श्रीनगर // पहलगाम हमले के बाद बंद किये गए 14 पर्यटन स्थल सोमवार को व्यापक सुरक्षा समीक्षा के बाद फिर से खोलने का फैसला लिया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि गहन सुरक्षा समीक्षा और चर्चा के बाद मैंने कश्मीर और जम्मू डिवीजनों में और अधिक पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया है जिन्हें एहतियाती उपाय के तौर पर अस्थायी रूप से बंद किया गया था।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार एहतियाती उपाय के तौर पर अस्थायी रूप से बंद किए गए पर्यटन स्थलों को तत्काल प्रभाव से फिर से खोला जाएगा। उनके अनुसार कश्मीर डिवीजन के 11 पर्यटन स्थलों बडगाम में यूसमर्ग, दूधपथरी, कोकरनाग में दांडीपोरा पार्क, शोपियां में पीर की गली, दुबजान और पदपावन, श्रीनगर में अस्तनपोरा, ट्यूलिप गार्डन, थजवास ग्लेशियर, गांदरबल में हंग पार्क और बारामूला में वुलर/वाटलैब को तत्काल फिर से खोला जाएगा।इसके अलावा जम्मू डिवीजन के 3 पर्यटन स्थल रियासी में देवी पिंडी, रामबन में महू मंगत और किश्तवाड में मुगल मैदान तुरंत खोले जाएंगे। कश्मीर डिवीजन के 3 स्थल गुरेज, अथवाटू और बंगस और जम्मू डिवीजन का 1 स्थल रामबन में रामकुंड बर्फ पिघलने के बाद फिर से खोले जाएंगे। इन स्थलों के फिर से खुलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उम्मीद है कि ये स्थल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।
खैरथल-तिजारा // राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के खुशखेड़ा-भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली (एम्स) रेफर किया गया है। हादसे के बाद फैक्टरी को सील कर दिया गया है और अवैध गतिविधियों के संबंध में जांच तेज कर दी गई है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, मंत्री बोले– दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
यह हादसा सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे खुशखेड़ा के कारोली औद्योगिक क्षेत्र में हुआ। उस समय फैक्टरी में लगभग 25 मजदूर कार्यरत थे। अचानक हुए तेज धमाके के बाद आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। विस्फोट इतना भीषण था कि सात मजदूर जिंदा जल गए। कई शव बुरी तरह जल चुके थे और घटनास्थल पर शरीर के अंगों के टुकड़े बिखरे मिले, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने पॉलीथीन में एकत्र किया। मृतकों की शिनाख्त डीएनए जांच से कराई जा रही है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित फैक्टरी में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। मौके से बारूद, तैयार पटाखे और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कहा कि यह गारमेंट जोन है, यहां दूसरा व्यवसाय नहीं हो सकता। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि गेट पर ताले लगाकर गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने का कार्य किया जा रहा था। राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान डीएनए से कराई जा रही है। इस दुखद घटना की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। मंत्री अस्पताल भी पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह छोटा एक्सप्लोसिव मटेरियल प्रतीत हो रहा है और गैस रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने आगामी सात दिनों में पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सभी इकाइयों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान संचालित गतिविधियों, अग्नि सुरक्षा उपायों, वैधानिक अनुमतियों और श्रमिक सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार पूरे घटनाक्रम की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है और रीको सहित संबंधित विभागों को सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
इस बीच राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है, जिसने सरकार के सुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। जूली ने आरोप लगाया कि समय पर सूचना और राहत नहीं पहुंचने से हताहतों की संख्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जहां से सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों, निगरानी और अनुमति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि वहां विस्फोटक सामग्री संग्रहीत की जा रही थी। ऐसे में किन विभागों ने अनुमति दी? कौन-कौन से विभाग नियमित जांच के लिए जाते हैं और मॉनिटरिंग की क्या व्यवस्था थी? सरकार को इन सभी बिंदुओं पर जवाब देना चाहिए। हि.स.
