देवघर// देवघर जिले में कपड़ा व्यवसायी से 5.60 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती शिकायत में लूट की बात कही गई थी, लेकिन पुलिस की जांच में मामला फर्जी निकला। मिली जानकारी के अनुसार, व्यवसायी ने कर्ज के दबाव से परेशान होकर कथित लूट की कहानी गढ़ी थी।
चार घंटे के भीतर पुलिस ने किया मामले का खुलासा
जानकारी के मुताबिक, देवघर–सारठ मुख्य मार्ग पर घोरपरास जंगल के आगे बंद पड़े पेट्रोल पंप के समीप शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे लूट की सूचना पुलिस को मिली थी। शिकायत में बताया गया था कि बाइक सवार बदमाशों ने व्यवसायी से 5.60 लाख रुपये लूट लिए और फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए देवघर पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। हालांकि, पुलिस को लूट की शिकायत की पुष्टि करने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला।
कर्ज के दबाव में रची कथित लूट की कहानी
पुलिस के अनुसार, कपड़ा व्यवसायी राजेंद्र मंडल पर काफी कर्ज था। बताया गया कि वह कर्जदारों के लगातार दबाव से परेशान था। इसी परेशानी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर लूट की झूठी कहानी बनाई।
शिकायत में व्यवसायी ने बताया था कि दुर्गापूजा के दौरान दुकान में हुई बिक्री के 5.60 लाख रुपये लेकर वह घोरपरास बैंक में जमा करने जा रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर बदमाशों ने रुपये लूट लिए। पुलिस की पूछताछ के दौरान मामले की सच्चाई सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खुला मामला
सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की विभिन्न बिंदुओं पर जांच की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ स्थानीय स्तर पर पूछताछ भी की। करीब चार घंटे के भीतर मामले का खुलासा किया गया।

इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच करती है। झूठी शिकायत दर्ज कराने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
