देवघर: जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 17 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र से संबंधित साइबर अपराधी फर्जी तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। आरोपी Google Pay, PhonePe, Paytm और Airtel Payments Bank के अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को निशाना बनाते थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नाम पर भी ठगी किए जाने की सूचना मिली थी।
कैशबैक और सरकारी योजनाओं के नाम पर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, साइबर अपराधी फर्जी Google Pay, PhonePe और Paytm कस्टमर केयर अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को कैशबैक का झांसा देते थे। वहीं, PM किसान योजना, बिजली बिल और RTO चालान से संबंधित APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच हासिल करने और ठगी करने का तरीका भी अपनाया जाता था।
इसके अलावा आरोपी Airtel Payments Bank के अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देते थे। पुलिस के अनुसार, Airtel Thanks ऐप के माध्यम से बैंक कार्ड बंद होने की बात कहकर उसे दोबारा चालू कराने के नाम पर भी ठगी की जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- बहाउद्दीन अंसारी, उम्र करीब 41 वर्ष, पिता इकराम मियां, थाना सारठ।
- परवेज अंसारी, उम्र करीब 30 वर्ष, पिता गुलजार अंसारी, थाना पथरड्डा ओपी, जिला देवघर।
- सहादुद्दीन अंसारी, उम्र करीब 31 वर्ष, पिता मुश्ताक अंसारी, थाना करमाटांड़, जिला जामताड़ा।
- चंदन दास, उम्र करीब 21 वर्ष।
- नंदन कुमार दास, उम्र करीब 23 वर्ष, पिता अजीत दास, थाना पथरड्डा ओपी, सारठ।
- विक्रम कुमार दास, उम्र करीब 19 वर्ष, पिता मनोज दास, थाना पथरड्डा, सारठ।
- कन्हैया कुमार दास, उम्र करीब 26 वर्ष, पिता कास दास, थाना पथरौल।
- रंजन कुमार दास, उम्र करीब 26 वर्ष, पिता दीनदयाल दास, थाना पथरौल।
- पंकज दास, उम्र करीब 28 वर्ष, पिता केटुकुली महरा, थाना पथरौल, जिला देवघर।
12 मोबाइल और 12 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 12 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद जब्त मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के आधार पर विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील
साइबर अपराधी अब बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि और सरकारी योजना के कर्मचारी बनकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को किसी अनजान व्यक्ति के भेजे APK फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए और न ही किसी के साथ OTP, बैंकिंग पासवर्ड या गोपनीय जानकारी साझा करनी चाहिए।
किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा करने से पहले संबंधित बैंक या सेवा प्रदाता के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
नोट: गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