नई दिल्ली // राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जुड़े मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ औपचारिक रुप से आरोप तय कर दिया है। साेमवार काे कोर्ट में पेश होकर दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने आरोपों से इनकार करते हुए ट्रायल का सामना करने की बात की। स्पेशल जज विशाल गोगने ने इस मामले में 9 मार्च से रोजाना सुनवाई करने का आदेश दिया।
सीबीआई ने कहा था कि इस मामले में 103 आरोपित हैं, जिसमें से पांच की मौत हो चुकी है। इससे पहले कोर्ट 4 दिसंबर और 10 नवंबर, 2025 को किसी न किसी वजह से फैसला टाल चुका था। कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त, 2025 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले की आरोपित राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर करके जज विशाल गोगने की कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी। प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश भट्ट ने 19 दिसंबर को राबड़ी देवी की याचिका खारिज कर दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने 18 जुलाई, 2025 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। 7 अक्टूबर, 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल कोर्ट ने 25 फरवरी, 2025 को सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था।
नई दिल्ली// दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में जेल में बंद बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को एक लाख के मुचलके पर 18 मार्च तक की अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को करने का आदेश दिया।
आज सुबह जब सुनवाई शुरु हुई, ताे कोर्ट ने कहा कि जब राजपाल यादव दोपहर तीन बजे तक पैसे जमा करेंगे, तो उनकी जमानत पर विचार किया जाएगा। दोपहर तीन बजे कोर्ट को बताया गया कि इस मामले के शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के खाते में डेढ़ करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। उसके बाद कोर्ट ने राजपाल यादव को एक लाख के मुचलके पर जमानत पर 18 मार्च तक रिहा करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान 12 फरवरी को कोर्ट ने राजपाल यादव के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालयमें भी चुनौती दी गई थी लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके पहले 5 फरवरी को उच्च न्यायालय ने राजपाल यादव को कोई भी राहत देने से इनकार करते हुए तुरंत सरेंडर करने को कहा था जिसके बाद राजपाल यादव ने जेल में सरेंडर कर दिया था।
राजपाल यादव को कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। हालांकि, जून 2024 में उच्च न्यायालय ने सजा को निलंबित कर दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि राजपाल यादव आदतन अपराधी नहीं हैं इसलिए उनकी सजा निलंबित की जाती है। दरअसल, कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस केस में दोषी करार देने के बाद राजपाल यादव पर 1.60 करोड़ का जुर्माना लगाया था। कड़कड़डूमा कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव की पत्नी राधा पर भी 10 लाख रुपये प्रति केस जुर्माना लगाया था। दोनों को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में यह सजा सुनाई गई थी।
शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने कोर्ट को बताया था कि राजपाल ने अप्रैल, 2010 में फिल्म अता पता लापता पूरी करने के लिए कंपनी से मदद मांगी थी। 30 मई, 2010 में दोनों के बीच करार हुआ और उन्होंने राजपाल यादव की कंपनी को 5 करोड़ का लोन दे दिया। करार के मुताबिक राजपाल को ब्याज सहित 8 करोड़ लौटाने थे। लेकिन वह पहली बार ये रकम नहीं लौटा सके। उसके बाद दोनों के बीच तीन बार करार का रिनिवल हुआ। 9 अगस्त, 2012 को वह अंतिम करार में आरोपित राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता को 11 करोड़ 10 लाख 60 हजार 350 रुपए लौट आने की सहमति भी थी। राजपाल यादव की कंपनी यह भी पैसा देने में नाकाम रही।
