झारखंड की आवाज

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एक्सएलआरआई को पाकिस्तान एयरबेस से बम से हमला करने की धमकी

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पूर्वी सिंहभूम // जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को शहर में हड़कंप मच गया। यह धमकी संस्थान को एक अज्ञात ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी। ई-मेल मिलते ही संस्थान प्रबंधन में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

संस्थान के प्रमुख ने दी सूचना पुलिस आई हरकत में

संस्थान के प्रमुख ने इस संबंध में तत्काल वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष कुमार पांडेय से संपर्क कर धमकी भरे ई-मेल की जानकारी दी। सूचना मिलते ही एसएसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दूबे को पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने संस्थान के पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे कैंपस की तलाशी ली

एहतियात के तौर पर संस्थान परिसर को खाली कराया गया। क्लासरूम, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों से छात्रों और कर्मचारियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे कैंपस की सघन तलाशी ली गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।इस मामले में पुलिस की साइबर सेल भी सक्रिय हो गई है और धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) कुमार शिवाशीष ने बताया कि ई-मेल में पाकिस्तान के एक एयरबेस से बम से हमला करने की बात लिखी गई है।

प्रारंभिक जांच में यह शरारत या मजाक के तौर पर भेजा गया संदेश प्रतीत हो रहा है, फिर भी पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।सिटी एसपी ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और जांच पूरी होने तक संस्थान परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

झारखंड के तीन विश्वविद्यालयों में नये कुलपति नियुक्त

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राँची // झारखंड के तीन विश्वविद्यालयों में नये कुलपतियों की नियुक्ति की गई है। इस संबंध में मंगलवार को राजभवन की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई। जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रोफेसर राजीव मनोहर को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची का कुलपति नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

तीनों कुलपति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष की….

इसी तरह डॉ.एला कुमार को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया है। वह फिलहाल इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन (आईजीडीटीयूडब्ल्यू), दिल्ली में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं अभय कुमार सिंह को झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (जेएसओयू), रांची का कुलपति नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर (बिहार) में प्रोफेसर एवं डीन के पद पर कार्यरत हैं।

अधिसूचना के अनुसार, तीनों कुलपति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष की अवधि तक या कुलाधिपति की इच्छा के अनुसार अपने पद पर कार्य करेंगे। साथ ही इन नियुक्तियों के लिए उम्मीदवारों के मूल संस्थानों से सतर्कता (विजिलेंस) क्लीयरेंस प्राप्त होना अनिवार्य होगा।

परिवार से बिछड़ने के बाद 12 साल बाद मिला राजा, केरल से लौटा वापस

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पश्चिमी सिंहभूम // चाईबासा के एसपी अमित रेणु के निर्देश पर लगभग 12 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े एक बालक को उसके परिजनों से मिलाने में पुलिस को कामयाबी मिली है। इस पहल की पूरे जिले में सराहना की जा रही है।

केरल की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अहम भूमिका

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले का एक बालक कई वर्ष पहले घर से भटककर केरल राज्य पहुंच गया था। वहां उसकी देखभाल केरल की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की ओर से की जा रही थी। जब भी उससे उसके घर का पता पूछा जाता था, तो वह इतना ही बता पाता था कि उसका घर चाईबासा जिले के एक पहाड़ पर है। वह कहता था कि पहाड़ बहुत बड़ा नहीं है और उसके नीचे एक स्कूल स्थित है। वह अपने पिता का नाम बोलराम, मां का नाम मनी, भाई का नाम फंटूश और दो छोटी बहनों के नाम तुरकी और तेरकी बताता था।

सोशल मीडिया और मानवीय सूचना के माध्यम से मिला

इस सीमित जानकारी के आधार पर पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बालक की पहचान कराने के लिए उसका फोटो और विवरण जिले के सभी थाना प्रभारियों और संबंधित शाखाओं को भेजा। इसके साथ ही विभिन्न माध्यमों से जानकारी साझा कर उसकी पहचान करने का प्रयास शुरू किया गया। पुलिस का यह प्रयास आखिरकार सफल साबित हुआ और सोशल मीडिया और मानवीय सूचना के जरिए बच्चे के परिजनों तक यह खबर पहुंच गई। इसके बाद परिजन सामने आए और पुलिस ने सभी तथ्यों का सत्यापन कराया।

परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने की मिली सूचना

जांच में पता चला कि बालक का नाम राजा गोप उर्फ गोमा है। उसके पिता का नाम बोडराम उर्फ बुधराम गोप और माता का नाम मानी गोप है। वह पश्चिम सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र के हाड़ीमारा गांव के रहने वाले हैं। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और वर्तमान में जीविका चलाने के लिए पश्चिम बंगाल में मजदूरी कर रहा है।

पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी गुहार

परिजनों से संपर्क होने के बाद उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने बालक को वापस लाने के लिए पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद चाईबासा पुलिस ने एक टीम को केरल भेजा। पुलिस टीम ने आठ मार्च को केरल की बाल कल्याण समिति से बच्चे को प्राप्त किया और उसे लेकर वापस चाईबासा पहुंची।

पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता की हर ओर चर्चा हो रही है।

मंगलवार को सोनुवा थाना में सभी औपचारिकताओं के बाद बालक को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। करीब 12 साल बाद अपने बेटे को पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस पूरे मामले में चाईबासा पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता की हर ओर चर्चा हो रही है।

Cyber Crime News। देवघर पुलिस ने 5 साइबर आरोपी को किया गिरफ्तार

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देवघर // पुलिस ने साइबर के ख़िलाफ़ छापेमारी कर 5 अभियुक्त को किया गिरफ्तार। एक को किया निरुद्ध।

गिरफ्तार/निरूद्ध किये गये व्यक्ति/किशोरों की अपराध शैली निम्न प्रकार हैं-

  • 1. गूगल पर अपना फर्जी मोबाईल नंबर कस्टमर केअर के नाम से अपलोड कर साइबर ठगी करना।
  • 2. फर्जी Phonepe /Paytm Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर Phonpe Gift Card Create करवाकर उसे Redeem कर ठगी करना।
  • 3. फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बन्द कर उपभोक्ताओं को झांसा देकर तथा आम सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता

  • 1. असलम अंसारी, उम्र करीब 30 वर्ष, पे०-जहरूद्दीन मियां, सा०-कालीजोत,थाना-सारठ,
  • 2. राहुल कुमार दास, उम्र करीब 20वर्ष, पे०-स्व० आनंदी दास, सा०-कोरकोटा, थाना-मधुपुर,
  • 3. आशीष यादव, उम्र-करीब 30वर्ष, पे०-अनिरूध प्र० यादव, सा०-बाबुपुर, थाना-मोहनपुर,
  • 4. विपीन कुमार यादव, उम्र करीब 26 वर्ष, पे० योगेन्द्र प्रसाद यादव, सा०-कुशमाहा,
  • 5. नितीश कुमार, उम्र करीब 27 वर्ष, पे०-योगेन्द्र प्रसाद यादव, सा०-कुशमाहा, सभी जिला-देवघरगिरफ्तार / निरूद्ध किये गये व्यक्ति/किशोरों के पास से बरामद सामानों की विवरणी।

गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने 7 मोबाइल 8 सिम कार्ड को किया बरामद।

पैसे के लिए युवती की हत्या कर आरोपित ने कुएं में फेंका शव, गिरफ्तार

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दुमका // पैसे के लिए 28 वर्षीय युवती की गला दबाकर हत्या कर शव को कुएं में फेंक देने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार आरोपित जागेश्वर मरांडी के निशानदेही पर ही युवती के शव को मुफस्सिल थाना की पुलिस ने बागझोपा गांव के एक कुएं से बरामद कर लिया है। यह घटना 10 फरवरी को मुफस्सिल थाना अन्तर्गत टीकापहाड़ी गांव की है।

युवती के अकाउंट में काफी रूपए थे रुपए के लालच में घटना को दिया अंजाम

जानकारी के अनुसार मृतका सरोधनी हेम्ब्रम टीकापहाड़ी गांव की रहने वाली थी और आरोपित युवक भी उसी गांव का निवासी है। युवक युवती को दीदी बोला करता था। युवती दैनिक मजदूरी किया करती थी। वह काम के सिलसिले में अक्सर पश्चिम बंगाल सहित अन्य प्रदेश भी जाती थी। युवती अपने कमाए रूपयों को अकाउंट में रखा करती थी। युवती के अकाउंट में काफी रूपए थे। इस बात की भनक युवक को लग गई थी। वह युवती के अकाउंट से रूपए लेने के लिए साजिश रचने लगा। आरोपी युवक जागेश्वर मरांडी ने 10 फरवरी को युवती को किसी काम का हवाला देते हुए सुनसान इलाके में बुलाया। युवती युवक पर काफी भरोसा करती थी। उसके बुलावे पर वह सुनसान इलाके में पहुंच गई।

