रांची // झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को लेकर नामांकन और स्कूटनी की प्रक्रिया समाप्त हो गई। पहले दिन 70 प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया वही दूसरे दिन 30 प्रत्याशी ने अपना नामांकन फॉर्म भरा कुल 100 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। और तय नियमों के अनुसार नॉमिनेशन फॉर्म की जांच के बाद, झारखंड स्टेट बार काउंसिल के 2026-31 के समय के लिए चुनाव के लिए सही चुने गए उम्मीदवारों की लिस्ट को झारखंड स्टेट बार काउंसिल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। जांच के बाद कुल 100 प्रत्याशी का नाम सही पाया गया। इसकी जानकारी बार काउंसिल के ऑफिशियल वेबसाइट पर साझा की गई।
7 साल बाद हो रहा है चुनाव
आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च तक चुनाव कराने का निर्देश दिया। बार काउंसिल के कुल 25 पदों पर चुनाव होना है। पहली बार महिला अधिवक्ता के लिए सात सीटें रिजर्व की गई हैं। इसमें पांच सदस्य चुनाव से निर्वाचित किए जाएंगे और दो महिला सदस्यों का चयन मनोनयन से होगा। कुल 23 सदस्यों का वोट के माध्यम से चुनाव होगा जिसमें 18 पुरुष और 5 महिला सदस्यों शामिल हैं। 12 मार्च की सुबह 11.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक मतदान होगा। 25 सदस्यों का चुनाव राज्य के 25001 वोटर अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर करेंगे। अंतिम सूची 18 फरवरी को जारी की जाएगी।
देहरादून // उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एसएससी मल्टी टास्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ एवं हवलदार भर्ती परीक्षा-2025 में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
शनिवार को देहरादून के सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में साइबर/एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि 13 फरवरी को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित एसएससी परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर ठगी एवं आधुनिक तकनीक के माध्यम से नकल कराने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
जांच के दौरान देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन, एम.के.पी. इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में एक संदिग्ध सेटअप का खुलासा हुआ। परीक्षा लैब के समीप बने कक्ष में एक गुप्त चैंबर (गड्ढा) तैयार कर उसे ऊपर से ढक दिया गया था, जो बाहर से देखने पर सेफ्टी टैंक जैसा प्रतीत होता था। उक्त स्थान से दो लैपटॉप और राउटर के माध्यम से रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर (रियलवीएनसी/वीएम) का उपयोग कर परीक्षा प्रश्नपत्रों को हल कराया जा रहा था। उन्होंने बताया कि एसटीएफ टीम ने तकनीकी एवं फॉरेंसिक उपकरणों की सहायता से पूरे सिस्टम को कब्जे में लेकर सील कर दिया तथा मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
दो डेल लैपटॉप, एक इथरनेट कनेक्टर एडेप्टर, दो कैट-06 केबल बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नीतिश कुमार पुत्र चन्द्रभान गौड़, मूल निवासी भाटपार रानी, देवरिया (उ.प्र.), हाल निवासी नागलोई, दिल्ली तथा भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चन्द्र नैथानी, निवासी नथुवावाला, देहरादून के रूप में हुई है। पूछताछ में अभ्यर्थियों से परीक्षा में पास कराने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये तक की मांग किए जाने का खुलासा हुआ है। मौके से दो डेल लैपटॉप, एक इथरनेट कनेक्टर एडेप्टर, दो कैट-06 केबल, एक डीजिसोल राउटर (चार्जर सहित), एक पीएनटी केबल कनेक्टिंग बॉक्स तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस संबंध में कोतवाली देहरादून में मुकदमा अपराध संख्या 58/2026 दर्ज किया गया है। अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