अपने बचाव में राजपाल यादव ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से कोई उधार नहीं लिया था। राजपाल यादव के मुताबिक मुरली प्रोजेक्ट की कंपनी में पैसा निवेश किया था, लेकिन कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनकी दलील को अस्वीकार करते हुए उन्हें चेक बाउंस का दोषी पाया था।
मीरजापुर // गलती से अनजान खाते में भेजी गई रकम को वापस दिलाकर अहरौरा थाना की साइबर टीम ने सराहनीय पहल की है। पीड़ित के खाते से ट्रांसफर हुए एक लाख चार हजार रुपये में से 70 हजार 729 रुपये वापस कराए हैं।सोनपुर निवासी अनिल कुमार पांडेय ने 24 जनवरी को थाना अहरौरा की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनसे ऑनलाइन लेनदेन के दौरान गलती से बड़ी रकम अज्ञात व्यक्ति के खाते में चली गई। शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकिंग चैनलों से समन्वय कर 70,729 रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए। रकम वापस मिलने पर सोमवार को अनिल कुमार पांडेय ने थाने पहुंचकर पुलिस टीम का आभार जताया। इस दौरान उन्हें साइबर जागरूकता के तहत ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय भी बताए गए। कार्रवाई में थानाध्यक्ष अजय मिश्र, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल पवन गुप्ता व महिला कांस्टेबल महिमा उपाध्याय की अहम भूमिका रही। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी की सूचना तत्काल 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।
सुदीप्तो सेन एक बार फिर चर्चा में हैं। ‘द केरल स्टोरी’ के बाद अब उनकी आगामी फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का टीज़र जारी कर दिया गया है। टीज़र के साथ फिल्म का नया पोस्टर और रिलीज डेट भी सामने आई है। यह फिल्म भारत के ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और रूढ़िवादी मान्यताओं की पृष्ठभूमि पर आधारित है। करीब 52 सेकंड के इस टीज़र में पुरानी धार्मिक प्रथाओं और नैतिक दुविधाओं की तीखी झलक दिखाई गई है। एक ओर आस्था और भक्ति का भाव है, तो दूसरी ओर मनोकामनाएं पूरी करने के लिए छल, कपट और गलत विश्वासों का सहारा लेते लोगों का चित्रण भी नजर आता है। कम समय में ही टीज़र कई सवाल खड़े करता है और दर्शकों में जिज्ञासा पैदा करने में सफल रहा है।फिल्म का निर्देशन शीलादित्य मौलिक ने किया है। निर्माताओं के अनुसार, ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ‘ 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सामाजिक मुद्दों को उठाने वाली इस फिल्म से एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
नई दिल्ली // कांग्रेस ने भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते से देश के किसानों और जैविक विविधता पर सीधा खतरा बताया। पार्टी ने कहा कि खेती, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार की शर्तें, ये तीन सबसे अहम मुद्दे हैं, जिन पर सरकार ने देशहित को दांव पर लगा दिया है। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि छह फरवरी को जारी हुई रूपरेखा अंतरिम समझौते के पहले ही बिंदु में यह तय किया गया है कि भारत अमेरिका से खाद्य और कृषि उत्पादों का आयात बिना किसी शुल्क के करेगा।
भारत से निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा
यह भारतीय किसानों की आजीविका पर सीधा हमला है। अमेरिका से बिना आयात कर के मक्का, ज्वार और सोयाबीन ऑयल आयात होने पर भारत के किसानों को भारी नुकसान होगा। भारत में मक्का, ज्वार और सोयाबीन का बड़ा उत्पादन होता है, लेकिन अमेरिका इन फसलों का कहीं अधिक उत्पादन करता है और भारत जैसे बड़े बाजार की तलाश में है। अगर अमेरिकी उत्पाद बिना शुल्क भारत में बिकेंगे तो भारतीय किसानों का क्या होगा? उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बांग्लादेश के साथ कपास को लेकर समझौता किया है, जिसके तहत अमेरिकी कपास और धागे से बने कपड़े पर अमेरिका में शून्य शुल्क लगेगा, जबकि भारत से निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा। सरकार ने भी अमेरिका से कपास आयात का दरवाजा खोल दिया है।
भारतीय किसानों और उद्योगों पर दोहरी मार पड़ेगी….