पासवर्ड बताने को तैयार नहीं हुई

युवक ने किसी तरह से युवती के मोबाइल को हासिल किया और उससे फोन-पे के पासवर्ड जानने का प्रयास करने लगा। युवती को संदेह हुआ। वह पासवर्ड बताने को तैयार नहीं हुई। आवेश में युवक ने युवती की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के बाद उसने किसी तरह से उसके फोन पे के पासवर्ड जान लिया। पासवर्ड पता लगते ही युवक ने युवती के अकाउंट से एक लाख रूपया अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया।

परिजनों ने मुफस्सिल थाना में सनहा दर्ज कराया था

रूपए टांसफर होने के बाद उसने युवती की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद युवक गांव में ही रहने लगा था। इधर, परिजन युवती की तलाश अपने स्तर से कई जगहों पर की, लेकिन वह नहीं मिली। युवती के नहीं मिलने पर परिजनों ने अंत में 20 फरवरी को मुफस्सिल थाना में सनहा दर्ज कराई। सनहा दर्ज होने के बाद पुलिस भी अपने स्तर से छानबीन करने में जुट गई।

टेक्निकल सेल की मदद से यह पता लगाया कि 10 फरवरी को दोनों एक साथ थे या नहीं

इधर, युवती के मोबाइल नम्बर से लोकेशन का पता लगाया गया। युवती के अकाउंट को जब पुलिस ने खंगाला तो पता चला कि 10 फरवरी को ही गांव के ही जागेश्वर मरांडी के अकाउंट में एक लाख रूपया ट्रांसफर हुए है। पुलिस को संदेह हुआ और उक्त युवक को पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया। पूछताछ में उसने किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से यह पता लगाया कि 10 फरवरी को दोनों एक साथ थे या नहीं। टेक्निकल सेल से पता चल गया कि घटना के दिन दोनों एक साथ थे।

छानबीन में पता चला कि गांव के ही युवक ने उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया है

बाद में पुलिस ने दोबारा युवक को थाने बुलाया और सख्ती से पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस अब युवक के विरुद्ध हत्या कर साक्ष्य छूपाने की प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया जाएगा। मुफस्सिल थाना प्रभारी लोरेंसिया केरकेट्टा ने बताया कि 20 फरवरी को युवती के लापता होने का परिजनों से सनहा दर्ज कराया था। छानबीन में पता चला कि गांव के ही युवक ने उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया है।

Ranchi News। सेना के जवान ने की खुदकुशी

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रांची // राजधानी के धुर्वा थाना क्षेत्र के स्मार्ट सिटी में एक सेना के जवान के खुदकुशी करने का मामला सोमवार को प्रकाश में आया है। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल से एक बाइक भी बरामद की गई है। मृत युवक की पहचान जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र निवासी अमन कुमार के रूप में हुई है। वह सेना का जवान था और दिल्ली में पोस्टेड था। वहीं, मृतक के पिता प्रमोद कुमार और पत्नी ने हत्या कर खुदकुशी दिखाने का आरोप लगाया है।

धुर्वा थाना प्रभारी विमल किंडो ने बताया कि अमन यादव ने किस वजह से खुदकुशी की है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही सही कारण का पता चल पायेगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।

कोर्ट से आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

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देवघर // एसीजेएम आनंद सिंह की अदालत द्वारा आरोपित मुकेश प्रसाद राय को राहत नहीं दी गयी। इस आरोपित की ओर से दाखिल जमानत आवेदन पर सुनवाई की गयी, जिसमें अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी गयी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी गयी। आरोपित जसीडीह थाना के रायडीह गांव का रहने वाला है और इसके विरुद्ध जसीडीह थाना में केस दर्ज हुआ है, जिसमें जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से जख्मी करने का आरोप लगाया गया है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट 10 मार्च को करेगा सुनवाई

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया है। आज याचिकाकर्ताओं के वकील मेनका गुरुस्वामी ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशन करते हुए याचिका पर सुनवाई की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने 10 मार्च को सुनवाई करने का आदेश दिया।

मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि अपील स्वीकार्य है।

याचिका में कहा गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान याचिकाकर्ताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। याचिकाकर्ताओं के नाम पहले के वोटर लिस्ट में नाम थे। इन्होंने पहले मतदान किया था लेकिन उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए। तब कोर्ट ने कहा कि मौजूदा हालात में वे न्यायिक अधिकारियों के फैसलों पर अपील नहीं कर सकती। तब मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि अपील स्वीकार्य है।

झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करें।

उच्चतम न्यायालय ने 24 फरवरी को पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के एसआईआर में दावे और आपत्तियों का निपटारा करने के लिए राज्य के बाहर के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करने की अनुमति दी थी। उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस से कहा था कि वे इस काम में तीन साल के अनुभव वाले एडिशनल सिविल जजों के अलावा झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करें।

न्यायिक अधिकारियों की तैनाती पर आया खर्च निर्वाचन आयोग वहन करेगा।

दरअसल, कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस ने उच्चतम न्यायालय से कहा था कि राज्य में ‘तार्किक विसंगति’ के 50 हजार से ज्यादा मामले हैं जिनका निपटारा करने के लिए न्यायिक अधिकारियों की कमी पड़ जाएगी। उच्च न्यायालय की ओर से कहा गया था कि इस काम के लिए करीब 250 न्यायिक अधिकारियों को 80 दिनों तक तैनात करना पड़ेगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि पश्चिम बंगाल से बाहर के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती पर आया खर्च निर्वाचन आयोग वहन करेगा। निर्वाचन आयोग राज्य के बाहर के न्यायिक अधिकारियों के यात्रा, ठहरने और मानदेय का खर्च वहन करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को एसिड अटैक सर्वाइवर को सरकारी नौकरी देने दिया निर्देश

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वो सभी पीड़ितों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की नीति बनाएं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगर नौकरी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती तो राज्यों को पीड़ितों को गुजारा भत्ता देने की नीति बनानी चाहिए।

इसके पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसिड हमले से जुड़े मामलों में दोषियों के लिए असाधारण सजा का प्रावधान करने की वकालत की थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कानून में बदलाव कर पर विचार करने को कहा ताकि ऐसे मामलों से दहेज हत्या के मामलों की तरह सख्ती से निपटा जा सके।

केसों की स्थिति और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे उपायों का जिक्र होना चाहिए

उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे एसिड अटैक से जुड़े मामलों का हर साल का विस्तृत ब्यौरा दें। इस रिपोर्ट में कोर्ट में केसों की स्थिति और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे उपायों का जिक्र होना चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया था कि इससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट गठित किए जाएं। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह इस संबंध में कानून में संशोधन करने पर विचार करें ताकि तेजाब से पीड़ित लोगों को राइट आफ पर्संस विद डिसेबिलिटी एक्ट के तहत दिव्यांग की परिभाषा में शामिल किया जा सके। याचिका एसिड हमले से पीड़ित शाहीन मलिक ने दायर की है।

एसिड अटैक के पीड़ितों को दिव्यांग की तरह का दर्जा दिया जाए

पीड़ितों को मुआवजा मिलने में देरी पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों से संपर्क करने को कहा है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों को एक चार्ट बनाने का भी निर्देश दिया जिसमें पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा मुआवजा मांगने का समय और इसे प्राप्त करने का दिन शामिल करने को कहा गया है। याचिका में मांग की गई है कि एसिड अटैक के पीड़ितों को दिव्यांग की तरह का दर्जा दिया जाए ताकि उसे दूसरी सुविधाएं मिल सकें।

याचिका में 2023 के लक्ष्मी बनाम भारत संघ के फैसले का हवाला दिया गया है

बता दें कि एसिड अटैक के मामले में उच्चतम न्यायालय में एक और याचिका पहले से लंबित है। याचिका मुंबई के एनजीओ एसिड सर्वाइवर्स साहस फाउंडेशन ने दायर किया है। याचिका में 2023 के लक्ष्मी बनाम भारत संघ के फैसले का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि एसिड अटैक पीड़ित को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि संबंधित राज्य सरकार द्वारा देखभाल और पुनर्वास लागत के रुप में न्यूनतम तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।

यूपी के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह 301वीं रैंक पाने वाली सफल अभ्यर्थी : यूपीएससी

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नई दिल्ली // संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में रैंक 301 को लेकर सामने आए विवाद पर सोमवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि इस रैंक पर चयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की आकांक्षा सिंह हैं।

आयोग ने बताया कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि एक ही नाम की दो अभ्यर्थी, आकांक्षा सिंह, सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में समान रैंक 301 प्राप्त करने का दावा कर रही हैं। यूपीएससी द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार आयोग के अभिलेखों के मुताबिक रैंक 301 प्राप्त करने वाली सफल अभ्यर्थी का विवरण इस प्रकार है— आकांक्षा सिंह, रोल नंबर 0856794, पिता का नाम रंजीत सिंह और माता का नाम नीलम सिंह, जिनका पता उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अभयपुर गांव का है।

