन्वय और सहयोग बनाए रखने की बात कही है।

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