भारत ने 2024-25 में ही अमेरिका से 3,428 करोड़ रुपये का कपास आयात कर लिया, जबकि भारत खुद कपास उत्पादन में सक्षम है। अगर यह आंकड़ा बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपये हो गया तो भारतीय कपास किसानों का क्या होगा। इस समझौते से तिरुपुर, सूरत, पानीपत और लुधियाना जैसे वस्त्र उद्योग केंद्रों पर सीधा असर पड़ेगा। भारत से बांग्लादेश को सालाना 24,550 करोड़ रुपये का कपास और धागा निर्यात होता है, लेकिन अब बांग्लादेश अमेरिका से आयात करेगा, जिससे भारतीय किसानों और उद्योगों पर दोहरी मार पड़ेगी।उन्होंने कहा कि समझौते में अतिरिक्त समानों का उल्लेख है, जिसका मतलब है कि खाद्य और कृषि उत्पादों के अलावा भी अमेरिका से अन्य सामान आयात होंगे। इसमें सेब, संतरा, चेरी, नाशपाती और स्ट्रॉबेरी जैसे फल हैं, जिससे भारतीय फल उत्पादक किसानों को नुकसान होगा।
सुरजेवाला ने कहा कि भारत अब तक जीएम फसलों के आयात की अनुमति नहीं देता था क्योंकि इससे बीज शुद्धता और जैविक विविधता पर असर पड़ता है, लेकिन इस समझौते के बाद प्रसंस्कृत मक्का, ज्वार, सोयाबीन और अन्य उत्पादों के आयात से भारत की जैविक विविधता पर गंभीर खतरा होगा। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते में गैर-व्यापार अवरोध हटाने का मतलब किसानों की सब्सिडी कम करना और जीएम फसलों को मंजूरी देना है। अमेरिका अपने किसानों को सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी देता है, जबकि भारत में प्रति किसान परिवार को केवल 6 हजार रुपये मिलते हैं। इसके बावजूद मोदी सरकार ने अमेरिका की शर्तें मान लीं।
पलामू // पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत द्वारिका पंचायत के रघुआखाड़ गांव में महाशिवरात्रि मेले के दौरान गोलगप्पा खाने के बाद 20 बच्चे बीमार पड़ गए। सभी बीमार बच्चों में उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल सभी प्रभावित बच्चों का इलाज पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है और उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर रघुआखाड़ गांव में मेले का आयोजन किया गया था, जिसमें द्वारिका गांव के यादव टोला, जमुआटांड़ सहित आसपास के कई टोलों के लोग शामिल हुए थे। मेले में पहुंचे बच्चों ने गोलगप्पा खाया था। इसके बाद रविवार रात से ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और सोमवार सुबह तक कई बच्चों में गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची और बीमार बच्चों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र लाकर इलाज शुरू किया गया।
प्रभावित गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।द्वारिका निवासी ध्रुव कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे ने भी मेले में गोलगप्पा खाया था, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। उनका बेटा फिलहाल स्थानीय स्तर पर इलाज करा रहा है।पांकी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और एंबुलेंस गांव भेजी गई थी। वहीं जिले के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गांव में करीब 100 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 20 बच्चे बीमार पाए गए। सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है और स्थिति नियंत्रण में है।
स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर गांव में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने तथा मेले या सार्वजनिक स्थानों पर खाने-पीने में सावधानी बरतने की अपील की है।इधर, बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना मिलने के बाद पांकी विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता के जिला प्रतिनिधि सह नीलाम्बर पितांबरपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रकाश मेहता ने पांकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर बच्चों को स्थिति की जानकारी ली। मौके पर समाजसेवी सुनील गुप्ता, मंडल अध्यक्ष रौशन सिंह भी मौजूद थे।
पश्चिमी सिंहभूम // भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2012 बैच के अधिकारी रविरंजन कुमार विक्रम ने सिंहभूम (कोल्हान) प्रमंडल के 27 वें प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के बाद उनके चाईबासा मुख्यालय आगमन पर परिसदन में स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जहां जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मजिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू एवं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने नवपदस्थापित आयुक्त का स्वागत करते हुए उन्हें प्रमंडल की प्रशासनिक स्थिति, विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों की जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों के साथ औपचारिक मुलाकात और संक्षिप्त चर्चा भी हुई।
