पश्चिमी सिंहभूम // पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में नगर परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। चुनावी माहौल के बीच अध्यक्ष पद के भाजपा समर्थित प्रत्याशी रमेश खीरवाल उर्फ लड्डू विवादों में घिर गए हैं। उन पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा है और इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रत्याशी को चुनाव आयोग की ओर से ‘बिस्किट’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। आरोप है कि वे चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं के बीच बिस्किट का वितरण कर रहे थे। इसे मतदाताओं को प्रलोभन देने की श्रेणी में माना गया है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे प्रथम दृष्टया आचार संहिता का उल्लंघन माना और इसकी लिखित शिकायत जिला निर्वाचन पदाधिकारी को भेज दी।
मजिस्ट्रेट की अनुशंसा के आधार पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। सदर थाना प्रभारी तरुण कुमार ने रविवार को पुष्टि करते हुए बताया कि मजिस्ट्रेट के आवेदन पर केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है और मामले की जांच की जा रही है।जानकारों का कहना है कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को किसी भी प्रकार का उपहार, खाद्य सामग्री या अन्य वस्तु देकर प्रभावित करना चुनाव नियमों के खिलाफ है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। यहां तक कि उनकी उम्मीदवारी भी रद्द होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
आसनसोल // दुर्गापुर के आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज में बिहार का मेडिकल छात्र की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गयी। रविवार को आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र लावण्य प्रताप (22) का हॉस्टल के बाथरूम में झूलता शव बरामद हुआ।
सूत्रों के अनुसार, मृतक लावण्य प्रताप बिहार के पटना के भोला रोड निवासी थे। लावण्य प्रताप दुर्गापुर की आईटी सिटी मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष के छात्र थे। इस वर्ष वार्षिक परीक्षा में बेहतर अंक लावण्य को नहीं मिली थी। शनिवार देर रात हॉस्टल के कमरे के शौचालय गया था। काफी देर तक बाहर नहीं निकलने पर सहयोगियों को संदेह होने पर सूचना पुलिस को दी।
सूचना पाकर पुलिस घटनास्थल पहुंची एवं बाथरूम का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। जहां लावण्य का झूलता शव देख सभी दंग रह गए। रविवार दोपहर डिप्टी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में शव का पोस्टमार्टम किया गया। उसके बाद शव को आसनसोल जिला अस्पताल भेजा गया। बेटे की मौत की खबर पाकर रविवार को पिता और अन्य रिश्तेदार दुर्गापुर पहुंचे। लावण्य के पिता अनिल राय ने बताया कि शनिवार की देर रात हॉस्टल के सहयोगियों से सूचना मिली। वार्षिक परीक्षा में लावण्य को प्रोजेक्ट में अच्छा नंबर नहीं मिला था। उस विषय की प्रोजेक्ट के दोबारा जांच करने को लेकरआवेदन किया था। इससे ज्यादा कुछ उनको नहीं पता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
पूर्वी सिंहभूम // जमशेदपुर के मानगो और जुगसलाई नगर निगम का मेयर चुनाव इस बार स्थानीय विकास के मुद्दों से आगे बढ़कर राजनीतिक वर्चस्व, संगठनात्मक अनुशासन और पारिवारिक प्रभाव की सीधी टक्कर बन गया है। महिलाओं के लिए आरक्षित सीट ने जहां महिला नेतृत्व को अवसर दिया है, वहीं जमीनी स्तर पर यह चुनाव प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों की प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में उभर रहा है।
मानगो में झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी सुधा गुप्ता के समर्थन में खुलकर चुनावी मोर्चा संभाले हुए हैं। उनके समर्थक इसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव ने अपनी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव को मैदान में उतारा। प्रदेश नेतृत्व से मतभेद के बाद मामला तूल पकड़ गया।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में राजकुमार श्रीवास्तव से स्पष्ट करने को कहा गया कि वे पार्टी लाइन का पालन करेंगे या पत्नी की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे। इसके बाद उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और सभी दायित्वों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 45 वर्षों की सेवा के बावजूद अपमानित किए जाने का आरोप लगाया और न्यायालय जाने की बात कही। इस घटनाक्रम ने भाजपा की स्थानीय इकाई में असंतोष को उजागर कर दिया है।