बिहार की नहीं यूपी की आकांक्षा सफल

उल्लेखनीय है कि विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार निवासी एक अन्य आकांक्षा सिंह ने भी परीक्षा में 301वीं रैंक प्राप्त करने का दावा किया था, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। इस बीच परिणाम सामने आने के बाद गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने भी 301वीं रैंक प्राप्त करने की जानकारी दी थी। आयोग के स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि रैंक 301 पर चयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश की हैं। यूपीएससी ने छह मार्च को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित किया था।

प्रधान जिला जज ने किया चलंत लोक अदालत का शुभारंभ

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खूंटी // झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक विधिक सेवाएं और विधिक जागरूकता उनके द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को जस्टिस ऑन व्हील्स (चलंत लोक अदालत) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ रसिकेश कुमार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने किया।

प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश ने बताया इस पहल का उद्देश्य

इस अवसर पर पीडीजे ने सिविल कोर्ट परिसर से जस्टिस ऑन व्हील्स वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में सभी न्यायिक पदाधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न्याय तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करना है। जस्टिस ऑन व्हील्स वाहन मार्च 2026 के पूरे माह तक खूंटी जिले के विभिन्न प्रखंड और गांवों का भ्रमण करेगा, जिसके दौरान चलंत लोक अदालत और विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से लोगों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता, विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और लोक अदालत के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को विधिक परामर्श देंगे

इसके अतिरिक्त लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार मेें उपलब्ध मध्यस्थता (मेडिएशन) प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी, जिसके माध्यम से प्रशिक्षित मध्यस्थों की सहायता से आपसी संवाद और सहमति के आधार पर विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सकता है एवं लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बचा जा सकता है। इस अभियान के अंतर्गत पैनल अधिवक्ताओं, विधिक सहायता रक्षा परामर्शदाता प्रणाली (एलएसडीए) के सदस्यों और पैरालीगल वॉलंटियर्स को भी इस जस्टिस ऑन व्हील्स कार्यक्रम से संबद्ध किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को विधिक परामर्श देंगे और उन्हें उपलब्ध विधिक सेवाओं के बारे में जागरूक करेंगे।

सभी के लिए न्याय तक पहुंच के उद्देश्य को सुदृढ़ करेगी।

इस यात्रा के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम गांवों में लोगों से बातचीत करेगी, उनकी विधिक समस्याओं को सुनेगी, जानकारी संबंधी सामग्री वितरित करेगी और उपयुक्त मामलों के निपटारे के लिए चलंत लोक अदालत के माध्यम से सहायता देगी। इस प्रकार यह पहल विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने और सभी के लिए न्याय तक पहुंच के उद्देश्य को सुदृढ़ करेगी।

हत्या मामले में पांच गिरफ्तार देसी कट्टा और बाइक बरामद

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खूंटी // जिले के कर्रा थाना क्षेत्र के टिमड़ा गांव में जमीन विवाद को लेकर शनिवार की रात हुई सुकरा महतो की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक शूटर सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष टोप्पो ने सोमवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।

एसपी ने बताया कि छह मार्च की रात कर्रा थाना क्षेत्र के टिमड़ा गांव में अपराधियों ने गोली मारकर सुकरा महतो की हत्या कर दी थी। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से कर्रा थाना में मामला दर्ज कराया गया था। कांड की गंभीरता को देखते हुए तोरपा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की गई।

गिरफ्तार आरोपितों के नाम पता

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने आठ मार्च को कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपितों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में विकास महतो (26), बिनोद महतो (23), रामप्रसाद महतो उर्फ छोटू (24), सिकन्दर महतो उर्फ सचिन (28) और रामू महतो (24) शामिल हैं। सभी आरोपित कर्रा थाना क्षेत्र के टिमड़ा गांव के ही रहने वाले हैं। इनमें विकास महतो शूटर है, जिसने सुकरा महतो को गोली मारी थी।

एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उन्होंने बताया कि सुकरा महतो के ससुर का कोई बेटा नहीं था। ऐसी स्थिति में उनके ससुर ने अपनी लगभग 17 एकड़ जमीन अपनी दो बेटियों (जिसमें एक सुकरा महतो की पत्नी भी शामिल है) के नाम लिख दी थी। इसके बाद से सुकरा अपने परिवार के साथ टिमड़ा गांव में ही रह रहे थे।

