देवघर // संतुलित उर्वरक प्रयोग विषय पर विशेष जागरूकता अभियान के तहत बूढी बगीचा एवं मिश्रणा गांव में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड तकनीकी प्रबंधक शशांक शेखर ने किया। गोष्ठी में महिला किसानों सहित दर्जनों कृषकों ने भाग लिया।
रासायनिक खाद कम करें, जैविक खेती बढ़ाएं : शशांक शेखर
इस दौरान शशांक शेखर ने किसानों को प्राकृतिक एवं संतुलित खेती के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते समय में किसानों को अपनी फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए ऑर्गेनिक खाद का अधिक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्रेन्यूल्स ऑर्गेनिक खाद मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने, जड़ों को मजबूत बनाने तथा फसल की गुणवत्ता सुधारने में काफी लाभदायक है।
स्वस्थ मिट्टी से बेहतर पैदावार संभव, कृषक गोष्ठी में किसानों को मिला प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि इस ऑर्गेनिक खाद के उपयोग से मिट्टी में 70 प्रतिशत तक ऑर्गेनिक मैटर की वृद्धि होती है तथा ह्यूमिक और फुल्विक एसिड से भरपूर पोषण मिलता है। इससे संतुलित एनपीके का उपयोग बढ़ता है और मिट्टी की संरचना में सुधार होता है। यह सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है।श्री शेखर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अत्यधिक रासायनिक खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो रही है और बीमारियां भी बढ़ रही हैं। इसलिए अब समय आ गया है कि किसान रासायनिक खाद का उपयोग कम करें और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि सरकार भी प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऑर्गेनिक खेती अपनाने पर जोर, महिला किसानों को किया गया जागरूक
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि पारंपरिक खेती की ओर लौटना जरूरी है। गाय, भैंस और बकरी पालन के माध्यम से गोबर खाद, केंचुआ खाद एवं अन्य जैविक खाद का उपयोग कर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। स्वस्थ मिट्टी ही समृद्ध किसान की पहचान है।

कार्यक्रम में ज्योतिष चंद्र पांडे, सोनिया देवी, रिंकू देवी, मंजू देवी, होलिया देवी, पुलिया देवी, संतोषी देवी समेत बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित थीं। सभी किसानों ने रासायनिक खाद का उपयोग कम कर ऑर्गेनिक खाद को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
