देवघर। जिले में विकास योजनाओं को गति देने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में राजस्व एवं भू-अर्जन कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सुरक्षा और परिवहन से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में देवघर जिले में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण, 50 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, कुंडा थाना के नए भवन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की दिशा में भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारियों को इन परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त भूमि का चयन करने को कहा।
रेलवे और सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
समीक्षा के दौरान मोहनपुर-हंसडीहा, बासुकीनाथ-चितरा और जसीडीह बाईपास रेल लाइन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा देवघर बाईपास राजमार्ग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की विभिन्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को जल्द दूर कर परियोजनाओं को गति देने का निर्देश दिया।
सरकारी जमीन से हटेगा अतिक्रमण, चलेगा विशेष अभियान
उपायुक्त ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को गंभीरता से लेते हुए सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और हाट-बाजारों पर भी जोर
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर शेष आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, स्थानीय हाट-बाजारों के विकास, नई जमीन की उपलब्धता और पुराने बाजारों के जीर्णोद्धार को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके साथ ही परिशोधन पोर्टल पर लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अंचलाधिकारियों को स्थानीय प्रधानों के साथ नियमित बैठक करने तथा आपदा से जुड़े लंबित मामलों और मुआवजा राशि के वितरण में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा गया।
बैठक में भू-अर्जन एवं विशेष भू-अर्जन से संबंधित मामलों में तेजी लाने के साथ विधि विभाग के अधिकारियों को भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, विभिन्न अंचलों के अंचलाधिकारी, विशेष भू-अर्जन से जुड़े अधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, विधि विभाग के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