चुनावी चर्चा में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा महिलाओं के लिए आरक्षण को लेकर उठाए गए कदम भी केंद्र में हैं। राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि क्या यह आरक्षण वास्तविक महिला नेतृत्व को आगे ला रहा है या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों के विस्तार का माध्यम बन रहा है।
जुगसलाई नगर निगम में भी समीकरण कम दिलचस्प नहीं हैं।
जुगसलाई नगर निगम में भी समीकरण कम दिलचस्प नहीं हैं। यहां नौशीन खान मैदान में हैं, जिनके पति हेदायतुल्ला खान को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से जुड़ा प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। हालांकि पार्टी ने उन्हें आधिकारिक समर्थन नहीं दिया है, फिर भी उनका राजनीतिक नेटवर्क चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर रहा है। डॉली मल्लिक के पीछे उनके पति मानिक मल्लिक की सक्रियता चर्चा में है, जबकि बलबीर कौर के समर्थन में उनके पति शैलेंद्र सिंह, जो सिख समाज में प्रभाव रखते हैं, रणनीति में जुटे हैं।
इसके अलावा नीलूफर और रिंकू सिंह भी मेयर पद की प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिंकू सिंह को छोड़ अधिकांश प्रत्याशियों के पीछे मजबूत सामाजिक और राजनीतिक आधार वाले परिवार खड़े हैं, जिससे मुकाबला और अधिक बहुआयामी हो गया है।
परिवार की राजनीतिक विरासत’ बनाम ‘पार्टी अनुशासन
मानगो और जुगसलाई का चुनाव इस बार दलीय सीमाओं से आगे निकलकर ‘परिवार की राजनीतिक विरासत’ बनाम ‘पार्टी अनुशासन’ की बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर भाजपा आंतरिक अनुशासन और आधिकारिक समर्थन की लाइन पर कायम रहने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस और अन्य दल इसे अपनी-अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।राजनीति के जानकारों का मानना है कि यह मतदान सिर्फ मेयर का फैसला नहीं करेगा, बल्कि यह भी संकेत देगा कि स्थानीय राजनीति में मतदाता पार्टी की आधिकारिक रणनीति को तरजीह देते हैं या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों की पकड़ को।
यह चुनाव आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले शहरी राजनीतिक समीकरणों की दिशा भी तय कर सकता है।
नोएडा // थाना सेक्टर 39 में जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने यू-ट्यूब चैनल चलाने वाले पत्रकार और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। उनका आरोप है कि यह लाेग ब्लैकमेल करते हैं। एक्सटॉर्शन वसूलते हैं तथा झूठी व भ्रामक सूचना प्रसारित कर सरकारी अस्पताल व अधिकारियों की छवि धूमिल करते हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाना सेक्टर 39 के प्रभारी निरीक्षक डीपी शुक्ल ने रविवार काे बताया कि डॉक्टर अरविंद मलिक चिकित्सा अधीक्षक जिला संयुक्त चिकित्सालय गौतम बुद्ध नगर ने बीती रात को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मनोज शर्मा, सूरज दीक्षित आदि जो कि स्वयं को यूट्यूबर पत्रकार बताते हैं, वे लोग जानबूझकर सरकारी अस्पताल के अधिकारियों को धमकाकर अवैध लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। उनके अनुसार इन लोगों द्वारा समय-समय पर अस्पताल प्रशासन एवं अधिकारियों से यह कहा गया कि यदि उन्हें व उनके साथियों को अस्पताल परिसर में अनुचित सुविधा, फायदे, हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी गई तो वे अस्पताल के अधिकारियों के विरुद्ध झूठा, भ्रामक खबर अपने यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित करेंगे, उनमें से एक व्यक्ति मनोज शर्मा जो पूर्व में जिला संयुक्त चिकित्सालय नोएडा में अवांछित गतिविधियों में लिप्त रहा है, तथा शिकायत के आधार पर जेल जा चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसका साथी सूरज दीक्षित जिसकी मां बिना वैधानिक आधार के चिकित्सालय में उपस्थित रहकर अवांछित गतिविधियों में लिप्त रहती है, उसे अस्पताल कर्मियों की शिकायत पर अवैध गतिविधियों के लिए चेतावनी दी जा चुकी है। उनके अनुसार उक्त व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से यह धमकी दी गई कि वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर वीडियो को एडिट कर अस्पताल की छवि खराब करने वाली सामग्री प्रसारित करेगा, जिससे