देवघर // विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) देवघर द्वारा आईएमए हॉल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईएमए सदस्यों, नर्सिंग छात्र-छात्राओं तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान सभी चिकित्सकों से अपने क्लिनिक, नर्सिंग होम और अस्पतालों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र बनाए रखने का आह्वान किया गया।
आईएमए देवघर ने अस्पतालों, क्लिनिक और सरकारी कार्यालयों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग उठाई
आईएमए देवघर ने बताया कि वर्ष 2024 में इसकी शुरुआत की गई थी, जिसके बाद राज्य स्तर पर भी इस अभियान को समर्थन मिला।आईएमए देवघर ने एम्स देवघर के सहयोग से तम्बाकू निषेध जागरूकता बोर्ड तैयार किया है, जिसे विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में लगाया जाएगा। संस्था की ओर से उपायुक्त और सिविल सर्जन देवघर को पत्र लिखकर सभी सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करने तथा कोटपा (COTPA) 2003 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का अनुरोध किया गया है।
कोटपा-2003 के सख्त पालन का किया आग्रह
राष्ट्रीय आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ धन्वन्तरि तिवारी ने कहा कि तम्बाकू के किसी भी रूप का सेवन शरीर में कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्वों को बढ़ाता है, जिससे मुंह, गला, फेफड़ा और भोजन नली के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ तम्बाकू छोड़ने की अपील की।
IMA देवघर के अध्यक्ष डॉ एन सी गांधी ने चिकित्सकों से मरीजों और उनके परिजनों को तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।कार्यक्रम में आईएमए झारखंड के उपाध्यक्ष डॉ आर एन प्रसाद, संयुक्त सचिव डॉ गोपाल जी शरण , सचिव संजय कुमार सहित आईएमए देवघर के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
संदेश: “तम्बाकू छोड़ें, स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं।
