देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। शनिवार को आरएल सर्राफ स्थित अस्थायी मीडिया सेंटर में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में साप्ताहिक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान मेला की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की संख्या, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और राजस्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

उपायुक्त ने बताया कि 30 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक 51,12,531 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण किया। इनमें 1,90,887 श्रद्धालु शीघ्र दर्शनम् कूपन के माध्यम से पूजा-अर्चना करने पहुंचे।
बाबा मंदिर को 8.23 करोड़ रुपये से अधिक की आय
प्रेसवार्ता में बताया गया कि 30 जुलाई से 21 अगस्त तक बाबा मंदिर को कुल 8,23,47,741 रुपये की आय हुई है। इसमें मंदिर के विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राशि शामिल है। वहीं शीघ्र दर्शनम् कूपन से प्राप्त आय 6,87,19,320 रुपये बताई गई।
सुरक्षा के लिए हजारों जवान और आधुनिक निगरानी
श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में 597 मजिस्ट्रेट एवं पदाधिकारी और 6,763 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 4 पुलिस अधीक्षक, CRPF की 3 कंपनियां तथा NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात हैं।
मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 925 CCTV कैमरे, 225 AI कैमरे और 5 ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 यातायात ओपी बनाए गए हैं। ATS, RAF, बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वायड और QRT की टीमों को भी लगाया गया है।
71 हजार से अधिक बिछड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाया
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में 34 सूचना केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर अब तक 88,328 खोये-पाये कांवरियों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 71,198 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया।इसके लिए 220 उद्घोषकों की व्यवस्था की गई है। मातृत्व विश्राम गृह के लिए 45 महिलाओं की भी तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर
मेला क्षेत्र में 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 30 जुलाई से 19 अगस्त तक इन केंद्रों पर 1,80,562 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया। इनमें 1,19,779 पुरुष, 53,540 महिलाएं और 7,243 बच्चे शामिल हैं।पूरे मेला क्षेत्र में 111 डॉक्टर और 470 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा 16 सामान्य एंबुलेंस, 24 एंबुलेंस 108 और 6 जीप की व्यवस्था की गई है।
अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन अलर्ट
श्रावण माह की अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन ने बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने की संभावना जताई है। उपायुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहेंगी।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला को सफल बनाने में प्रशासन के साथ मीडिया, स्थानीय लोगों और सभी संबंधित विभागों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। आने वाले दिनों में भी इसी समन्वय के साथ मेला का संचालन जारी रखने पर जोर दिया गया।मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएंश्रद्धालुओं के आवासन के लिए कोठिया और बाघमारा में टेंट सिटी के साथ आध्यात्मिक भवन में भी व्यवस्था की गई है। कोठिया की दो टेंट सिटी में कुल 2,000 बेड, बाघमारा में 750 बेड और आध्यात्मिक भवन में 700 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है।
इसके अलावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 48 स्नानागार, 323 शौचालय, 16 इंद्रवर्षा, 76 चापाकल और 9 प्याऊ की व्यवस्था की गई है।श्रद्धालुओं के मनोरंजन और धार्मिक जानकारी के लिए शिवगंगा में वाटर प्रोजेक्शन एवं लेजर शो, विभिन्न स्थानों पर VR के जरिए बाबाधाम की पौराणिक कथा तथा 31 स्थानों पर LED स्क्रीन की व्यवस्था की गई है। शिवलोक परिसर में आयोजित विशेष प्रदर्शन को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु देख रहे हैं।