पश्चिमी सिंहभूम // जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में हुए 27 वर्षीय युवक की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 12 फरवरी 2026 की है, जब महुलडीया गांव के उलीहातु टोला में एक युवक का शव बरामद हुआ था। मृतक की पहचान टोन्टो थाना निवासी जोगना हेम्ब्रम (27 ) के रूप में हुई। थी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
मृतक के भाई प्रधान हेम्ब्रम के लिखित आवेदन के आधार पर जगन्नाथपुर थाना में 13 फरवरी को मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी में बड़ा महुलडीया निवासी सुरेश सिंकु (20 ) को नामजद आरोपित बनाया गया और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राफेल मुर्मु के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी शाखा की सहायता से साक्ष्य जुटाए गए और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। लगातार दबिश के बाद 13 फरवरी 2026 को पुलिस ने आरोपपित सुरेश सिंकु को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपित से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिससे हत्या के कारणों और घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ सकी हैं। फिलहाल आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पश्चिमी सिंहभूम // जिले में नगर निकाय चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता के बीच चाईबासा नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषनी मुर्मू को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने उन पर चुनावी माहौल को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
इस संबंध में शनिवार को चाईबासा के खिरवाल धर्मशाला में भाजपा की ओर से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता का नेतृत्व जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक गोवर्धन नायक, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश पुरी, जिला महामंत्री प्रताप कटिहार और जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र नाथ ओझा भी मौजूद रहे। नेताओं ने बताया कि पूरे मामले को लेकर रांची स्थित राज्य निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत भेजी गई है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर की जाने वाली किसी भी कार्रवाई को सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए। आरोप लगाया गया कि नगर परिषद की ओर से चाईबासा बाजार क्षेत्र में फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों को हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। भाजपा का दावा है कि कुछ दुकानदारों को यह कहा गया कि यदि वे अपनी दुकान बचाना चाहते हैं तो उन्हें सरकार के मंत्री से संपर्क करना होगा, अन्यथा उनकी दुकान हटा दी जाएगी।
पार्टी नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से रोजाना फुटपाथ पर दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले लोग भय के माहौल में हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से इस प्रकार की सख्ती जारी रहती है तो चुनावी वातावरण की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। शिकायत पत्र में यह आशंका भी जताई गई है कि कहीं यह कदम किसी खास उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने की मंशा से तो नहीं उठाया जा रहा है।
भाजपा ने मांग की है कि संतोषनी मुर्मू को तत्काल चुनाव संबंधी दायित्वों से अलग किया जाए, ताकि नगर निकाय चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके। वहीं, इस पूरे मामले पर नगर परिषद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
देवघर // पुलिस गिरफ्तार ने जिला के सोनारायठाढी और पथरौल थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दो आरोपी को किया गिरफ्तार। पुलिस के अनुसार ये दोनों निम्न प्रकार से लोगों का ठगी का शिकार बनाता था। जिसमें से प्रमुख है।
गूगल पर अपना फर्जी मोबाईल नम्बर कस्टमर केयर के नाम से अपलोड कर साईबर ठगी करना
फर्जी Phonpe/Paytm Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर Phonpe Gift Card Create करवाकर उसे Redeem कर ठगी करना
फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank Card बंद कर उपभोक्ताओं को झांसा देकर तथा आम सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता
1. शिवम कुमार राणा उम्र करीब 20 वर्ष पिता तीतु राणा सा० कुरमीह थाना पाथरौल एवं
2. डिल्लु तुरी उम्र करीब 27 वर्ष पिता स्व० लक्ष्मण तुरी सा० भितीया नवाडीह थाना पाथरौल दोनो जिला देवघर ।
गिरफ्तार व्यक्ति के पास से दो मोबाइल और दो सिम कार्ड को बरामद किया है।
देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में शिव बारात का आयोजन पिछले 30 सालों से होता आ रहा है।
शिव बारात की शुरुआत 1994 से हुई थी और लगातार वर्ष 2024 तक चली
पहली बार आरमित्रा उच्च विद्यालय के परिसर से शिव बारात निकाली गई, जिसमें समिति द्वारा लगभग 12,074 रुपए का खर्च किया था।
पहले इसका आयोजक शिवरात्रि महोत्सव समिति हुआ करता था। लेकिन वर्ष 2024 के बाद से शिव बारात का आयोजन झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के द्वारा किया जाने लगा।
बाबा बैद्यनाथ के शिवबारात में दिखेगी 12 ज्यार्तिलिंग की झलक
महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य शिवबारात के दौरान ड्रोन शो का होगा
शिवबारात में दिखेगा ‘साइबर दैत्य’ का रूप
शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों और शिवबारात रुटलाइन में रंग-बिरंगे विद्युत साज-सज्जा से आकर्षक बनाया गया है
देवघर // महाशिवरात्रि के अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा निकाली जा रही भव्य शिवबारात को और भी अलौकिक बनाने का प्रयास किया गया है। साथ ही बाबा की शिवबारात में 12 ज्योतिर्लिंग का प्रारूप झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। इसमें सभी ज्योतिर्लिंग में मौजूद पुरोहित इसकी पूजा करते हुए नजर आएंगे। इसके अलावे साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से साइबर दैत्य भी बारात में शामिल होगा। साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप में शानदार सफलता भी झांकी के माध्यम से दर्शाया जाएगा। वही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, ‘कलयुग थीम’, ‘कल्कि अवतार’ और देवी-देवताओं, भूत-प्रेतों, साधु-संतों और राक्षसों के स्वरूप में बाराती शामिल होंगे। इसके अलावा शिवबारात में हाथी, घोड़ा, भूत, बेताल, नंदी, भृंगी, डाकिन, साधु-संन्यासी, राक्षस, चुड़ैल, पिचास, ढोल बाजा बैंड भांगड़ा सहित अन्य बाराती शामिल होंगे।
इसके अलावा शिव बारात में शामिल होने वाले लोगों को कई नये और अनोखे शो देखने को मिलेंगे। शिव बारात को आकर्षक बनाने के लिए शहर में शिव धुन बजने लगे हैं। इसके लिए लगभग सभी जगहों पर लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। साथ ही शिव बारात में लोग ड्रोन शो भी देख सकेंगे। टावर चौक में संध्या 08:30 बजे से करीब 20 से 25 मिनट का ड्रोन शो होगा। टावर चौक पर लेजर शो के माध्यम से 20 से 25 मिनट तक बारातियों को शिव की महिमा और शिव की कथा और महाशिवरात्रि से जुड़े प्रसंगों के बारे में बताया जायेगा। साथ ही शिवबारात को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों को रंग-बिरंगी स्पाइरल लाइटों से सजाया गया है। वही शिव बारत के सभी रुट लाइन पथ को आकर्षक रंग-बिरंगे विद्युत साज-सज्जा से आकर्षक बनाया गया है।
धमतरी // छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र में खपरी-धमतरी बायपास पर शनिवार तड़के बस्तर से लौट रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के चार जवानों की एक ट्रक और कार की जोरदार टक्कर में मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार जवान बुरी तरह फंस गए थे ।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जगदलपुर बटालियन से आ रही एक डिजायर कार खपरी बायपास के पास सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही दो जवानों ने दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल दो अन्य जवानों ने अस्पताल पहुंचने के बाद अंतिम सांस ली। हादसे में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही वरदान परमार्थ एम्बुलेंस सेवा संस्था के शिवा प्रधान, डुमन साहू और हेमंत प्रधान तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे जवानों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक मृत जवानों के नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।
