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स्टार्टअप्स के लिए तकनीक एक गेम चेंजर:- उपायुक्त -

स्टार्टअप्स के लिए तकनीक एक गेम चेंजर:- उपायुक्त

देवघर // उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा STPI द्वारा आयोजित TECHINNOVA2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही बच्चों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने आधुनिक युग में तकनीक की महत्ता और जिम्मेदार नागरिकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक केवल काम आसान करने का जरिया नहीं, बल्कि योजना बनाने और समस्याओं के समाधान का सबसे सशक्त माध्यम बन चुकी है।

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स्टार्टअप्स कम समय में अधिक प्रभावी परिणाम दे रहे हैं

आगे उपायुक्त ने कहा कि आज के स्टार्टअप्स के लिए प्लानिंग और प्रॉब्लम-सॉल्विंग की प्रक्रिया पूरी तरह बदल चुकी है। डेटा एनालिटिक्स और सिमुलेशन सॉफ्टवेयर की मदद से अब उद्यमी जमीन पर उतरने से पहले ही जोखिमों का आकलन कर पा रहे हैं। तकनीक की मदद से संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो रहा है, जिससे स्टार्टअप्स कम समय में अधिक प्रभावी परिणाम दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तकनीक के जुड़ाव पर चर्चा करते हुए उन्होंने iRAD (Integrated Road Accident Database) सॉफ्टवेयर का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे और बेहतर बनाने हेतु तकनीक का उपयोग करते हुए iRAD जैसे सॉफ्टवेयर का प्रभावी बनाया जा सकता है।

“जब तकनीक और जिम्मेदारी एक साथ चलेंगे, तभी देश का वास्तविक विकास संभव है।”

संबोधन के अंत में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह ‘सिविक सेंस’ (नागरिक बोध) का विकल्प नहीं हो सकती। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बुनियादी जिम्मेदारियों, जैसे यातायात नियमों का पालन, स्वच्छता बनाए रखना और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के प्रति सजग रहें। उन्होंने कहा, “जब तकनीक और जिम्मेदारी एक साथ चलेंगे, तभी देश का वास्तविक विकास संभव है।”

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