अस्पताल व अधिकारियों की सामाजिक व प्रशासनिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंचे। उनका कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा उसकी अवैध व अनुचित मांगों को अस्वीकार किए जाने के पश्चात उक्त व्यक्तियों ने जानबूझकर भ्रामक, असत्य वीडियो, तथ्यों को काट छांटकर एडिट किया तथा उसे यूट्यूब चैनल व डिजिटल माध्यम से प्रसारित किया। उनके अनुसार इनके इस कृत्य से अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों की छवि धूमिल हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 221,351(2), 356(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ढाका // बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत, चीन, पाकिस्तान समेत 13 देशों के शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में 17 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होना है।
बांग्लादेश के सर्वाधिक प्रसारित अखबार प्रोथोम अलो ने अंतरिम सरकार के एक भरोसेमंद अधिकारी के हवाले से बताया है कि अंतरिम सरकार ने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में जीत का परचम फहराने वाली बीएनपी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद 13 देशों के शासनाध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने का फैसला किया।
कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब, तुर्किये, यूनाइटेड अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान को पहले ही निमंत्रण भेजा जा चुका है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार दोपहर जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में होगा। नवनिर्वाचित सांसद 17 फरवरी को शपथ लेंगे।ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बीएनपी ने चुनाव में दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर अगली सरकार बनाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बीएनपी के संयुक्त महासचिव (विदेश मामले) हुमायूं कबीर ने कहा,” मैं किसी खास देश की बात नहीं कर रहा हूं। बीएनपी सार्क के सदस्य देशों और मिडिल ईस्ट देशों के शासनाध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने की तैयारी कर रही है। ”उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी नई संसद में मुख्य विपक्षी पार्टी के तौर पर काम करेगी।
मेष- योजना क्रियान्वयन के लिए समय अच्छा व सकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। जीवन साथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। आत्मचिंतन करे। बिगड़ा कार्य बनेगा। शुभांक-5-7-9
वृष- व्यवसाय में प्रतिद्वंद्वी परेशान कर सकते है। समय व्ययकारी सिद्घ होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। दिमाग में निर्मूल तर्क-कुतर्क पैदा होंगे। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शुभांक-4-6-8
मिथुन- लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। धार्मिक यात्रा का योग बना है। शुभांक-5-7-9
कर्क- सैर-सपाटे में समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सवेरे ही निपटा लें। पुराने मित्र के कारण कार्य बाधा हटेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आर्थिक लाभ हेतु किये गए कार्यों का तत्काल प्रतिफल मिलेगा। शुभांक-2-5-8
सिंह- अपने हितैषी ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। किसी से वाद-विवाद अथवा कहासुनी होने का भय रहेगा। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। जल्दबाजी में कोई भूल संभव है। आय-व्यय की स्थिति समान्य रहेगी। शुभांक-1-3-5
कन्या- आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। बुरी संगति से बचे। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नही। दूसरों के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप न करें। निर्मूल शंकाओं के कारण मनस्ताप भी पैदा हो सकते है। भय तथा शत्रुहानि की आशंका रहेगी। यात्रा का योग बन रहा है। शुभांक-3-5-7
तुला- कारोबार के विस्तार का मानस बनेगा। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न रहेगा। अचल संपति की खरीद अथवा कृषि उद्यम में रुचि पैदा होगी। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शुभांक-3-5-8
वृश्चिक- नये-नये व्यापारिक अनुबंध होंगे। मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। व्यसनों का त्याग करें. संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। कामकाज में अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। हरि करे सो खरी इसीलिए पूरे मनोयोग से कार्य करें। शुभांक-6-7-8