0-4608×2602-0-0#
दुर्घटना की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में सेना के जवानों और अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। जिले के कलेक्टर अविनाश मिश्रा, महापौर रामू रोहरा सहित कई जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पूरे अस्पताल परिसर में शोक और गम का माहौल देखा गया।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से सामने ला दिया है।
बांग्लादेश // में चुनाव नतीजों से साफ हो गया कि वहां बीएनपी की सरकार होगी और तारिक रहमान देश के नये प्रधानमंत्री होंगे। किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यह सहज ही है कि आंतरिक और बाह्य राजनीतिक ताकतें चुनाव परिणाम को सकारात्मक ढंग से लें। बांग्लादेश के लिए भी यह परंपरा मान्य होनी चाहिए, हालांकि इसको लेकर कुछ संशय चुनाव के साथ ही शुरू हो चुके हैं। इसे समझने के लिए दो बिंदुओं पर विचार करना होगा। पहला यह कि चुनाव प्रक्रिया पर देश के अंदर से ही सवाल उठाये गये हैं। दूसरा बिंदु पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भारत में आश्रय लेना है। यह स्थिति सामान्य नहीं कही जा सकती कि पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी बांग्लादेश में बैन कर दी गई। फिर जिन्होंने चुनाव में हिस्सा लिया, वे ही निर्वाचन प्रक्रिया से ही संतुष्ट नहीं हैं। भारत के लिए तो यह निर्वाचन इसलिए मायने रखता है कि प्रधानमंत्री के रूप में जो नेता उसके अनुकूल रहीं, उन्हें बांग्लादेश से निर्वासित होकर आना पड़ा। बात इतनी ही होती तो चिंता न होती। उन्हें शरण देने के पहले से ही बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल रहा है।
फिलहाल तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत पर पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी। उन्होंने इसे रहमान के नेतृत्व पर बांग्लादेश की जनता का भरोसा बताया। मोदी ने खुद भरोसा दिया कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। उन्होंने दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तारिक रहमान के साथ काम करने के लिए उत्सुकता जताई।
स्वाभाविक कि एक बड़े लोकतांत्रिक देश और पड़ोसी होने के नाते भारत यह रुख अपनाये। इसके विपरीत हाल के घटनाक्रम आगे की राह आसान नहीं होने के ही संकेत देते हैं। भारत के राजनयिक पड़ोस में हो रहे चुनाव के दौरान जमात-ए-इस्लामी के प्रदर्शन पर नजर रखे हुए थे। भारत का मानना रहा है कि बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रभाव में रहती है। जमात इस चुनाव में अपने को सत्ता हासिल करने के करीब मानकर चल रहा था। उसने 11 दलों के साथ गठबंधन बनाया था। स्वाभाविक है कि ये छोटे दल हैं और पूरी तरह से जमात की ही पकड़ में रहे हैं। जमात ने चुनाव प्रचार के दौरान अपने भारत विरोधी रुख को छिपाया भी नहीं। अब हार के बाद उसकी हताशा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल के रूप में सामने आई है। यहीं नहीं, साल 2024 में शेख हसीना को सत्ता से हटाने के लिए आंदोलन करने वाली नेशनल सिटीजन्स पार्टी ने भी चुनाव नतीजों में हेरफेर के आरोप लगाये हैं।
सच है कि बांग्लादेश में अति कट्टरपंथियों की हार खुद अपने लोगों और भारत के अनुकूल है। जिस तरह के हालात से बांग्लादेश गुजरा है, नई सरकार को स्थिति सामान्य करने में समय लगेगा। शेख हसीना के देश से बाहर आ जाने के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बना माहौल भारत के खिलाफ ही रहा। हालात यह हो चले थे कि हिन्दू नागरिकों की लींचिंग के दौरान हत्या तक हुई। यह वही क्षेत्र है, पूर्वी पाकिस्तान के रूप में जहां लोकतांत्रिक आंदोलन को भारत ने न सिर्फ समर्थन दिया बल्कि बांग्लादेश के उदय में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। बांग्लादेश के नायक शेख मुजीब की हत्या के बाद से भारत को अपने इस पड़ोसी के साथ रिश्तों को लेकर सजग रहना पड़ा है। सुरक्षा सहयोग, विदेश नीति और आर्थिक साझेदारी के बूते भारत ने इसे सम्भाले रखा।