पदभार ग्रहण करने के बाद आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पात्र लाभुकों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ मिले और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। स्वागत कार्यक्रम के अवसर पर आयुक्त के सचिव अजय कुमार साव, अपर उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम प्रवीण करेकट्टा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो, उपनिदेशक सामाजिक सुरक्षा खुशेन्द्र सोन केशरी, नजारत उपसमाहर्ता देवेंद्र कुमार और स्थापना उपसमाहर्ता कुमार हर्ष सहित अन्य अधिकारियों ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
देवघर // एडीजे 1 राजीव रंजन की अदालत ने दहेज के लिए महिला की हत्या मामले में दोषी को सुनाई सजा । मोहनपुर थाना क्षेत्र के जनाकी निवासी राजकिशोर मंडल ने अपनी भांजी प्रीति कुमारी की मौत का मामला 5 दिसंबर 2023 को रिखिया थाना में दर्ज कराया । रिखिया थाना कांड संख्या 222/2023 में खरगडीहा निवासी वर्तमान में बंधा थाना रिखिया पति विकास मंडल ससुर प्रभाकर मंडल सास सुनीता देवी ननद प्रतिमा देवी , विनय कुमार मंडल और मुकेश कुमार मंडल के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 120 बी और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसमें कहा गया था कि प्रीति कुमारी को उसके पति और अन्य परिवार के सदस्य दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित करते रहता था। और दहेज के कारण ही भांजी की हत्या कर दिया । जिसके बाद मामले में आरोप पत्र दाखिल किया और ST 157/2024 में ट्रायल शुरू हुआ। ट्रायल के दौरान गवाहों का बयान हुआ और फिर मृतिका के पति विकास कुमार मंडल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 10000 रुपया का जुर्माना भी लगाया गया ।
रांची // झारखंड उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति राजेश कुमार के साथ नोकझोंक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अधिवक्ता महेश तिवारी के खिलाफ जारी आपराधिक अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी है। सोमवार को पांच जजों की पूर्ण पीठ ने अधिवक्ता की ओर से बिना शर्त माफी मांगे जाने को स्वीकार करते हुए अवमानना कार्यवाही समाप्त (ड्रॉप) करने का आदेश दिया।पिछली सुनवाई के दौरान अधिवक्ता महेश तिवारी अदालत में उपस्थित हुए और अपने आचरण के लिए बिना शर्त माफी मांगी। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को सुनाए गए फैसले में पूर्ण पीठ ने माफी स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी।इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय पूर्ण पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय, न्यायमूर्ति आनंद सेन और न्यायमूर्ति राजेश शंकर भी शामिल थे।
दरअसल, न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अदालत में एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता महेश तिवारी और न्यायामूर्ति राजेश कुमार के बीच नोकझोंक हो गई थी। इस घटना को उच्च न्यायालय ने गंभीरता से लिया था। उस समय पूर्ण पीठ ने घटना से संबंधित वीडियो भी देखा था और अधिवक्ता से उनका पक्ष जानना चाहा था।प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अधिवक्ता महेश तिवारी ने कहा था कि उन्होंने उपरोक्त बातें न्यायाधीश से पूरी तरह होश में कही थीं और उन्हें इस पर कोई खेद नहीं है। इसके बाद पूर्ण पीठ ने संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया था। अधिवक्ता ने इस नोटिस को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। हालांकि, बाद में अधिवक्ता द्वारा बिना शर्त माफी मांगने के बाद उच्च न्यायालय ने इसे स्वीकार करते हुए अवमानना कार्यवाही समाप्त कर दी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। हि. स.
हजारीबाग // हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड के बादम पंचायत स्थित बाबूपारा गांव में राम विलास दास के घर से उनके पिता वकील राम, मां झुनिया देवी का शव बरामद किया गया है।सूत्रों के अनुसार प्रथम दृष्टया दोनों की गला रेतकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और घर को चारों ओर से घेर कर जांच शुरू कर दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक दंपती का बेटा रामविलास पेशे से शिक्षक है और वर्तमान में हजारीबाग में रहकर नौकरी करता है। गांव में चर्चा है कि हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई है, कारण कि घर में संघर्ष के ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर हत्यारे घर के भीतर कैसे दाखिल हुए।