धनु- कार्यक्षेत्र में खुशनुमा माहौल बनेगा। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास होंग। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पैतृक सम्पत्ति से लाभ होगा। शुभांक-1-4-6
मकर- भावनाओं का उद्वेग बढ़ेगा। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। शुभांक-4-6-7
कुम्भ- जीवनसाथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। एकाकी वृत्ति त्यागें। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। साथ ही आगे के लिए रास्ता भी बन जाएगा। कार्य सफल होंगे। शुभांक-2-4-6
मीन- मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। परिवारजनों का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। शुभांक-5-7-9
नई दिल्ली // 15 फरवरी 2026 को कोलंबो के आर.प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ एक ग्रुप मैच नहीं, बल्कि टी20 विश्व कप का सबसे बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है। मैदान के बाहर महीनों तक चले उतार-चढ़ाव के बाद अब दोनों टीमें मैदान पर आमने-सामने होंगी, जहां असली जंग स्पिनरों और धैर्य की होगी।
इतिहास भारत के पक्ष में, लेकिन हालात चुनौतीपूर्ण
टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक 8 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 7 बार जीत दर्ज की है। पाकिस्तान की इकलौती जीत 2021 विश्व कप में आई थी। आंकड़ों में भारत का पलड़ा भारी जरूर है, लेकिन कोलंबो की परिस्थितियां इस मुकाबले को पूरी तरह संतुलित बना सकती हैं।
व्यक्तिगत रिकॉर्ड की बात करें तो विराट कोहली पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप में सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने 6 पारियों में 312 रन बनाए हैं, औसत 156 की—जिसमें चार अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में इरफान पठान, हार्दिक पांड्या और हारिस रऊफ संयुक्त रूप से 6-6 विकेट के साथ शीर्ष पर हैं।
पिच रिपोर्ट: स्पिनरों का खेलकोलंबो की पिच पारंपरिक रूप से धीमी मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में नई गेंद से हल्की स्विंग और उछाल मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, गेंद रुककर आने लगती है। इससे बड़े शॉट लगाना मुश्किल हो जाता है और स्पिनरों की भूमिका निर्णायक बन जाती है।
अब तक इस टूर्नामेंट में खेले गए मुकाबलों में देखा गया है कि पिच समय के साथ और धीमी होती जाती है। ओस का प्रभाव सीमित रहा है, लेकिन मौसम विभाग ने मैच के दिन 50 से 70 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई है, जिससे ओवरों में कटौती की आशंका भी बनी हुई है।
पाकिस्तान की ताकत: रहस्यमयी स्पिन तिकड़ी
पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत उसका मिडिल ओवर्स स्पिन अटैक है। अबरार अहमद अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को चकमा दे सकते हैं। मोहम्मदब नवाज बाएं हाथ के स्पिनर के तौर पर विविधता लाते हैं, जबकि शादाब खान की लेग-ब्रेक और गुगली मैच का रुख बदल सकती है।
इसके अलावा उस्मान तारिक का अनोखा स्लिंग-आर्म एक्शन बल्लेबाजों के लिए शुरुआती ओवरों में मुश्किल खड़ी कर सकता है। भारत के खिलाफ उनका पहला स्पेल काफी अहम साबित हो सकता है।
भारत की रणनीति : संतुलन और अनुभव
भारत ने अब तक टूर्नामेंट में धीमी पिचों पर जीत दर्ज की है, जिससे टीम को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिला है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की आक्रामक सोच के साथ हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडर टीम को संतुलन देते हैं।
पिच की प्रकृति को देखते हुए भारत वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव दोनों को अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह नई गेंद से शुरुआती सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर संशय है। अगर वे उपलब्ध नहीं होते हैं तो संजू सैमसन को मौका मिल सकता है।
टॉस और मौसम की भूमिका
कोलंबो में रात के समय हल्की ओस की संभावना रहती है, जिससे टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकता है। बारिश की आशंका मुकाबले को और रोमांचक बना सकती है, क्योंकि कम ओवरों के मैच में हर गेंद की कीमत बढ़ जाती है।
क्या होगा निर्णायक ?