यह भी देखना होगा कि जिस पाकिस्तान से निकल कर बांग्लादेश अस्तित्व में आया, शेख हसीना के दौर में वहां पाकिस्तान की दाल नहीं गली। पाकिस्तान अब बांग्लादेश में भारत विरोधी रुख बने रहने की उम्मीद ही नहीं, कोशिश भी करेगा। शेख हसीना के हटने के बाद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में उसे अपने मकसद में कामयाबी मिलती दिखी। यूनुस पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में तेजी से चल रहे थे।
देखना होगा कि अब जबकि बीएनपी सत्ता में होगी, चीन के साथ ही पाकिस्तान के साथ वह अपने रिश्ते कैसा रखती है। भारत ने तो शेख हसीना को शरण देने के साथ बीएनपी से भी रिश्ते सुधारने की कोशिश की है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बीमार होने पर चिंता जताना और उनके निधन के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर का उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने को खास माना जा सकता है। खुद खालिदा जिया के शासनकाल में भारत का उनके देश के साथ रिश्ते को बहुत अच्छा नहीं, तो खराब भी नहीं कह सकते। तारिक रहमान उन्हीं के बेटे हैं, युवा हैं, अभी पिछले साल के अंत में ही लंबे समय बाद स्वतः निर्वासन की स्थिति से लौटे हैं। उम्मीद की जाती है कि वे भारत से अपने देश के रिश्तों को बदलती दुनिया के हिसाब से देखेंगे। हमेशा की तरह भारत तो बेहतर रिश्ते ही चाहेगा। डॉ. प्रभात ओझा हि.स.
इंफाल // हिंसा प्रभावित मणिपुर पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार करने के साथ हथियार एवं गोला-बारूद बरामद किया गया है। वहीं, दूसरी ओर चोरी के वाहन को बरामद करने के साथ ही राज्य में वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने लिए भी पुलिस अभियान चला रही है।
मणिपुर पुलिस द्वारा आज दी गयी जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों ने इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट जिलों के अलग-अलग इलाके से केसीपी (अपुनबा) के दो सक्रिय कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। कैडरों की पहचान था। ओडेम जैक्सन सिंह (21) जो थांगमेइबंद हिजाम लेइकाई, इंफाल वेस्ट जिले का रहने वाला है, उसे उसके इलाके से गिरफ्तार किया गया और अंगोम विद्यानंद सिंह (20) जो खुरई थांगजाम लेइकाई, इंफाल ईस्ट जिले का रहने वाला है, उसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से दो मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड जब्त किया गया।
इसी कड़ी में सुरक्षा बलों ने प्रीपाक के एक सक्रिय कैडर, खैदेम टोनी सिंह उर्फ इबुंगो (42) को गिरफ्तार किया है। कैडर विष्णुपुर जिला के केइबुल लामजाओ थानांतर्गत मोइरंग खुनौ माखा लेइकाई का रहने वाला है, को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। जबकि, सुरक्षा बलों ने टेंग्नौपाल जिले के माची थानांतर्गत खुलसाइबुंग पहाड़ी रेंज से हथियार एवं अन्य सामग्री बरामद की। जिसमें एक सिंगल बैरल गन, दो पिस्तौल हर एक में मैगज़ीन के साथ, आठ आईईडी, 41अलग-अलग कैलिबर के एम्युनिशन राउंड और दो बाओफेंग रेडियो बरामद किया गया है।
टेंग्नौपाल जिले के टेंग्नौपाल थानांतर्गत सेनम गांव इलाके से एक चोरी हुई चार पहियों वाली ईको वैन (एमएन-06एलबी-3319) को पुलिस ने बरामद किया है। हालांकि, इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वाहन की चोरी इंफाल ईस्ट ज़िले के जेएनआईएमएस से होने की खबर थी, उसे इंफाल ईस्ट ज़िले के पोरोमपट थाने को सौंप दिया गया है।
वहीं, दूसरी ओर सुरक्षा बल ज़िलों के बाहरी और संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन जारी रखे हुए हैं, जिससे हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। सुरक्षा बल राष्ट्रीय बीते शुक्रवार को राजमार्ग-37 पर ज़रूरी सामान ले जा रही 133 गाड़ियों की आवाजाही पक्की की गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं और गाड़ियों की आज़ादी और सुरक्षित आवाजाही पक्की करने के लिए सेंसिटिव हिस्सों में सिक्योरिटी काफ़िला दिया गया है। हि.स.