पुलिस हर पहलु से जांच में जुटी है, वहीं गांव में डर और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी कृष्णा गुप्ता ने बताया कि जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
कोलकाता // राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई युवासाथी योजना को राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। राज्य के युवाओं के बीच इस योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका प्रमाण इसके पहले ही दिन सामने आ गया।
रविवार से राज्य सरकार ने स्वनिर्भर बांग्ला शिविर के माध्यम से युवासाथी योजना में नामांकन की प्रक्रिया शुरू की। नामांकन प्रक्रिया सुबह से शाम तक चली। युवासाथी के अलावा इन शिविरों से लक्ष्मी भंडार, भूमिहीन कृषि श्रमिकों की आर्थिक सहायता और कृषि क्षेत्र में बिजली बिल माफी जैसी योजनाओं के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं। हालांकि, पहले ही दिन सबसे अधिक आवेदन युवासाथी योजना के लिए ही जमा पड़े। रविवार शाम सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शिविर के पहले दिन चारों योजनाओं को मिलाकर कुल छह लाख से अधिक आवेदन जमा हुए। इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन केवल युवासाथी योजना के लिए थे। यानी पहले ही दिन युवासाथी में लगभग पांच लाख आवेदन दर्ज हो गए।
युवासाथी योजना के तहत राज्य सरकार बेरोजगार युवक-युवतियों को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही स्पष्ट किया है कि यह राशि अप्रैल महीने से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होनी शुरू हो जाएगी। पहले दिन की इस भारी प्रतिक्रिया ने साफ कर दिया है कि युवासाथी योजना राज्य के युवाओं के बीच कितनी लोकप्रिय हो चुकी है। आने वाले दिनों में आवेदन संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
रांची // ब्रिकवे एंड कंपनी के तत्वावधान में स्टार एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन के सहयोग से रविवार को होटल बीएनआर चाणक्य में मिस ग्रैंड झारखंड-2026 का आयोजन किया गया।इसमें मिस ग्रैंड झारखंड-2026 का खिताब नेहा किस्कू को मिला। इस प्रतियोगिता में राज्यभर से आई 12 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सबों ने जलवा बिखेरा। प्रतियोगिता में अंकिता सोनी, प्रवीना मंडल, काजल कुमारी, एंजेलिना, मानवी माही,अविश्का चांद, अलका कुमारी, सोनाली कुमारी, सौम्या पांडेय, पूनम बेक, नेहा किस्कू और अकांच्छा शॉ ने हिस्सा लिया। इन प्रतिभागियों ने रैंप वॉक, टैलेंट राउंड और व्यक्तित्व आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में एमटीवी स्पिलटविला की फाइनलिस्ट अनुष्का घोष ने प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। वहीं, मिस ग्रांड इंडिया के नेशनल डायरेक्टर सौरव आनंद और मिस ग्रांड झारखंड की स्टेट डायरेक्टर स्टेला नारायण ने जज की भूमिका निभाई। मौके पर स्टेला नारायण ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में सौंदर्य के साथ आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्रिकवे एंड कंपनी के संस्थापक लोकेश मिश्रा, क्रिएटिव डायरेक्टर यास्मिन, को-ऑडिनेटर जुही भारती, प्रियांशु चौधरी और प्रीति कुमारी सहित अन्य ने सहयोग दिया।
सिडनी // भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम को 21 रनों से हरा दिया। रविवार को यह मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। बारिश से प्रभावित इस मैच में भारतीय टीम को डकवर्थ-लुईस (डीएलएस) नियम के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजी के लिए उतरी और तेज शुरुआत करते हुए पहले 10 ओवर में 87 रन बना लिए, हालांकि इस दौरान उसने पांच विकेट भी गंवा दिए। बेथ मूनी (5), जॉर्जिया वॉल (18), एलिस पेरी (20), एश्ले गार्डनर (4) और फीबी लिचफील्ड (26) सस्ते में आउट हो गईं।
जॉर्जिया वेयरहम ने 19 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 30 रन बनाए लेकिन नियमित अंतराल पर गिरते विकेटों के कारण ऑस्ट्रेलियाई टीम 18 ओवर में 133 रन पर ऑलआउट हो गई।भारत की ओर से अरुंधति रेड्डी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। रेणुका सिंह ठाकुर और श्री चरणी ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि दीप्ति शर्मा और क्रांति गौड़ को एक-एक सफलता मिली।
134 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 11 गेंदों में एक चौका और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाए। भारत ने 5.1 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 50 रन बना लिए थे, तभी तेज बारिश शुरू हो गई। बाद में जब बारिश नहीं थमी तो डकवर्थ-लुईस नियम के तहत भारतीय टीम को 21 रन से विजेता घोषित कर दिया गया।ऑस्ट्रेलिया की ओर से सोफी मोलिन्यूक्स ने एकमात्र विकेट हासिल किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।