इस मुकाबले की असली कुंजी मिडिल ओवर्स में छिपी है। जो टीम स्पिन के खिलाफ बेहतर स्ट्राइक रोटेशन और जोखिम का संतुलन बनाए रखेगी, वही बढ़त हासिल करेगी। भारत का अनुभव और रिकॉर्ड उसके पक्ष में है, लेकिन पाकिस्तान की स्पिन तिकड़ी और संतुलित आक्रमण मुकाबले को 50-50 बना देता है।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भावनाओं और इतिहास की टक्कर है।
15 फरवरी की शाम को कोलंबो में जो भी टीम दबाव को बेहतर संभालेगी, वही इस महामुकाबले की असली विजेता बनेगी।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11
भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान),अभिषेक शर्मा / संजू सैमसन, ईशान किशन (विकेटकीपर),तिलक वर्मारिंकू सिंह / शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर / कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह।
पाकिस्तान : सलमान अली आगा (कप्तान), सैम अयूबसाहिबजादा फरहान,(विकेटकीपर), बाबर आजमउस्मान खान, शादाब खान, मोहम्मद नवाज शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह, उस्मान तारिक, अबरार अहमद।
रायसेन // मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में भोजपुर स्थित प्राचीन भोजेश्वर शिव मंदिर अपनी भव्यता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। भोजपुर शिव मंदिर का नाम सुनते ही मन में अपार श्रद्धा का आ जाता है। भोजपुर मंदिर दुनिया में विशाल शिवलिंग वाले मंदिरों में अग्रणी है। भक्तों की आस्था के इस केन्द्र में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने का ढंग भी बिल्कुल अनोखा है। शिवलिंग इतना बड़ा है कि उसका अभिषेक धरती पर खड़े होकर नहीं किया जा सकता। अंदर विशालकाय शिवलिंग के कारण इतनी जगह नहीं बचती कि किसी अन्य तरीके से शिवलिंग का पूजन किया जा सके इसलिए हमेशा से ही इस शिवलिंग का अभिषेक और पूजन इसकी जलहरी पर चढ़कर ही किया जाता है।
शिवलिंग की ऊंचाई 18 फीट है जो कि देश के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है।
इस प्रसिद्ध स्थल में वर्ष में दो बार वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है जो मकर संक्रांति व महाशिवरात्रि पर्व के समय होता है। महाशिवरात्रि पर यहां तीन दिवसीय भोजपुर महोत्सव का भी आयोजन होता है। इस धार्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए दूर दूर से लोग यहां पहुंचते हैं।
रायसेन जिले में स्थित भोजपुर मंदिर देश के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। एक पहाड़ी पर बना हुआ यह शिव मंदिर भोजपुर शिव मंदिर और भोजेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण परमार वंश के राजा भोज ने कराया था। इस मंदिर की विशेषता है कि इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की ऊंचाई 18 फीट है जो कि देश के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है। इस शिवलिंग का निर्माण सिर्फ एक ही पत्थर से किया गया है जिसके कारण यह विश्व का एक मात्र ऐसा शिवलिंग है।
इतिहासकार कहते हैं कि भोजपुर तथा इस शिव मंदिर का निर्माण परमार वंश के प्रसिद्ध राजा भोज प्रथम (1010 ई – 1055 ई) द्वारा कराया गया था। कांक्रीट के जंगलों को पीछे छोड़ प्रकृति की हरी भरी गोद में, बेतवा नदी के किनारे बना उच्च कोटि की वास्तुकला का यह नमूना राजा भोज के वास्तुविदों के सहयोग से तैयार हुआ था। इस मंदिर की विशेषता इसका विशाल शिवलिंग हैं जो कि विश्व का एक ही पत्थर से निर्मित सबसे बड़ा शिवलिंग हैं।
इस मंदिर को बड़े बड़े पत्थरों से स्वयं भीम ने तैयार किया था…
सम्पूर्ण शिवलिंग कि लम्बाई 5.5 मीटर (18 फीट ), व्यास 2.3 मीटर (7.5 फीट ) तथा केवल शिवलिंग की लम्बाई 3.85 मीटर (12 फीट) है।पाण्डवों द्वारा निर्माण किए जाने की है मान्यताइस मंदिर को पांडवकालीन भी माना जाता है। कहा जाता है कि पांडवों के अज्ञातवास के दौरान वे भोपाल के नजदीक भीमबेटका में भी कुछ समय के लिए निवासरत थे। इसी समय में उन्होंने माता कुन्ती की पूजा के लिए एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण किया था। इस मंदिर को बड़े बड़े पत्थरों से स्वयं भीम ने तैयार किया था, ताकि पास ही बहने वाली बेतवा नही में स्नान के बाद माता कुन्ती भगवान शिव की उपासना कर सकें।
पूरे विश्व में कहीं भी अवयवों को संरचना के ऊपर तक पहुंचाने के लिए ऐसी प्राचीन भव्य निर्माण तकनीक उपलब्ध नहीं
कहा जाता है कि कालान्तर में यही विशाल शिवलिंग वाला मन्दिर बाद में राजा भोज के समय विकसित होकर भोजेश्वर महादेव मंदिर कहलाया। भोजेश्वर मंदिर के पीछे के भाग में बना ढलान है, जिसका उपयोग निर्माणाधीन मंदिर के समय विशाल पत्थरों को ढोने के लिए किया गया था। पूरे विश्व में कहीं भी अवयवों को संरचना के ऊपर तक पहुंचाने के लिए ऐसी प्राचीन भव्य निर्माण तकनीक उपलब्ध नहीं है। ये एक प्रमाण के तौर पर है, जिससे ये रहस्य खुल जाता है कि आखिर कैसे कई टन भार वाले विशाल पत्थरों का मंदिर के शीर्ष तक पहुचाया गया।
मंदिर की विशेषता इसके 40 फीट ऊंचाई वाले इसके चार स्तम्भ भी हैं