पूर्णिया // चुनाव के दौरान कथित रूप से पैसे बांटने के मामले में सांसद पप्पू यादव को पूर्णिया कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस प्रकरण में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई थी।मामला लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन और मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप से जुड़ा बताया जाता है। पुलिस ने आरोपों के आधार पर केस दर्ज किया था, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।पूर्णिया न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अपने तर्क रखे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी।कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा गया। वहीं प्रशासन की ओर से कोर्ट परिसर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मामले में अगली सुनवाई नियत तिथि पर होगी।शाम में सांसद प्रवक्ता राजेश यादव ने जानकारी दी कि जमानत आदेश के बाद सांसद को पटना स्थित फुलवारी शरीफ केंद्रीय कारा से रिहा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रिहाई के बाद सांसद उस परिवार से मिलने जा रहे हैं, जिसकी बिटिया ने कथित रूप से छत से कूदकर अपनी जान दे दी है। राजेश यादव ने कहा कि सांसद पप्पू यादव को मिली यह बेल सच्चाई की जीत है।
पंचशूल उतरने के पश्चात बाबा वैद्यनाथ व माता पार्वती का गठबंधन नही कर सकेंगे श्रद्धालु
देवघर // महाशिवरात्रि, 2026 के अवसर पर परंपरा के मुताबिक बाबा मंदिर के शिखर पर लगे पवित्र पंचशूल को आज उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा व पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ की निगरानी में महाशिवरात्रि से पहले विधिवत उतारा गया। इस दौरान पंचशूल को स्पर्श करने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहीं इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी मंदिर प्रांगण में किया गया था। विदित है कि पंचशुलों को कल एक बार फिर पूजा पाठ कर मंदिरों के शिखर पर लगाया जाएगा और तब जाकर गठबंधन का रिवाज हो सकेगा।
इसके अलावा इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त ने कहा कि महाशिवरात्रि को लेकर बाबा मंदिर, शिवगंगा, मंदिर के आसपास के क्षेत्रों के अलावे शिव बारात रुट लाइन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावे देवघर शहर के साथ महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर की साफ-सफाई, साज-सज्जा और सजावट का काम भी विशेष रूप से किया जायेगा। ज्ञातव्य है कि महाशिवरात्रि के ठीक दो दिन पहले साल में एक बार बाबा मंदिर और पार्वती मंदिर के शीर्ष पर स्थित पंचशूल को विधिवत उतारा जाता है एवं इस अलौकिक क्षण के गवाह बनने हजारों भक्तों की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ती है। पंचशूल उतारने के बाद महाशिवरात्रि से पूर्व कोई भी भक्त गठबंधन नहीं कर सकते हैं। माता पार्वती और महादेव के गुंबदों पर लगे दोनों पंचशुलों को उतारने के बाद पहले आपस में मिलाया जाता है और एक साथ रखा जाता है एवं यह अलौकिक दृश्य व परम्परा सिर्फ बैद्यनाथ धाम मंदिर में ही देखने को मिलता है एवं इस मौके पर हर कोई की इच्छा होती है कि वह एक बार इन पंचशुलों का दर्शन कर लें। इसलिए इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ भी उमड़ती है।
देवघर // उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा व पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ ने सयुंक्त रूप से नीट (NEET) परीक्षा को लेकर बनाए जाने वाले विभिन्न केंद्रों (ए.एस कॉलेज, रमा देवी बाजला महिला कॉलेज, आर.मित्रा+2, देवघर कॉलेज) का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था व परीक्षार्थियों के आवश्यक सुविधाओं को लेकर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। इसके अलावे निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा आयोजन से संबंधित गाइडलाइन का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखें। आगे उन्होंने सभी केंद्रों पर प्रतिभागियों के बैठने के लिए आवश्यक बेंच की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय व समुचित प्रकाश एवं सभी केंद्रों पर टेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा दिव्यांग परीक्षार्थी हेतु व्हील चेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान उपरोक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी व केंद्राधीक्षक उपस्थित थे।