जमीन में बेटियों को हिस्सा मिलने को लेकर घटना को दिया अंजाम

आरोपितों को यह बात नागवार गुजर रही थी कि उनके गोतिया की जमीन बेटियों को मिल गई। उनका मानना था कि जमीन में बेटियों को हिस्सा नहीं मिलना चाहिए था। इसी जमीन को लेकर मामला अदालत तक पहुंच गया था, जहां फैसला सुकरा महतो के पक्ष में आया था। अदालत का फैसला आने के बाद भी आरोपितों में नाराजगी बनी रही और उन्होंने सुकरा के परिवार को मार डालने की योजना बनाई।

इसी रंजिश के चलते आरोपितों ने योजनाबद्ध तरीके से सुकरा महतो की छह मार्च की रात गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने सुकरा महतो के बेटे अर्जुन मुंडा को भी गोली मार दी, पर वह बच गया। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

हत्या में प्रयुक्त एक देसी कट्टा और एक अपाची बाइक को जंगल से किया बरामद

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक देसी कट्टा और एक अपाची बाइक ( जेएच 23ए-3806 ) को जंगल से बरामद किया है। पुलिस के अनुसार इस कांड में शामिल अन्य शूटर और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में शामिल बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री से विधानसभा की महिला सदस्यों ने की मुलाकात, महिला दिवस की दी शुभकामनाएं

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रांची // झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में विधानसभा की महिला सदस्यों ने मुलाकात की और उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सभी महिला सदस्यों को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उपस्थित महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया और राज्य के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने की हुई बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

इस दौरान विधानसभा की महिला सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री को राज्य में महिलाओं के उत्थान, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव साझा किए। मुलाकात के दौरान महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने तथा राज्य के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।

वार्ड-7 से निर्वाचित पार्षद के जाति प्रमाण पत्र की जांच की मांग

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पूर्वी सिंहभूम // मानगो नगर निगम चुनाव 2026 के बाद अब वार्ड संख्या-07 से निर्वाचित पार्षद के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस संबंध में मोहम्मद असगर अहमद ने सोमवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

वैध जाति प्रमाण पत्र नहीं है, तो यह निर्वाचन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि मानगो नगर निगम का चुनाव 23 फरवरी 2026 को संपन्न हुआ था और 27 फरवरी 2026 को इसके परिणाम घोषित किए गए थे। परिणाम के अनुसार वार्ड संख्या-7 से अशोक कुमार निर्वाचित घोषित किए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वार्ड संख्या-7 की सीट अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित थी, जबकि निर्वाचित प्रत्याशी अशोक कुमार के पास जो जाति प्रमाण पत्र है, वह दर्जी जाति का बताया जा रहा है।शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के पास संबंधित श्रेणी का वैध जाति प्रमाण पत्र नहीं है, तो यह निर्वाचन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

ऐसे में इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्षम स्तर से जांच कराई जानी चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि जांच में प्रमाण पत्र को लेकर किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो निर्वाचन नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।

रेस्टोरेंट हत्याकांड पर डीजीपी ने की उच्चस्तरीय बैठक, वीडियो वायरल मामले में 4 पुलिसकर्मी निलंबित

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रांची // राजधानी रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र अंतर्गत कुटियातू स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई हत्या की घटना को लेकर झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने सोमवार को रांची पुलिस के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने घटना में शामिल अपराधियों की जल्द पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश

बैठक के दौरान डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सूचनाओं का व्यापक रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी अभियान चलाने और कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए। इस बैठक में एडीजी मनोज कौशिक, रांची के एसएसपी राकेश रंजन, एटीएस एसपी ऋषभ कुमार झा, सिटी एसपी पारस राणा तथा एयरपोर्ट थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

होटल संचालक के चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।

उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में अपराधियों ने टीटॉस रेस्टोरेंट घुसकर गोलीबारी की थी। इस दौरान मनीष गोप नामक व्यक्ति को गोली लग गई थी, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद रांची पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं । बताया जा रहा है कि होटल संचालक ने दिसंबर महीने में ही एयरपोर्ट थाना पुलिस को धमकी मिलने की सूचना दी थी। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अपराधियों ने एक दिन पहले रेस्टोरेंट में घुसकर होटल संचालक के चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।

डीजीपी के निर्देश पर चार पुलिसकर्मी निलंबित

इधर, रामगढ़ जिले के रजरप्पा मंदिर में पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना पर भी डीजीपी ने संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखते हुए डीजीपी ने रामगढ़ पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।निर्देश के बाद पुलिस अधीक्षक ने घटना में शामिल चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है। मामले में आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।