इतिहासकारों एवं पुरातत्विदों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण भारत में इस्लाम के आगमन के पहले हुआ था अतः इस मंदिर के गर्भगृह के ऊपर बनी अधूरी गुम्बदाकार छत भारत में ही गुम्बद निर्माण के प्रचलन को प्रमाणित करती है। भले ही उनके निर्माण की तकनीक भिन्न हो। कुछ विद्वान इसे भारत में सबसे पहले गुम्बदीय छत वाली इमारत भी मानते हैं। इस मंदिर का दरवाजा भी किसी हिंदू इमारत के दरवाजों में सबसे बड़ा है। इस मंदिर की विशेषता इसके 40 फीट ऊंचाई वाले इसके चार स्तम्भ भी हैं। इसके अतिरिक्त भूविन्यास, सतम्भ, शिखर, कलश और चट्टानों की सतह पर आशुलेख की तरह उत्कीर्ण नहीं किए हुए हैं। भोजेश्वर मंदिर के विस्तृत चबूतरे पर ही मंदिर के अन्य हिस्सों, मंडप, महामंडप तथा अंतराल बनाने की योजना थी। ऐसा मंदिर के निकट के पत्थरों पर बने मंदिर- योजना से संबद्ध नक्शों से पता चलता है। हि.स.
देवघर // विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर लाखों लाख श्रद्धालु की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह चार बजे बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती मंदिर का पट खुलने के बाद से श्रद्धालु लगातार बाबा पर जलाभिषेक कर रहे हैं। कतारबद्ध होकर श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ की जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं और बाबा पर जलाभिषेक कर रहे हैं। देवघर जिला प्रशासन और मंदिर प्रशाशन की और से सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। मंदिर परिसर से लेकर पूरे रूट लाइन में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। महाशिवरात्रि को लेकर तीर्थ पुरोहित ने बताया कि आज के दिन बाबा की चारपहर की विशेष पूजा होती है और रात्रि में बाबा की शादी होती है। आज के दिन जो भी भक्त बाबा से जो मनोकामना करते हैं वह पूरी होती है।
देवघर // शिव उपासना के महापर्व महाशिवरात्रि पर आज सारे देश के मंदिरों खासतौर पर शिवालयों, मां गंगा- यमुना और अन्य पावन नदियों, सरोवरों के तटों पर ब्रह्म मुहूर्त लगते ही हर-हर गंगे और ॐ नमः शिवाय की गूंज होने लगी। वाराणसी और उज्जैन के साथ भगवान राम की नगरी शिवमय हो गई है।
मध्य प्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर, उत्तर प्रदेश के वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए लोगों की कतार लगी हुई है। लोग जलाभिषेक कर ॐ नमः शिवाय का उद्घोष कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदनी चौक के गौरीशंकर मंदिर और छतरपुर के श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना के लिए सैलाब उमड़ पड़ा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बाबुलनाथ मंदिर में भी ऐसा ही दृश्य है।
ओडिशा में तो कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी के समुद्र तट पर 17,000 रुद्राक्ष से शिवलिंग की कलाकृति तैयार कर महाशिवरात्रि को रेत में जीवंत कर दिया है। अयोध्या में आज राम की पैड़ी में स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर से भव्य शिव बरात निकलेगी। बरात में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। बैंड-बाजा, रथ, भगवान के स्वरूप आकर्षण बढ़ाएंगे। इस बरात का क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर स्वागत किया जाएगा। रात में भगवान भोलेनाथ का धूमधाम से विवाह होगा। शनिवार को यहां पारंपरिक विधि-विधान के साथ भोले बाबा को हल्दी अर्पित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच विवाह के लोकाचार पूरे किए गए। प्रशासन के अनुसार पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें।
देवघर // महाशिवरात्रि पर्व एवं ऐतिहासिक शिव बारात को लेकर देवघर पुलिस ने सुरक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ ने वरीय पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई और सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर गहन समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए हर स्तर पर चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि और शिव बारात के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के देवघर आने की संभावना है, जिसे देखते हुए हमें किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना होगा।
ब्रीफिंग के दौरान एसपी ने सुरक्षा के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला
ट्रैफिक व्यवस्था: श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए शहर में एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान के तहत कार्य करें । पार्किंग स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है और वैकल्पिक मार्गों के बारे में जनता को पहले से जागरूक किया जा चूका है ।·
भीड़ प्रबंधन: मंदिर परिसर और शिव बारात के मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में बैरिकेड्स लगाए गए है । भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी।·
ड्रोन निगरानी: पूरे शहर और विशेष रूप से बारात मार्ग पर हवाई निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी।·
पुलिस बल की तैनाती: जिला पुलिस के अलावा रैफ और होमगार्ड के जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाएगा। महिला पुलिस की विशेष टीम महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मौजूद रहेगी।·
संवेदनशील स्थान: मंदिर के मुख्य गर्भगृह, सिंहद्वार और बारात के मुख्य आकर्षण वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए।·
समन्वय: सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति, अग्निशमन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया।पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा, हमारी प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उन्हें एक सुव्यवस्थित एवं भव्य धार्मिक अनुभव प्रदान करना है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए हमें पूरी सतर्कता और मुस्तैदी से काम करना होगा। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सभी श्रद्धालु बाबा के दरबार से शांति और आशीर्वाद लेकर लौटें।आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रद्धालु यातायात के नियमों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी अप्रिय स्थिति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस कर्मी या कंट्रोल रूम को दें। सुरक्षा की दृष्टि से आपत्तिजनक वस्तुओं को ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रयागराज // उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित जार्जटाउन थाने की पुलिस टीम ने बराहवीं के छात्र की मौत मामले में शनिवार को मृतक के पिता की तहरीर पर एक छात्रा समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह जानकारी सहायक पुलिस आयुक्त कर्नलगंज राजीव यादव ने दी। उन्होंने बताया कि जार्जटाउन के फतेहपुर बिछुआ मोहल्ला निवासी विनोद कुमार गिरि के 16 वर्षीय बेटे आशुतोष प्रताप गिरि का शव शनिवार को कमरे में फंदे से लटका पाया गया।
मृतक के पिता ने लिखित तहरीर दिया है। जिसमें आरोप लगाया कि मेरा बेटा बारहवीं कक्षा में पढ़ाई के साथ एनडीए की तैयारी करने के लिए कोचिंग में पढ़ने जाता था। जहां उसका सम्पर्क उसी कोचिंग में पढ़ने वाली एक छात्रा से हो गया और प्यार करने लगी, लेकिन बाद में वह दूसरे युवक अच्छत से जुड़ गई और मेरे बेटे को तरह-तरह से ब्लैक मेल करने के साथ परेशान करने लगी। उन्हें आशंका है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। इसके पीछे उस युवती और पांच युवकों का हाथ है। युवती ने मरने से पहले मेरे बेटे को मरने के लिए मोबाइल से मैसेज किया है। इस संबंध में एक युवती एवं पांच युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में लिया गया है।
रांची // झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने संगठनात्मक विस्तार और जनसंपर्क अभियान के तहत शनिवार को सिल्ली के सिंहपुर चौक में प्रखंड स्तरीय कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने फीता काटकर कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नया कार्यालय क्षेत्र की जनता के लिए जनसुनवाई, समस्याओं के त्वरित समाधान और संगठन की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि जेएलकेएम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की आवाज को मजबूत करना, स्थानीय समस्याओं को उठाना और सामाजिक न्याय तथा जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करना है। साथ ही उन्होंने संगठन के मार्गदर्शक टाइगर जयराम महतो की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत बंता मोड़ से भव्य बाइक रैली के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली के दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। इसके बाद पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और नए कार्यालय का औपचारिक शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर पार्वती कुमारी, कृष्णा महतो, महावीर साहू, जाकिर खान, नरेश महतो, प्रकाश महतो, गदाधर महतो, रेखा कुमारी, खुदिराम महतो, गुहीराम स्वांसी, सरस्वती देवी, संजीव महतो, निवारन महतो, राज किशोर महतो, कार्तिक महतो सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
नई दिल्ली // केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘पीएम राहत’ (रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना की शुरुआत की है।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपना कार्यालय सेवा तीर्थ में स्थानांतरित होने के बाद अपने पहले ही फैसले में पीएम राहत योजना से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किए। यह फैसला सरकार के इस वादे को दिखाता है कि सड़क दुर्घटना के बाद तुरंत मेडिकल मदद न मिलने से किसी की जान न जाए।
सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा
मंत्रालय के अनुसार, देश में हर वर्ष बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाओं में मौतें होती हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत मामलों में यदि पीड़ित को दुर्घटना के पहले ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो जान बचाई जा सकती है। योजना के तहत किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पात्र पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे तथा गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की सुविधा दी जाएगी, जिसके लिए एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पुलिस प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।योजना को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) 112 हेल्पलाइन से जोड़ा गया है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट को टीएमएस 2.0 से जोड़ा जाएगा
दुर्घटना पीड़ित, ‘राह-वीर’ (गुड समैरिटन) या घटनास्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 पर कॉल कर निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी प्राप्त कर सकता है और एंबुलेंस सहायता का अनुरोध कर सकता है। इससे पुलिस, आपातकालीन सेवाओं और अस्पतालों के बीच त्वरित समन्वय सुनिश्चित होगा। यह योजना तकनीक आधारित ढांचे के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ईडीएआआर) प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस 2.0) से जोड़ा गया है। इससे दुर्घटना की रिपोर्टिंग से लेकर अस्पताल में भर्ती, उपचार, दावा निपटान और भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित होगी।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा।
अस्पतालों को भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (एमवीएएफ) से किया जाएगा। बीमित वाहन के मामलों में सामान्य बीमा कंपनियों के योगदान से राशि दी जाएगी, जबकि बिना बीमा या हिट एंड रन मामलों में केंद्र सरकार के बजटीय प्रावधान से भुगतान होगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा। जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा नामित शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर/जिलाधिकारी/उपायुक्त करेंगे। सरकार ने कहा कि ‘पीएम राहत’ योजना यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को आर्थिक कारणों से जीवन रक्षक उपचार से वंचित न होना पड़े और देश की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिले।
रांची // झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में बढ़ते जंगली हाथियों के हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों को हर हाल में इन घटनाओं पर रोक लगाने और आम जनमानस की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हाथियों के हमले से एक भी व्यक्ति की मृत्यु न हो, यह वन विभाग सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री शनिवार को रांची स्थित कांके रोड के मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में हाथियों द्वारा लगातार जान-माल की क्षति हो रही है, वहां तत्काल प्रभाव से प्रभावी सुरक्षा और बचाव उपाय किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला और दुमका सहित कई जिलों में पिछले कुछ महीनों में हाथियों के हमलों से लगभग 27 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर स्थिति बताते हुए मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर “एलीफेंट रेस्क्यू टीम” का गठन किया जाए। साथ ही ग्रामीणों को हाथियों को भगाने के लिए डीजल, किरासन तेल, पुराने टायर, टॉर्च और सोलर सायरन जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाने और वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि हाथियों या अन्य वन्य जीवों के हमले से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 12 दिनों के भीतर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुआवजा देने में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और मुआवजा नियमों में आवश्यक संशोधन कर राहत प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने राज्य के सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग कराने और पिछले पांच वर्षों में हुई मौतों तथा मुआवजा वितरण का पूरा डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष से प्रभावित लोगों को न्यायसंगत और त्वरित सहायता देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि हाथी रेस्क्यू के लिए जल्द ही एक प्रभावी क्विक रिस्पांस मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा। इसके लिए छह कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से हाथियों की ट्रैकिंग और नियंत्रण में सहायता मिलेगी। साथ ही एलीफेंट रेस्क्यू विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि हजारीबाग क्षेत्र में पांच आक्रामक हाथियों का झुंड सक्रिय है, जिसे नियंत्रित करने के लिए 70 सदस्यीय टीम तैनात की गई है। वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी, पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्डलाइफ) एसआर नाटेश, आरसीएफ हजारीबाग आरएन मिश्रा, आरसीएफ बोकारो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।