देवघर // प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोशाल किशोर झा के आदेशानुसार आज दिनांक 13.02.2026 को Mediation For Nation 2.O और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत जो कि 14 मार्च 2026। इसके संबंध में व्यवहार न्यायालय देवघर एवं VC के माध्यम से अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय मधुपुर पदाधिकारीगण इस आयोजित बैठक में सम्मिलित थे, उक्त बैठक का आयोजन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवघर द्वारा किया गया, जिसमें लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, आपसी सहमति से समाधान तथा लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन पर विस्तृत चर्चा की गई ।
मुख्यमंत्री ने खेलों में राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि विश्व क्रिकेट में झारखंड के खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने अपने प्रदर्शन से राज्य का परचम लहराया है
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह मौजूद रहे।
लोहरदगा // झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में झारखंड निरंतर आगे बढ़ रहा है और यहां के युवा देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने यह बात शुक्रवार को बीएस कॉलेज मैदान, लोहरदगा में आयोजित बलदेव साहू मेमोरियल टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में कही।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि विश्व क्रिकेट में झारखंड के खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने अपने प्रदर्शन से राज्य का परचम लहराया है। इसके अलावा हॉकी में भी झारखंड का दबदबा रहा है, जिसमें भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सहित कई खिलाड़ी शामिल हैं।हेमंत सोरेन ने कहा कि सिर्फ हॉकी और क्रिकेट ही नहीं, बल्कि तीरंदाजी, फुटबॉल, लॉनबॉल जैसे अन्य खेलों में भी राज्य के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर खेल नीति बनाई गई है। उनका मानना है कि झारखंड को भविष्य में “खिलाड़ियों के राज्य” के रूप में भी जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बीएस कॉलेज मैदान के विकास में राज्य सरकार और पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम आने वाले समय में खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की।इस अवसर पर राज्य के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पाण्डेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक रामचंद्र सिंह, भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, राजेश कच्छप सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
जमशेदपुर// देहरादून। जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की देहरादून के एक मॉल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। चंद सेकेंड में हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। विक्रम शर्मा, दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह का खास गुर्गा माना जाता था और अपराध की दुनिया में उसका बड़ा नाम था।
सूत्रों के अनुसार, विक्रम शर्मा के कई चेले हाल के दिनों में एक न्यूज चैनल और न्यूज वेबसाइट की आड़ में रंगदारी वसूली का काम कर रहे थे। बताया जाता है कि उक्त चैनल का नामकरण भी विक्रम शर्मा के जन्मदिन की तारीख से जोड़कर किया गया था, ताकि समाज में उसकी और उसके गिरोह की साफ-सुथरी छवि बनाई जा सके।पुलिस तक बनाई थी पहुंचविक्रम शर्मा अपनी टीम के माध्यम से पुलिस तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा था। उसे 19 अप्रैल 2017 को देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे हवाई जहाज से रांची लाया गया और फिर बिष्टुपुर थाना होते हुए जेल भेजा गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विक्रम शर्मा के खिलाफ 50 से अधिक हत्या के मामले दर्ज था
जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपने धंधे को दोबारा फैलाना शुरू कर दिया था। वह देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र में रह रहा था और काशीपुर में स्टोन क्रशर का कारोबार करता था। इसके अलावा ‘विक्रम उद्योग’ नाम से एक कंपनी भी चला रहा था। 50 से अधिक हत्या के मामले दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विक्रम शर्मा के खिलाफ 50 से अधिक हत्या के मामले दर्ज था। सूत्र बताते हैं कि उसने करीब एक हजार करोड़ रुपये का बड़ा आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मॉल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इस हत्या के साथ ही अपराध की दुनिया के एक बड़े नाम का अंत हो गया है, लेकिन इस वारदात ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं कि इतने बड़े अपराधी की सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई।